त्योहारों के बीच पाली से आई इस खबर ने औद्योगिक क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। देर रात फैक्ट्री में लगी भीषण आग में तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें जोधपुर रेफर करना पड़ा। सबसे बड़ी चिंता उन दो श्रमिकों को लेकर है, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया — उनके मोबाइल पर घंटी बज रही है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।
दो श्रमिक लापता: मोबाइल पर घंटी, पर फोन उठता नहीं
आग पर काबू पा लेने के बाद जब श्रमिकों की गिनती हुई, तो दो लोग गायब मिले। परिजनों और साथियों ने जब उनके मोबाइल पर फोन किया, तो घंटी बजती रही — यानी फोन फैक्ट्री परिसर या उसके आसपास कहीं है, पर उठाने वाला कोई नहीं। बचाव दल दोनों श्रमिकों की तलाश में जुटा है। घटनास्थल पर मलबा और दमघोटू धुआं तलाशी अभियान को मुश्किल बना रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जब तक अंदर की पूरी जांच नहीं हो जाती, कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।
आग की शुरुआत: 17 श्रमिक थे मौके पर, देखते ही देखते विकराल बनी
हादसे के वक्त फैक्ट्री में कुल 17 श्रमिक काम कर रहे थे। देर रात अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग और घने धुएं से फैक्ट्री के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कई श्रमिक किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन तीन श्रमिक आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।
तीनों घायल जोधपुर रेफर: हालत गंभीर
झुलसे हुए तीनों श्रमिकों को पहले पाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया। जलने के मामलों में बड़े बर्न सेंटर का होना अहम होता है, और यही वजह रही कि डॉक्टरों ने समय गंवाए बिना उन्हें जोधपुर भेजा।
दमकल की जंग: 5 शहरों से गाड़ियां, जेसीबी से दीवार तोड़ी
आग की भयावहता को देखते हुए पाली के साथ-साथ सुमेरपुर, रानी, फालना और सोजत से भी दमकल गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंदर पहुंचने का रास्ता बंद था, इसलिए जेसीबी की मदद से फैक्ट्री की दीवार तोड़ी गई — तब जाकर दमकलकर्मी अंदर दाखिल हो सके और आग बुझाने का अभियान तेज हुआ। तड़के जाकर आग पर काबू पाया जा सका।
मौके पर पहुंचे अधिकारी: जांच के आदेश, कारण अभी अज्ञात
घटना की सूचना मिलने पर औद्योगिक थाना पुलिस, सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत-बचाव कार्य की समीक्षा की। फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है — जांच आग पूरी तरह बुझने और परिसर सुरक्षित घोषित होने के बाद ही शुरू होगी। नुकसान का आकलन भी उसके बाद किया जाएगा।
एक नज़र में — मुख्य तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| स्थान | पाली औद्योगिक क्षेत्र चतुर्थ फेज, ग्वार गांव |
| समय | 18-19 अक्टूबर की देर रात |
| मौके पर श्रमिक | 17 |
| गंभीर रूप से झुलसे | 3 (जोधपुर रेफर) |
| लापता | 2 |
| दमकल की गाड़ियां | पाली, सुमेरपुर, रानी, फालना, सोजत से |
| आग पर काबू | तड़के, जेसीबी से दीवार तोड़कर अंदर पहुंचकर |
| कारण | अभी अज्ञात, जांच बाकी |
औद्योगिक क्षेत्रों में आग की घटनाएं: पाली से सबक
यह पहली बार नहीं है जब औद्योगिक क्षेत्र में आग ने जान-माल को नुकसान पहुंचाया हो। हाल के हफ्तों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं — जोधपुर में बसों और ट्रकों में लगी आग और बालोतरा में नकली दवा फैक्ट्री पर कार्रवाई जैसी खबरें औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी ऑडिट, निकासी मार्ग और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच ऐसे हादसों को रोकने के सबसे असरदार उपाय हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, फैक्ट्री प्रबंधन को भारत सरकार के औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए — कर्मचारियों को आग से निपटने का प्रशिक्षण, इमरजेंसी अलार्म और साफ निकासी मार्ग बुनियादी जरूरतें हैं।
झुलसने पर तुरंत क्या करें: प्राथमिक उपचार की जरूरी बातें
फैक्ट्री हादसों में जलने के मामलों में पहले कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, झुलसे हिस्से को तुरंत साफ, बहते हुए ठंडे पानी से कम से कम 15-20 मिनट तक ठंडा करें — बर्फ, घी, तेल या टूथपेस्ट जैसी घरेलू चीजें कतई न लगाएं, इनसे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। झुलसे हिस्से पर साफ, ढीली पट्टी लगाएं और तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
राजस्थान में गंभीर बर्न मामलों के लिए जोधपुर और जयपुर के सरकारी अस्पतालों में बर्न वार्ड उपलब्ध हैं। फैक्ट्री प्रबंधनों से उम्मीद की जाती है कि परिसर में फर्स्ट-एड किट और प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद रहें — पाली के इस हादसे के बाद इस पहलू पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि आप किसी औद्योगिक क्षेत्र में काम करते हैं, तो अपने कार्यस्थल के आपातकालीन निकास और फायर अलार्म की जानकारी पहले से रखना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: पाली की फैक्ट्री में आग कब लगी?
जवाब: 18-19 अक्टूबर 2026 की देर रात पाली के औद्योगिक क्षेत्र चतुर्थ फेज, ग्वार गांव स्थित एक फैक्ट्री में भीषण आग लगी।
सवाल: हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
जवाब: मौके पर 17 श्रमिक थे। तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे, जिन्हें जोधपुर रेफर किया गया है, और दो श्रमिक अब भी लापता हैं।
सवाल: लापता श्रमिकों की तलाश में क्या प्रगति हुई है?
जवाब: उनके मोबाइल पर घंटी बज रही है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। प्रशासन और बचाव दल तलाश में जुटे हैं; आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
सवाल: आग लगने का कारण क्या पता चला?
जवाब: अभी नहीं। आग बुझने और परिसर सुरक्षित होने के बाद जांच शुरू होगी, तब कारण सामने आएगा।
नोट: यह खबर आईएएनएस एजेंसी फीड के हवाले से तैयार की गई है। जैसे ही लापता श्रमिकों या जांच को लेकर नया अपडेट आएगा, Raj News इस स्टोरी को अपडेट करेगा।