जयपुर फैक्ट्री आग: सांगानेर में गोल्ड चेन फैक्ट्री में भीषण आग, 2 मजदूरों की मौत, 5 झुलसे

जयपुर में आज शाम काम पर गए दो मजदूर कभी घर नहीं लौटे। सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में सोने की चेन बनाने वाली एक फैक्ट्री में लगी आग से निकले जहरीले धुएं ने दो मजदूरों की जान ले ली, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए और अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। फैक्ट्री के अंदर मौजूद सभी छह मजदूर राजस्थान के बाहर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा आज, 22 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे हुआ, जब फैक्ट्री में सामान्य काम चल रहा था।

जयपुर फैक्ट्री आग के बाद धुएं से घिरी इमारत, अंदर फंसे मजदूर

घटना के समय फैक्ट्री में छह मजदूर काम कर रहे थे। अचानक आग की लपटों के साथ घना धुआं फैलना शुरू हुआ और पूरी इमारत देखते ही देखते धुएं से भर गई। अंदर मौजूद मजदूरों के लिए सबसे बड़ा खतरा आग नहीं, बल्कि जहरीला धुआं था — इसी धुएं में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई।

आसपास के लोगों ने धुआं उठता देखा तो पुलिस और दमकल को सूचना दी। सांगानेर सदर थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने अंदर फंसे छहों मजदूरों को बाहर निकाला। धुंए से घिरे परिसर में घुसकर लोगों को निकालना आसान नहीं था, लेकिन दमकलकर्मियों ने तेजी से अभियान चलाया और आखिरकार आग पर काबू पा लिया।

दो मौतें, एक मजदूर की हालत नाजुक — अस्पताल में इलाज जारी

बचाव के बाद सामने आया आंकड़ा बेहद दर्दनाक था। दो मजदूरों की धुएं से दम घुटने के कारण मौत हो चुकी थी। बाकी बचे चार मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन अन्य मजदूरों का इलाज चल रहा है।

सभी मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। फैक्ट्री प्रबंधन और मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने की प्रक्रिया चल रही है। चूंकि सभी मजदूर राजस्थान के बाहर के निवासी हैं, इसलिए परिजनों तक जानकारी पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।

हादसे का पूरा घटनाक्रम एक नजर में

बिंदु विवरण
घटना का स्थान सांगानेर सदर थाना क्षेत्र, जयपुर — गोल्ड चेन बनाने वाली फैक्ट्री
घटना का समय 22 अक्टूबर 2026, शाम करीब 5 बजे
मौतें 2 मजदूर (दम घुटने से)
गंभीर रूप से घायल 5 मजदूर (एक की हालत नाजुक, तीन का इलाज जारी)
फैक्ट्री में मौजूद मजदूर 6 (सभी राजस्थान के बाहर के निवासी)
बचाव दल सांगानेर सदर थाना पुलिस और दमकल विभाग
शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाए गए
आग का कारण अभी स्पष्ट नहीं, जांच जारी

ज्वेलरी फैक्ट्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सोने-चांदी के आभूषण बनाने वाली फैक्ट्रियों में आग का खतरा हमेशा बना रहता है। इन इकाइयों में धातु गलाने की भट्टियां, बिजली के भारी उपकरण, गैस सिलेंडर और विभिन्न प्रकार के रसायन इस्तेमाल होते हैं। एक छोटी सी चिंगारी भी यहां बड़ी तबाही में बदल सकती है। जयपुर की यह घटना इसी आशंका को सच करती है।

जांच का सबसे अहम सवाल यही होगा कि फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम कितने पुख्ता थे। क्या परिसर में पर्याप्त फायर अलार्म लगे थे? क्या आपात स्थिति में कर्मचारियों के बाहर निकलने का साफ रास्ता था? क्या मजदूरों को आग लगने पर क्या करना चाहिए, इसका प्रशिक्षण दिया गया था? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट में सामने आएंगे।

राजस्थान में औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में पाली की फैक्ट्री में भीषण आग में तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनकी खबर Raj News पर यहां पढ़ें। उस हादसे के तीन दिन बाद ही जयपुर की यह घटना औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है।

पुलिस जांच शुरू, फैक्ट्री मालिक से पूछताछ संभव

सांगानेर सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जाएगा — शॉर्ट सर्किट, मशीनों में तकनीकी खराबी या किसी और वजह से आग लगी, यह जांच के बाद ही साफ होगा। फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन से भी पूछताछ की जा सकती है कि सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार फैक्ट्री प्रबंधन को भारत सरकार के औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है — कर्मचारियों को आपातकालीन प्रशिक्षण, फायर अलार्म और साफ निकासी मार्ग बुनियादी जरूरतें हैं।

उल्लेखनीय है कि जयपुर में इसी महीने SMS अस्पताल में लगी आग में 8 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिसकी खबर Raj News पर यहां पढ़ें। अक्टूबर महीना राजधानी के लिए आग हादसों के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

मजदूर परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

मजदूर संगठनों का कहना है कि मृतक और घायल मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। फैक्ट्री में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह नियोक्ता की होती है। अगर सुरक्षा में चूक पाई जाती है, तो प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: जयपुर फैक्ट्री आग कब और कहां लगी?

उत्तर: 22 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5 बजे, जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में गोल्ड चेन बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगी।

प्रश्न 2: हादसे में कितने लोग हताहत हुए?

उत्तर: दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हुई और पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनमें से एक की हालत नाजुक है।

प्रश्न 3: फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर कहां के रहने वाले थे?

उत्तर: फैक्ट्री में मौजूद सभी छह मजदूर राजस्थान के बाहर के निवासी थे।

प्रश्न 4: आग लगने का कारण क्या पता चला है?

उत्तर: अभी तक आग लगने का सही कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। सांगानेर सदर थाना पुलिस जांच कर रही है।

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