कोटा भामाशाह मंडी भाव: किसानों के लिए अच्छी खबर, एक शर्त के साथ
कोटा भामाशाह मंडी भाव इस समय हाड़ौती के किसानों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है। भामाशाह मंडी में सोयाबीन 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार और उड़द 8,700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। लेकिन हर बोरी पर MSP से ज्यादा दाम नहीं मिल रहा — सोयाबीन का औसत सौदा MSP से ऊपर है, जबकि उड़द में सिर्फ अच्छी क्वालिटी वाला माल ही MSP पार कर रहा है।
कोटा भामाशाह मंडी भाव: सोयाबीन और उड़द के ताजा रेट
भामाशाह मंडी के सचिव मनोज कुमार मीणा के मुताबिक, सोयाबीन 6,400 से 7,100 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द 6,000 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में बिक रहा है। जिस भाव पर सबसे ज्यादा माल की तुलाई होती है, उसे मॉडल भाव कहते हैं — सोयाबीन का मॉडल भाव 6,850 रुपये और उड़द का 7,900 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है।
| फसल | भाव का दायरा (₹/क्विंटल) | मॉडल भाव (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|
| सोयाबीन | 6,400 – 7,100 | 6,850 |
| उड़द | 6,000 – 8,700 | 7,900 |
शनिवार के कारोबार की अलग रिपोर्ट भी इसी रुझान की पुष्टि करती है — मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 150 रुपये तेज हुआ और सोयाबीन 5,800 से 7,255 रुपये तथा नया उड़द 4,500 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका।
MSP से तुलना: सोयाबीन में फायदा साफ, उड़द में क्वालिटी ही कुंजी
सरकार ने इस साल सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,708 रुपये और उड़द का 8,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पिछले साल के मुकाबले सोयाबीन के MSP में 380 रुपये और उड़द के MSP में 400 रुपये की बढ़ोतरी हुई है — पिछले साल सोयाबीन का MSP 5,328 रुपये और उड़द का 7,800 रुपये था।
| फसल | MSP 2026 (₹/क्विंटल) | MSP 2025 (₹/क्विंटल) | बाजार का ऊपरी भाव (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|---|
| सोयाबीन | 5,708 | 5,328 | 7,100 |
| उड़द | 8,200 | 7,800 | 8,700 |
अब गणित साफ है। सोयाबीन का मॉडल भाव 6,850 रुपये MSP से करीब 1,140 रुपये ऊपर है — आम किसान को भी सरकारी रेट से अच्छा दाम मिल रहा है। उड़द का मॉडल भाव 7,900 रुपये MSP से 300 रुपये नीचे है, लेकिन ऊपरी भाव 8,700 रुपये MSP से 500 रुपये ऊपर है। इसलिए उड़द में MSP से ज्यादा पाने के लिए सूखा, साफ और बिना दाग वाला माल जरूरी है।
मंडी में आवक कितनी है और भाव ऊंचे क्यों हैं?
भामाशाह मंडी में सोयाबीन की आवक करीब 30,000 क्विंटल यानी लगभग 60,000 बोरी रोजाना और उड़द की आवक करीब 10,000 क्विंटल यानी 20,000 बोरी प्रतिदिन पहुंच रही है। आवक पिछले सालों के मुकाबले कम है, फिर भी भाव ज्यादा हैं। वजहें तीन हैं: कई इलाकों में पीलिया रोग से प्रति बीघा पैदावार घटी, तेल-दाल मिलें ऊंचे भाव पर भी लिवाली कर रही हैं, और पिछले साल भाव का आधार ही नीचे था — सोयाबीन 4,800 रुपये के आसपास बिकी थी। जानकारों का कहना है कि जब तक आवक कम रहेगी, भाव को सहारा मिलता रहेगा, लेकिन आवक बढ़ते ही बाजार नरम भी पड़ सकता है।
किसानों की जुबानी: दाम अच्छे, लेकिन उत्पादन कम होने का मलाल
बारां जिले के अंता इलाके के गणेशपुरा गांव से उड़द बेचने आए किसान अजय सिंह का कहना है कि दाम ठीक मिल रहे हैं, लेकिन उत्पादन सबका कम हुआ है। दो बीघा में करीब 4 क्विंटल ही उत्पादन हुआ, क्योंकि फसल में पीलिया रोग लग गया था। पिछले साल उन्हें उड़द का भाव 7,100 रुपये मिला था, लेकिन तब उत्पादन ज्यादा था — इसलिए कुल आमदनी का हिसाब दाम अकेले से नहीं, उत्पादन से भी जुड़ा है।
सोयाबीन लेकर मंडी पहुंचे किसान कमला शंकर को पिछले साल 4,800 रुपये प्रति क्विंटल मिला था; इस बार एक बार 6,800 रुपये और शनिवार को 7,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला है — यानी करीब 2,000 रुपये से ज्यादा का फायदा। लेकिन बीज खराब होने से उनका उत्पादन करीब 2 क्विंटल प्रति बीघा ही रहा, जबकि दूसरे किसानों का तीन से चार क्विंटल प्रति बीघा है।
सरकारी खरीद की तैयारी: राजफैड तैयार, आदेश का इंतजार
राजफैड के कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक विष्णु दत्त शर्मा के मुताबिक, MSP पर खरीद के लिए सरकार से आदेश आना अभी बाकी है, लेकिन तैयारियां पूरी हैं — टेंडर कर दिए गए हैं। उनका यह भी कहना है कि खुले बाजार में भाव पहले से ही काफी ऊंचे हैं, इसलिए सरकारी खरीद होना मुश्किल लग रहा है। अगर भाव MSP से ऊपर बना रहता है, तो किसानों को खरीद केंद्रों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी; लेकिन आवक बढ़ी और भाव नीचे आए, तो यह तैयारी काम आएगी।
कोटा भामाशाह मंडी भाव से जुड़ी किसानों के लिए काम की सलाह
मंडी जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें। पहली — माल को सुखाकर और साफ करके ले जाएं; नमी वाला माल भाव घटा देता है। दूसरी — पूरा स्टॉक एक साथ न बेचें; दो-तीन किस्तों में बेचने से भाव बढ़ने पर भी फायदा मिलेगा और भाव गिरा तो नुकसान सीमित रहेगा। तीसरी — मंडी जाने से पहले eNAM पोर्टल या अपनी मंडी समिति से ताजा भाव की पुष्टि कर लें; अंतिम सौदा मंडी की नीलामी में होता है। चौथी — तुलाई के समय खुद मौजूद रहें। पांचवीं — MSP की दर (सोयाबीन 5,708 रुपये, उड़द 8,200 रुपये) को अपना न्यूनतम बेंचमार्क मानें।
कोटा मंडी की दूसरी फसलों के लिए लहसुन-धनिया के भाव और धान के रिकॉर्ड भाव की पिछली रिपोर्टें भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: कोटा भामाशाह मंडी में सोयाबीन का भाव क्या है?
जवाब: सोयाबीन 6,400 से 7,100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है, मॉडल भाव 6,850 रुपये है।
सवाल 2: कोटा मंडी में उड़द का भाव कितना है?
जवाब: उड़द 6,000 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में है, मॉडल भाव 7,900 रुपये है। अच्छी क्वालिटी पर ही 8,700 रुपये तक मिल रहा है।
सवाल 3: सोयाबीन और उड़द का MSP कितना है?
जवाब: सोयाबीन का MSP 5,708 रुपये और उड़द का 8,200 रुपये प्रति क्विंटल है — पिछले साल से क्रमशः 380 और 400 रुपये ज्यादा।
सवाल 4: क्या उड़द पर MSP से ज्यादा दाम मिल रहा है?
जवाब: सिर्फ ऊपरी क्वालिटी पर — ऊपरी भाव 8,700 रुपये MSP से ऊपर है, लेकिन मॉडल भाव 7,900 रुपये MSP से नीचे है।
निष्कर्ष
कोटा भामाशाह मंडी भाव की यह तेजी हाड़ौती के किसानों के लिए राहत लेकर आई है — सोयाबीन में MSP से साफ फायदा है और उड़द में अच्छी क्वालिटी पर प्रीमियम मिल रहा है। इसलिए आवक-भाव पर नजर रखें, माल सुखा-साफ करके लाएं और किस्तों में बेचें।
नोट: भाव ETV Bharat (24 अक्टूबर 2026) और लेंडेन न्यूज (25 अक्टूबर 2026) की रिपोर्टों पर आधारित हैं। बेचने से पहले स्थानीय मंडी से पुष्टि करें।