कोटा दशहरा 2026: 105 फीट का हाईटेक रावण तैयार, 360 डिग्री घूमेगी गर्दन, हिलेंगी मूंछें और झपकेंगी आंखें

कोटा का दशहरा हर साल देशभर में चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार की तैयारी देखकर लग रहा है कि कोटा 105 फीट रावण दहन से पहले ही सुर्खियां बटोर लेगा। विजयादशमी के दिन जलने वाला ये पुतला सिर्फ ऊंचाई से नहीं, अपनी हरकतों से भी लोगों को हैरान करने वाला है — इसकी गर्दन 360 डिग्री घूमेगी, हाथ में थमी तलवार चलेगी, मूंछें हिलेंगी और आंखें भी झपकेंगी। यानी इस बार रावण सिर्फ खड़ा नहीं रहेगा, वो ‘जिंदा’ लगेगा।

दशहरा मैदान में इन विशाल पुतलों के निर्माण का काम अंतिम चरण में है और कारीगरों के मुताबिक 10 से 11 अक्टूबर तक तीनों पुतले पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन इनका भव्य दहन होगा।

कोटा 105 फीट रावण: क्या-क्या करेगा ये हाईटेक पुतला

इस बार रावण की ऊंचाई 105 फीट से ज्यादा रखी गई है। खास बात ये है कि पुतले के अंदर ऐसी तकनीक लगाई गई है जिससे दहन से पहले दर्शकों को एक छोटा-सा ‘शो’ भी देखने को मिलेगा — पुतला अपनी गर्दन 360 डिग्री पर घुमाता नजर आएगा। इसके साथ ही उसके हाथ में थमी तलवार चलेगी, मूंछें हिलेंगी और आंखें झपकेंगी।

रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी बनाए जा रहे हैं, जिनकी ऊंचाई करीब 70-70 फीट होगी। तीनों पुतलों के निर्माण का काम बड़े स्तर पर चल रहा है और मैदान में दिन-रात कारीगर जुटे हुए हैं।

पुतले के पीछे का चेहरा: गाजियाबाद के आमिर खान

इन विशाल पुतलों को तैयार करने के लिए दिल्ली-एनसीआर से खास तौर पर कारीगर कोटा पहुंचे हैं। इस भव्य रावण का निर्माण गाजियाबाद निवासी आमिर खान कर रहे हैं। आमिर ने बताया कि पुतले बनाने का काम उनके परिवार में दादा-परदादा के समय से चला आ रहा है — यानी ये कला उन्हें विरासत में मिली है।

सबसे दिलचस्प बात ये है कि आमिर 2019 से लगातार कोटा में रावण का पुतला बनाते आ रहे हैं। हर साल वो कुछ नया करने की कोशिश करते हैं और इस बार उन्होंने तकनीक पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया है। उनके मुताबिक पुतले के अंदर विशेष प्रकार की आतिशबाजी भी सेट की जा रही है, जिससे दहन के दौरान अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेंगे।

कोटा 105 फीट रावण के अंदर क्या-क्या लगा है

इतने विशाल पुतले को खड़ा करना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए जो सामान इस्तेमाल किया गया है, उसकी सूची देखकर ही अंदाजा लग जाता है कि ये कितनी बड़ी परियोजना है:

  • लोहा: करीब 5 टन — पुतले के मजबूत ढांचे के लिए
  • बांस: लगभग 500 बांस की खपच्चियां और ढांचा
  • कपड़ा: करीब 1500 मीटर वेलवेट कपड़ा बाहरी हिस्से के लिए
  • रस्सी-सुतली: 300 किलो सुतली और करीब 2 क्विंटल मजबूत रस्सी
  • कागज: मौसम से बचाने के लिए वॉटरप्रूफ इम्पोर्टेड कागज
  • गोंद: कागज चिपकाने के लिए मैदा से तैयार 1 से 2 क्विंटल लेई
  • आतिशबाजी: दहन के दौरान विशेष प्रभावों के लिए पुतले के अंदर सेट

पिछले साल की 233 फीट वाली कोशिश से मिला सबक

आमिर खान के मुताबिक पिछले साल विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना के चलते रावण निर्माण के काम में गैप आया था। दरअसल, पिछले साल कोटा में 233 फीट ऊंचा रावण बनाने की कोशिश हुई थी, लेकिन दहन के दौरान वो पूरा नहीं जल पाया था और आधा हिस्सा खड़ा रह गया था।

इस बार आयोजकों ने ऊंचाई के रिकॉर्ड की जगह तकनीक और बनावट पर ध्यान दिया है। पुतले का आकार पिछले साल की तुलना में कुछ कम रखा गया है, लेकिन तकनीक और बनावट के लिहाज से इसे बेहद खास तैयार किया जा रहा है। यानी इस बार का मंत्र है — ‘ऊंचा नहीं, शानदार’।

133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला: 26 दिन का पूरा कार्यक्रम

ये हाईटेक रावण 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का हिस्सा है, जिसका शुभारंभ 11 अक्टूबर को होगा और समापन 5 नवंबर को होगा। नगर निगम कोटा द्वारा जारी कार्यक्रम के मुख्य आयोजन इस प्रकार हैं:

11 अक्टूबर — आशापुरा माता पूजन, मेले का उद्घाटन, रामलीला मंचन शुरू

15 अक्टूबर — गीता भवन से श्री राम रंगमंच तक राम बारात

20 अक्टूबर — दशहरा: गढ़ पैलेस से शोभायात्रा, रावण दहन और आतिशबाजी

21 अक्टूबर — भारत मिलाप शोभायात्रा, भगवान राम का राज्याभिषेक

27 अक्टूबर — अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

3 नवंबर — पंजाबी नाइट, ड्रोन शो

4 नवंबर — सिने संध्या (तारों भरी रात)

5 नवंबर — मेले का समापन और आतिशबाजी

20 अक्टूबर को रावण दहन के दिन से मेले की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी। इसी दिन शाम 5 बजे गढ़ पैलेस से दशहरा मैदान तक श्री लक्ष्मीनारायण जी की सवारी और शोभायात्रा निकलेगी, और शोभायात्रा के पहुंचने पर मुहूर्त अनुसार रावण दहन के साथ आतिशबाजी होगी। इस खबर की मुख्य जानकारी राष्ट्रीय समाचार स्रोतों से ली गई है, जिनमें आज तक की रिपोर्ट प्रमुख है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: कोटा में इस बार रावण का पुतला कितना ऊंचा है?
उत्तर: इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई 105 फीट से ज्यादा रखी गई है। साथ में कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी बन रहे हैं, जो करीब 70-70 फीट ऊंचे होंगे।

प्रश्न 2: इस बार के रावण में क्या खास है?
उत्तर: इस बार का रावण हाईटेक है — इसकी गर्दन 360 डिग्री घूमेगी, हाथ में थमी तलवार चलेगी, मूंछें हिलेंगी और आंखें झपकेंगी। पुतले के अंदर विशेष आतिशबाजी भी सेट की जा रही है।

प्रश्न 3: कोटा में रावण दहन कब होगा?
उत्तर: पुतले 10-11 अक्टूबर तक तैयार हो जाएंगे और 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन इनका भव्य दहन होगा।

प्रश्न 4: कोटा का दशहरा मेला कब से कब तक चलेगा?
उत्तर: 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला 11 अक्टूबर से शुरू होकर 5 नवंबर तक चलेगा। 20 अक्टूबर को रावण दहन के दिन से मेले की औपचारिक शुरुआत होगी।

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