खेत में दबोचा गया 35 वर्षीय मास्टरमाइंड
गांधीनगर थाने की पुलिस टीम ने नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र के बंवरला गांव में छापा मारा और 35 वर्षीय कैलाश मेघवाल को उसके खेत से तलाश करके पकड़ लिया। थानाधिकारी अनिल कुमार शर्मा के मुताबिक आरोपी करीब ढाई साल से फरार चल रहा था और अपनी लोकेशन लगातार बदल रहा था। इस बार पुलिस ने तकनीकी जांच और स्थानीय सूत्रों की मदद से उसकी मौजूदगी का पुख्ता पता लगाया, जिसके बाद विशेष टीम ने घेराबंदी करके गिरफ्तारी की। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से अब यह जानने की कोशिश हो रही है कि नकली आभूषणों के जरिए गोल्ड लोन की इस ठगी को अंजाम देने में और कौन-कौन शामिल था, और लोन की रकम आखिर कहां-कहां खर्च हुई।
नकली सोना गोल्ड लोन फ्रॉड की जड़: 2023 में बिछा था जाल
इस कहानी की शुरुआत साल 2023 में हुई, जब आरोपियों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की किशनगढ़ शाखा में सोने के आभूषण गिरवी रखकर गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया। बैंक की सामान्य प्रक्रिया के तहत आभूषणों का मूल्यांकन किया गया और उन्हें असली मानकर 43.14 लाख रुपये का ऋण दे दिया गया। लोन की रकम मिलने के बाद आरोपी गायब हो गए। जब बैंक की ओर से वसूली या दस्तावेज़ीकरण के क्रम में सोने की शुद्धता की दोबारा जांच कराई गई, तो आभूषण नकली निकले — जिसे असली सोना मानकर कर्ज दिया गया था, वह दरअसल बेकार धातु के टुकड़े थे। गौर करने वाली बात यह है कि गोल्ड लोन में बैंक अधिकृत वैल्यूअर से जांच कराता है — फिर शुरुआती मूल्यांकन में नकली आभूषण असली कैसे लगे? क्या जांच में लापरवाही हुई? पुलिस की आगे की जांच इन्हीं सवालों के जवाब तलाशेगी।
कब क्या हुआ: पूरा घटनाक्रम एक नजर में
| समय | घटना |
|---|---|
| 2023 | यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, किशनगढ़ शाखा में नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर 43.14 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया गया |
| 13 अप्रैल 2024 | सोने की शुद्धता जांच में आभूषण नकली मिलने पर बैंक ने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, मुकदमा दर्ज |
| 2024-25 | विशेष टीम ने नागौर के डेगाना क्षेत्र के बंवरला गांव निवासी 34 वर्षीय सूरजादेवी और खोड़ा गणेश रोड के 32 वर्षीय राकेश सोनी को गिरफ्तार किया, दोनों जेल भेजे गए |
| 17 अक्टूबर 2026 | दोनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आए मुख्य आरोपी कैलाश मेघवाल (35) को बंवरला गांव में उसके खेत से गिरफ्तार किया गया |
सोने की शुद्धता जांच ने खोला नकली सोना गोल्ड लोन का राज
इसी प्रक्रिया में जब किशनगढ़ शाखा के अधिकारियों ने आभूषणों की शुद्धता जांच कराई, तो सारे टुकड़े नकली पाए गए। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने 13 अप्रैल 2024 को गांधीनगर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके एक विशेष टीम गठित की, जिसने तकनीकी सहायता और जमीनी सूत्रों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
नकली सोना गोल्ड लोन फ्रॉड पर पुलिस ने ऐसे कसा शिकंजा
पुलिस ने पहले 34 वर्षीय सूरजादेवी और 32 वर्षीय राकेश सोनी को गिरफ्तार किया; दोनों पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। इन्हीं दोनों से पूछताछ के दौरान जांच का रुख मुख्य आरोपी कैलाश मेघवाल की ओर मुड़ा। लेकिन वह पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया। करीब ढाई साल तक वह अपनी लोकेशन बदलता रहा, आखिरकार तकनीकी जांच से उसकी लोकेशन का सुराग मिला और टीम ने गांव में उसके खेत पर दबिश देकर उसे दबोच लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी में इस्तेमाल नकली आभूषण कहां से बने थे, और क्या इस गिरोह का जाल किसी और बैंक तक भी फैला हुआ था।
गोल्ड लोन लेते या गिरवी रखते समय ध्यान रखें ये 5 बातें
इस मामले से आम लोगों और बैंकों दोनों के लिए कुछ अहम सबक निकलते हैं:
- हमेशा हॉलमार्क वाला सोना इस्तेमाल करें: BIS हॉलमार्क असली सोने की गारंटी देता है। बिना हॉलमार्क के आभूषण पर बैंक भी शक करता है और ठग इन्हीं का फायदा उठाते हैं।
- मूल्यांकन रिपोर्ट की कॉपी लें: कर्ज लेने वाले को यह हक है कि अधिकृत वैल्यूअर की जांच रिपोर्ट की कॉपी मांगे — इससे बाद में विवाद नहीं होता।
- कर्ज की शर्तें लिखित में लें: ब्याज दर, अवधि और न चुकाने पर नीलामी की शर्तें हमेशा लिखित में लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देश में बैंकों के लिए पारदर्शिता के नियम तय हैं।
- बिचौलियों के झांसे से बचें: कोई एजेंट अगर “बिना जांच के तुरंत गोल्ड लोन” का दावा करे, तो समझिए कुछ गड़बड़ है। अधिकृत बैंक शाखा से ही लेनदेन करें।
- शक हो तो 1930 पर शिकायत करें: अगर आपको लगता है कि आपके नाम पर कोई फर्जी लोन लिया गया है या आप ठगी का शिकार हुए हैं, तो राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत सूचना दें। राजस्थान में ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। सोने से जुड़ी ठगी के मामले राजस्थान में पहले भी सामने आ चुके हैं — दौसा में नकली सोने की मालाओं से 96 लाख की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश इसका ताजा उदाहरण है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: किशनगढ़ नकली सोना गोल्ड लोन मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
जवाब: तीनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं — मुख्य आरोपी कैलाश मेघवाल (35) को 17 अक्टूबर 2026 को खेत से पकड़ा गया। इससे पहले सूरजादेवी (34) और राकेश सोनी (32) को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका था।
सवाल: धोखाधड़ी कितने रुपये की थी और कब हुई थी?
जवाब: 2023 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की किशनगढ़ शाखा से नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर 43.14 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया गया था। बैंक ने 13 अप्रैल 2024 को गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
सवाल: धोखाधड़ी का पता कैसे चला?
जवाब: बैंक की ओर से गिरवी रखे सोने की शुद्धता की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें सारे आभूषण नकली पाए गए। इसके बाद ही धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
सवाल: मुख्य आरोपी इतने दिन तक फरार कैसे रहा?
जवाब: आरोपी करीब ढाई साल से अपनी लोकेशन बदलता रहा। आखिरकार तकनीकी जांच और स्थानीय सूत्रों से उसकी लोकेशन का सुराग मिला और विशेष टीम ने खेत में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।