साफ पानी का दावा करने वाला जल जीवन मिशन राजस्थान आज फिर सियासी घमासान के केंद्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार (14 अक्टूबर) को राज्य की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला और दावा किया कि प्रदेश में आज भी 44 लाख परिवार नल कनेक्शन के इंतजार में हैं। गहलोत का कहना है कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 2025 तक मिशन पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब लक्ष्य चुपचाप 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
गहलोत के सबसे बड़े दावे, एक नजर में
गहलोत ने ‘एक्स’ पर लगाए मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
| मुद्दा | गहलोत का दावा |
|---|---|
| इंतजार कर रहे परिवार | 44 लाख परिवार अब भी नल कनेक्शन के इंतजार में |
| संकल्प पत्र का वादा | 2025 तक मिशन पूरा करने का वादा था |
| अब का लक्ष्य | लक्ष्य बढ़ाकर 2028 तक कर दिया गया |
| 2024-25 का लक्ष्य | 25 लाख घरों को कनेक्शन देने की घोषणा थी |
| 2025-26 का लक्ष्य | 20 लाख नए कनेक्शन की घोषणा |
| उनकी सरकार का रिकॉर्ड | 2022-23 में एक साल में 14 लाख से ज्यादा कनेक्शन |
| ठेकेदारों का बकाया | करीब 3,200 करोड़ रुपये दो साल से लंबित |
| परियोजनाओं की हालत | मीडिया रिपोर्ट: 90 प्रतिशत पेयजल परियोजनाओं का काम ठप |
| राष्ट्रीय तुलना | देश में औसत 82.52 प्रतिशत, जल जीवन मिशन राजस्थान में सिर्फ 59.24 प्रतिशत |
गहलोत ने सवाल उठाया कि ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद घरों तक पानी क्यों नहीं पहुंच रहा।
संकल्प पत्र का वादा बनाम हकीकत: जल जीवन मिशन राजस्थान का लक्ष्य 2025 से 2028 तक
गहलोत के मुताबिक भाजपा ने विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में साफ कहा था कि जल जीवन मिशन राजस्थान 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन अब सरकार ने खुद लक्ष्य वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है। गहलोत का आरोप है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में 25 लाख और 2025-26 में 20 लाख घरों को नल कनेक्शन देने की घोषणा तो की, लेकिन जमीनी हकीकत इन आंकड़ों से कोसों दूर है।
इसे समझने के लिए 9 अक्टूबर को गहलोत के ही पुराने आरोपों पर नजर डालनी होगी। तब उन्होंने दावा किया था कि 2024-25 के बजट में 25 लाख कनेक्शन का ऐलान हुआ था, लेकिन मिले सिर्फ 9.44 लाख कनेक्शन। और 2025-26 में 20 लाख नए कनेक्शन का वादा किया गया, लेकिन छह महीने में सिर्फ 97,000 कनेक्शन ही दिए जा सके।
जल जीवन मिशन राजस्थान: राष्ट्रीय औसत 82.52%, राज्य सिर्फ 59.24% — कितना पीछे?
गहलोत के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश में नल कनेक्शन का औसत 82.52 प्रतिशत है, जबकि राजस्थान में यह सिर्फ 59.24 प्रतिशत है — यानी राष्ट्रीय औसत से करीब 23 प्रतिशत अंक पीछे।
जल जीवन मिशन राजस्थान में केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना का क्रियान्वयन है, जिसका लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। राजस्थान जैसे रेगिस्तानी प्रदेश में, जहां पानी की किल्लत सदियों पुरानी समस्या है, इतना कम कवरेज गंभीर चिंता का विषय है।
ठेकेदारों के 3,200 करोड़ बकाया और ठप पड़ी परियोजनाएं
गहलोत का एक और बड़ा आरोप ठेकेदारों के भुगतान से जुड़ा है। उनके मुताबिक करीब 3,200 करोड़ रुपये के भुगतान पिछले दो साल से लंबित हैं। जब ठेकेदारों को पैसा ही नहीं मिलेगा, तो काम आगे कैसे बढ़ेगा — यही वजह है कि एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से गहलोत ने दावा किया कि राज्य में 90 प्रतिशत पेयजल परियोजनाओं का काम ठप पड़ा है। 9 अक्टूबर को उन्होंने जलदाय विभाग (PHED) के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए थे — 6 अतिरिक्त मुख्य अभियंता, 3 अधीक्षण अभियंता और 17 अधिशासी अभियंता लंबे समय से APO की स्थिति में रखे गए हैं।
सरकार का पक्ष: गहलोत सरकार के समय की अनियमितताएं
दूसरी तरफ, भाजपा सरकार का कहना है कि जल जीवन मिशन में असली अनियमितताएं गहलोत सरकार के समय हुईं। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के मुताबिक मामले में तत्कालीन मंत्री व अधिकारी जांच व कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि CAG ने अगस्त 2026 में मिशन के प्रदर्शन ऑडिट की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अगस्त 2019 से मार्च 2024 तक की अवधि की समीक्षा शामिल है।
यानी एक तरफ गहलोत मौजूदा सरकार पर मिशन को पटरी से उतारने का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार पिछली सरकार के समय की अनियमितताओं की जांच का हवाला दे रही है।
जल जीवन मिशन क्या है और अपना नल कनेक्शन कैसे चेक करें
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है, जो 2019 में शुरू हुई थी। इसका लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। अपने गांव की स्थिति जानने के लिए ये तरीके अपनाएं:
- JJM डैशबोर्ड: ejalshakti.gov.in पर जाकर अपना राज्य, जिला और गांव चुनें — हर गांव का कवरेज प्रतिशत वहां दिखता है।
- ग्राम पंचायत से संपर्क: अपने गांव की पेयजल योजना की स्थिति सरपंच या ग्राम विकास अधिकारी से पूछें।
- शिकायत के लिए: जलदाय विभाग के स्थानीय कार्यालय या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
राजस्थान में पानी की समस्या नई नहीं है। हाल ही में राज्य सरकार ने जल वितरण का स्टेट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे। वहीं अलवर के बड़ेर गांव में पानी के लिए महिलाओं की कतारों की खबर ने भी प्रदेश में जल संकट की गंभीरता उजागर की थी, जबकि शेखावाटी में हंसियावास कृत्रिम जलाशय का शिलान्यास इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: गहलोत ने जल जीवन मिशन पर क्या आरोप लगाया है?
उत्तर: गहलोत का दावा है कि जल जीवन मिशन राजस्थान में 44 लाख परिवार अब भी नल कनेक्शन के इंतजार में हैं, 2025 का लक्ष्य 2028 तक टल गया है, ठेकेदारों के 3,200 करोड़ रुपये बकाया हैं और 90 प्रतिशत पेयजल परियोजनाएं ठप हैं।
प्रश्न 2: राजस्थान में जल जीवन मिशन का कवरेज कितना है?
उत्तर: गहलोत के हवाले से — जल जीवन मिशन राजस्थान में कवरेज 59.24 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत 82.52 प्रतिशत।
प्रश्न 3: भाजपा सरकार ने जल जीवन मिशन का लक्ष्य कब तक बढ़ाया है?
उत्तर: गहलोत के मुताबिक भाजपा ने जल जीवन मिशन राजस्थान 2025 तक पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब लक्ष्य वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
प्रश्न 4: अपने गांव का कवरेज कैसे चेक करें?
उत्तर: केंद्र सरकार के JJM डैशबोर्ड ejalshakti.gov.in पर राज्य, जिला और गांव चुनकर कवरेज प्रतिशत देखा जा सकता है। शिकायत के लिए जलदाय विभाग या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से संपर्क करें।
नोट: जल जीवन मिशन राजस्थान से जुड़े इस खबर के आंकड़े और आरोप पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों और उनके हवाले से दिए गए स्रोतों पर आधारित हैं।