Jaipur Literature Festival 2027: 20वें संस्करण की तारीखों का ऐलान — 14 से 18 जनवरी तक जयपुर में सजेगा साहित्य का महाकुंभ

दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक मेलों में गिने जाने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने अपने 20वें संस्करण की तारीखों की घोषणा कर दी है। 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर में पांच दिन तक साहित्य, विचार और संस्कृति का यह महाकुंभ सजेगा। दो दशक की यात्रा पूरी करने वाला यह संस्करण सिर्फ एक फेस्टिवल नहीं, बल्कि भारत की बहुभाषी साहित्यिक परंपरा का उत्सव होगा — और इसका सीधा असर राजस्थान के पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर पड़ने वाला है।

सबसे पहले जानिए — 20वें संस्करण में क्या है खास

फेस्टिवल का 20वां संस्करण जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा और इसकी थीम रखी गई है — “20 Years of Ideas. Stories. Conversations” यानी “20 वर्ष। विचार। कहानियां। बातचीत।” इस बार की सबसे बड़ी खासियत है भाषाई विविधता पर जोर। फेस्टिवल की 20वीं वर्षगांठ की घोषणा भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में एक साथ जारी की गई है। आयोजकों का कहना है कि यह कदम बहुभाषी कहानी-कथन और साहित्य तक हर वर्ग की पहुंच की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा है कि भारत की साहित्यिक विरासत और भाषाई विविधता ही देश की आत्मा है, और 20वें वर्ष का जश्न ‘भाषा स्वरमाला’ श्रृंखला के जरिए इन्हीं भाषाओं को समर्पित होगा। यानी इस बार हिंदी, राजस्थानी, बंगाली, तमिल, मलयालम, कन्नड़, मराठी समेत देश की तमाम भाषाओं के लेखक और उनकी परंपराएं एक ही मंच पर सुनाई देंगी।

दो दशक का सफर — आंकड़ों में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल

2008 में छोटी शुरुआत करने वाला यह फेस्टिवल आज दुनिया के सबसे मान्यता प्राप्त साहित्यिक मंचों में गिना जाता है। दो दशकों में फेस्टिवल ने 8 हजार से अधिक लेखकों, वक्ताओं और कलाकारों की मेजबानी की है, जबकि 50 लाख से अधिक दर्शक मौके पर इससे जुड़ चुके हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रसारण साझेदारियों और मीडिया नेटवर्क के जरिए इसकी पहुंच एक अरब से अधिक दर्शकों तक बताई जाती है।

फेस्टिवल की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी लगातार बढ़ी है। भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, मध्य-पूर्व, मालदीव और आयरलैंड में फेस्टिवल के 15 से अधिक संस्करण आयोजित हो चुके हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार विजेता, राष्ट्राध्यक्ष, अर्थशास्त्री, दार्शनिक और कलाकार — साहित्य और सार्वजनिक जीवन की तमाम बड़ी आवाजें इस मंच पर आ चुकी हैं।

संस्करण 20वां (ऐतिहासिक)
तारीखें 14 से 18 जनवरी 2027 (5 दिन)
स्थान होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर
थीम 20 Years of Ideas. Stories. Conversations
शुरुआत 2008
अब तक के वक्ता/कलाकार 8,000 से अधिक
मौके पर दर्शक 50 लाख से अधिक
डिजिटल पहुंच 1 अरब से अधिक (अनुमानित)
अंतरराष्ट्रीय संस्करण 15 से अधिक देश/क्षेत्र
घोषणा की भाषाएं भारत की 22 आधिकारिक भाषाएं

जयपुर और राजस्थान के लिए क्यों है यह बड़ी खबर

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की पूरी यात्रा में राजस्थान सरकार का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहा है, और 20वां संस्करण भी राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित होगा। जयपुर इस आयोजन का स्थायी केंद्र बना हुआ है, और शहर की साहित्यिक व सांस्कृतिक विरासत ने फेस्टिवल को विशिष्ट पहचान दी है।

हर साल जनवरी में फेस्टिवल के दिनों में जयपुर के होटल, रेस्तरां, टैक्सी और हस्तशिल्प बाजार गुलजार रहते हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटक न सिर्फ फेस्टिवल देखते हैं, बल्कि आमेर किला, हवा महल, जंतर-मंतर और शहर के बाजारों की सैर भी करते हैं। 20वें संस्करण के ऐतिहासिक होने से इस बार पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा। फेस्टिवल के माध्यम से जयपुर और राजस्थान की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पहचान देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंचती है।

किन विषयों पर होगी चर्चा

20वें संस्करण का कार्यक्रम सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। पिछले संस्करणों की तरह इस बार भी साहित्य के साथ-साथ इतिहास, राजनीति, विज्ञान, अर्थशास्त्र, दर्शन, कला, लैंगिक अध्ययन, स्वास्थ्य, प्रवासन और पर्यावरण जैसे विषयों पर संवाद होंगे। आयोजक टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय के अनुसार, फेस्टिवल को लेखकों की उदारता, दर्शकों की जिज्ञासा और भाषाओं-संस्कृतियों के बीच संवाद की साझा प्रतिबद्धता ने जिंदा रखा है।

खास बात यह है कि फेस्टिवल साहित्यिक चर्चाओं को व्यापक सार्वजनिक संवाद का हिस्सा बनाने की कोशिश करता रहा है। अनुवाद और भाषाओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देना भी इसके एजेंडे में प्रमुखता से रहा है — और 20वें संस्करण में यह फोकस और तेज होगा।

जाने वालों के लिए काम की जानकारी

अगर आप जनवरी 2027 में जयपुर जाने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से तैयारी शुरू कर दीजिए। फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी तक चलेगा, यानी पूरे पांच दिन। स्थान होगा होटल क्लार्क्स आमेर, जो जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर स्थित है। पहले फेस्टिवल डिग्गी पैलेस में होता था, लेकिन बढ़ती भीड़ को देखते हुए कुछ साल पहले इसे क्लार्क्स आमेर शिफ्ट किया गया। यहां खुले लॉन, कई मंच और सत्रों के बीच आसान आवाजाही की सुविधा है।

फेस्टिवल के सत्र आमतौर पर सुबह 9 बजे के आसपास शुरू होते हैं और शाम तक चलते हैं। चुनिंदा रातों में टिकट वाले संगीत कार्यक्रम भी होते हैं। फेस्टिवल के दिनों में जयपुर के होटलों में बुकिंग जल्दी फुल हो जाती है, इसलिए ठहरने की व्यवस्था पहले से कर लेना समझदारी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2027 कब होगा?
उत्तर: फेस्टिवल का 20वां संस्करण 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर में आयोजित होगा।

प्रश्न: JLF 2027 का स्थान कहां है?
उत्तर: 20वां संस्करण जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में होगा।

प्रश्न: इस बार की थीम क्या है?
उत्तर: “20 Years of Ideas. Stories. Conversations” — यानी “20 वर्ष। विचार। कहानियां। बातचीत।”

प्रश्न: क्या फेस्टिवल में प्रवेश निशुल्क होता है?
उत्तर: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल पारंपरिक रूप से दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क साहित्यिक फेस्टिवल माना जाता है। 20वें संस्करण के पंजीकरण और टिकट संबंधी विस्तृत जानकारी आयोजक आने वाले महीनों में जारी करेंगे।

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