जयपुर में रहने वालों के लिए बड़ी खबर है। नगर निगम ने 'शत दिवस संकल्प' नाम से जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना की शुरुआत कर दी है। अगले 100 दिनों में शहर के 150 वार्डों में कुल 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे, और हर वार्ड के लिए करीब 50 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। महापौर सुनील कोठारी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में साफ कहा कि निगम का लक्ष्य जयपुर को स्वच्छता के मामले में इंदौर से भी आगे ले जाना है।
प्रेसवार्ता में उपमहापौर सरोज कंवर और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा भी मौजूद रहे। इस दौरान जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना की बुकलेट का भी विमोचन हुआ। अभियान की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे।
जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना में आपके वार्ड को क्या मिलेगा
सबसे अहम बात यह है कि इस योजना का फायदा सीधे आपके मोहल्ले तक पहुंचेगा। सभी 150 वार्डों में पार्षदों की अनुशंसा पर विकास कार्य करवाए जाएंगे। हर वार्ड के लिए करीब 50 लाख रुपये के काम प्रस्तावित हैं, यानी सिर्फ वार्ड स्तर पर ही लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाकी 25 करोड़ रुपये शहर की बड़ी प्राथमिक परियोजनाओं पर लगेंगे।
निगम का कहना है कि जोर ऐसे कामों पर रहेगा जिनका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है — टूटी सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क, नालियों का रखरखाव, जल निकासी, मीडियन का रखरखाव और निर्माण-मलबे को उठाना। इसके साथ सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।
गौरतलब है कि महापौर सुनील कोठारी ने पदभार के बाद अपनी पहली बैठक में ही अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया था, और यह 100 दिवसीय अभियान उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी घोषणा मानी जा रही है।
5 खंड, 15 पहल: 'शत दिवस संकल्प' का पूरा खाका
जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना को पांच प्रमुख खंडों में बांटा गया है, जिनमें कुल 15 बड़ी पहल शामिल हैं — सफाई व्यवस्था मजबूत करना, नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाना, सड़कों-नालियों की मरम्मत, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना।
महापौर ने कहा कि जयपुर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि प्रदेश की विरासत, पहचान और गौरव है, और यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन से प्रेरित है। योजना पांच चरणों में लागू होगी। अमृत 2.0 के तहत जोनवार सीवरेज कार्यों के कार्यादेश भी जारी किए गए हैं, ताकि सीवरेज सुधार का काम साथ-साथ चलता रहे।
दीपावली स्पेशल: 3000 सफाईकर्मी और 10 हजार LED लाइटें
त्योहारों में कचरा बढ़ जाता है, इसलिए नगर निगम ने 30 दिनों के लिए 3,000 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी संविदा पर लगाने का फैसला किया है — हर वार्ड में 20-20 कर्मचारी। जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 45 मशीन यूनिट दूसरी पारी में भी चलाई जाएंगी। दीपावली सफाई अभियान की समीक्षा बैठक में भी महापौर ने त्योहार से पहले वार्डवार विशेष सफाई के निर्देश दिए थे।
रोशनी के मोर्चे पर 100 दिनों में 10,000 नई LED स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी बेहतर होगी, साथ ही खराब लाइटों की मरम्मत और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी ध्यान रहेगा।
तारीखें नोट करें: 24 अक्टूबर को 'रंग दे गुलाबी 2.0', 31 अक्टूबर को 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0'
जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना में दो तारीखें खास हैं। 24 अक्टूबर 2026 को 'रंग दे गुलाबी 2.0' के तहत 13 जोन के 150 वार्डों में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता और सुंदरता से जुड़ी पेंटिंग की जाएगी। वहीं 31 अक्टूबर 2026 को शहरव्यापी 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0' में शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ विशेष सफाई अभियान चलेगा। दीपावली पर प्रमुख मार्गों, चौराहों और ऐतिहासिक धरोहरों का विशेष सौंदर्यीकरण भी प्रस्तावित है।
नागरिकों को जोड़ने के लिए तीन प्रतियोगिताएं भी होंगी — 150 वार्डों के बीच वार्ड प्रतियोगिता, घरों-दुकानों-कार्यालयों के लिए दीपावली सजावट प्रतियोगिता, और बाजार सजावट प्रतियोगिता जिसमें हेरिटेज (परकोटा) और आधुनिक जयपुर के बाजार अलग-अलग वर्गों में हिस्सा लेंगे। बेहतर प्रदर्शन वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। चारदीवारी में महापौर के रात के निरीक्षण के बाद से हेरिटेज इलाकों की सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
अमृत 2.0 के 465 करोड़ और नागरिक की भूमिका
100 करोड़ के शत दिवस संकल्प के अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत 465.14 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी अभियान के दौरान करवाए जाएंगे। उद्यानों और हरित क्षेत्रों के विकास तथा व्यापार मंडलों के सहयोग से शहर की व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर रहेगा। यानी आने वाले महीनों में जयपुर में 565 करोड़ रुपये से ज्यादा के शहरी विकास कार्य एक साथ चलेंगे।
नागरिक के तौर पर आप भी अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। अपने वार्ड के पार्षद से पूछें कि आपके इलाके में कौन से काम प्रस्तावित हैं। खराब स्ट्रीट लाइट या टूटी सड़क की शिकायत नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट jaipurmc.org पर दर्ज कराएं। और दीपावली पर घर-दुकान सजाकर सजावट प्रतियोगिता में पुरस्कार भी जीत सकते हैं।
एक नजर में: जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अभियान का नाम | शत दिवस संकल्प |
| अवधि | 15 अक्टूबर 2026 से 100 दिन |
| कुल बजट | 100 करोड़ रुपये |
| वार्ड | 150 (हर वार्ड में ~50 लाख के काम) |
| नई LED स्ट्रीट लाइटें | 10,000 |
| दीपावली पर अतिरिक्त सफाईकर्मी | 3,000 (30 दिन) |
| मशीन यूनिट (दूसरी पारी) | 45 |
| रंग दे गुलाबी 2.0 | 24 अक्टूबर 2026 |
| ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 | 31 अक्टूबर 2026 |
| अमृत 2.0 के तहत अतिरिक्त कार्य | 465.14 करोड़ रुपये |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: जयपुर 100 दिवसीय कार्ययोजना कब तक चलेगी? उत्तर: 'शत दिवस संकल्प' 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है और 100 दिनों तक चलेगा, यानी जनवरी 2027 के आखिर तक। महापौर ने 16 अक्टूबर को प्रेसवार्ता में इसकी बुकलेट जारी की।
प्रश्न 2: हर वार्ड में 50 लाख के काम कैसे तय होंगे? उत्तर: सभी 150 वार्डों में पार्षदों की अनुशंसा पर काम करवाए जाएंगे। सड़क मरम्मत, नाली रखरखाव, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे काम प्राथमिकता में रहेंगे।
प्रश्न 3: दीपावली पर सफाई के लिए क्या खास इंतजाम हैं? उत्तर: 30 दिनों के लिए 3,000 अतिरिक्त सफाईकर्मी (हर वार्ड में 20) संविदा पर लगाए जाएंगे, और 45 मशीन यूनिट दूसरी पारी में भी चलेंगी।
प्रश्न 4: क्या आम नागरिक भी अभियान में भाग ले सकता है? उत्तर: हां। वार्ड प्रतियोगिता, दीपावली सजावट प्रतियोगिता और बाजार सजावट प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर पुरस्कार जीते जा सकते हैं।