निकाय चुनाव गड़बड़ी पर कांग्रेस की कमेटी ने 3 जिलों के नेताओं से की बातचीत, रिपोर्ट से पहले बड़ी कार्रवाई के संकेत
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में अनुशासन का सख्त संदेश देने की तैयारी चल रही है। नगरीय निकाय चुनावों में कथित गड़बड़ियों की निकाय चुनाव गड़बड़ी जांच अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से दो अक्टूबर को गठित विशेष जांच कमेटी की शुक्रवार को जयपुर के पीसीसी वॉर रूम में अहम बैठक हुई। इस कमेटी की सात दिन की समय सीमा शुक्रवार को ही पूरी हो रही थी, इसलिए माना जा रहा है कि कमेटी की रिपोर्ट के बाद पार्टी बागी और अनुशासन तोड़ने वाले नेताओं पर कार्रवाई कर सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक को पंचायत चुनाव से पहले संगठन को अनुशासित रखने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
शुक्रवार को पीसीसी वॉर रूम में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चली इस बैठक में कमेटी के मुखिया डॉ. सीपी जोशी ने भीलवाड़ा, पाली और भरतपुर के नेताओं से वन-टू-वन चर्चा की। इन्हीं जिलों के नगर निकायों से सबसे गंभीर शिकायतें मिली थीं, जहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप हैं।
100 से ज्यादा शिकायतें, 6 शहरों से गंभीर आरोप
जांच कमेटी के सामने कुल 100 से अधिक शिकायतें आई हैं। भीलवाड़ा, पाली, धौलपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा के नगर निकायों से क्रॉस वोटिंग, बगावत, पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के नाम वापस लेने और संगठन के निर्देशों की अवहेलना जैसे आरोप मिले हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत चुनावों में भी अनुशासनहीनता दोहराई जा सकती है। यही वजह है कि कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश था, और भीलवाड़ा, पाली और भरतपुर की शिकायतों की जांच करीब-करीब पूरी हो चुकी है।
बैठक के बाद पाली के पार्षदों ने जताई नाराजगी
बैठक के बाद पाली नगर निगम क्षेत्र से आए कुछ पार्षदों ने डॉ. सीपी जोशी से मिलने का समय मांगा। ये पार्षद पाली में कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ने वाली राजबाला हिंगड़ के समर्थक बताए जा रहे हैं। जोशी ने उन्हें अपनी बात प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखने को कहा, तो पार्षदों ने नाराजगी जताई और काफी देर तक जोशी को मनाने की कोशिश की। लेकिन जोशी उनकी बात सुने बिना गाड़ी में बैठकर निकल गए।
कमेटी में कौन-कौन: वरिष्ठ नेताओं का पैनल
डोटासरा की ओर से गठित इस जांच कमेटी का नेतृत्व डॉ. सीपी जोशी कर रहे हैं, जो पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं। पैनल में राम सिंह कस्वां, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा और प्रमोद जैन भाया जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इसके अलावा शकुंतला रावत, हकीम अली, गणेश घोगरा और रघुवीर सिंह राठौड़ भी इस जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
गंभीर मामलों में आरोपी नेताओं और शिकायतकर्ताओं को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से भी बुलाया गया है, ताकि दोनों पक्षों को सुनकर रिपोर्ट तैयार हो सके।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| कमेटी का गठन | 2 अक्टूबर 2026, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा |
| कमेटी के मुखिया | डॉ. सीपी जोशी (पूर्व प्रदेशाध्यक्ष) |
| रिपोर्ट की समय सीमा | 7 दिन (समय सीमा 9 अक्टूबर को पूरी) |
| बैठक की तारीख व स्थान | 9 अक्टूबर 2026, पीसीसी वॉर रूम, जयपुर |
| जिन जिलों के नेताओं से चर्चा | भीलवाड़ा, पाली, भरतपुर |
| शिकायतें | 100 से अधिक, 6 प्रमुख शहरों से |
विश्वेंद्र सिंह के नोटिस का क्या होगा?
इसी दिन पार्टी के लिए एक और अनुशासन का मामला भी सामने था। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह को अनुशासन समिति की ओर से नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा गया था, जिसकी समय सीमा भी 9 अक्टूबर को पूरी हो गई। यह नोटिस पिछले दिनों सोशल मीडिया पर उनकी ओर से की गई पोस्ट को लेकर दिया गया था। विश्वेंद्र सिंह की ओर से पार्टी नेतृत्व पर की गई पिछली टिप्पणियों पर पार्टी में पहले से चर्चा चल रही थी।
डोटासरा का कहना है कि अब अनुशासन समिति ही तय करेगी कि जवाब आया या नहीं और क्या कहा गया है। समिति की रिपोर्ट पीसीसी को मिलने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी की बात सुने कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता और पार्टी में संवादहीनता नहीं होनी चाहिए।
पंचायत चुनाव के लिए 20 सदस्यीय प्रचार समिति
जांच कमेटी के अलावा कांग्रेस ने पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर भी बड़ी रणनीति तैयार की है। पार्टी की ओर से 20 सदस्यीय प्रचार समिति (कैंपेन कमेटी) का गठन किया गया है। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से गठित इस कमेटी में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जैसे दिग्गज नेताओं को जगह मिली है।
इसके साथ ही जिला प्रभारियों की नियुक्ति से संगठन को सक्रिय किया जा रहा है। कांग्रेस की पंचायत चुनाव रणनीति पर पार्टी पहले से काम कर रही है, और विपक्षी दलों की टिकट वितरण रणनीति भी तेज हो रही है, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है।
डोटासरा ने दिल्ली प्रदर्शन पर भी दिया बयान
मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को तानाशाही और वोट चोरी के खिलाफ जनक्रांति बताया। उन्होंने कहा कि इसमें कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे और पूरा इंडिया गठबंधन साथ है।
आगे क्या: दो रिपोर्टों पर टिका फैसला
अब सबकी नजर दो रिपोर्टों पर टिकी है — निकाय चुनाव गड़बड़ी जांच कमेटी की रिपोर्ट और विश्वेंद्र सिंह के मामले में अनुशासन समिति की रिपोर्ट। दोनों की समय सीमा 9 अक्टूबर को पूरी हो चुकी है। साफ है कि पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस बागियों को सख्त संदेश देना चाहती है, ताकि संगठन एकजुट दिखाई दे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. निकाय चुनाव गड़बड़ी जांच के लिए कांग्रेस ने कौन सी कमेटी बनाई है?
2 अक्टूबर 2026 को प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की अगुवाई में एक जांच कमेटी बनाई थी। इसमें राम सिंह कस्वां, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, प्रमोद जैन भाया, शकुंतला रावत, हकीम अली, गणेश घोगरा और रघुवीर सिंह राठौड़ शामिल हैं।
Q2. कमेटी को कितनी शिकायतें मिली हैं?
100 से अधिक शिकायतें मिली हैं। भीलवाड़ा, पाली, धौलपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा के नगर निकायों से क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप हैं।
Q3. विश्वेंद्र सिंह के नोटिस का क्या हुआ?
कारण बताओ नोटिस की सात दिन की समय सीमा 9 अक्टूबर को पूरी हो गई। अब अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर पीसीसी आगे का निर्णय लेगी।
Q4. पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस ने क्या तैयारी की है?
पार्टी ने 20 सदस्यीय प्रचार समिति बनाई है, जिसमें अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली शामिल हैं। जिला प्रभारियों की नियुक्ति से संगठन को सक्रिय किया जा रहा है।