दीपावली से पहले चमकेंगे शहर: CM भजनलाल का निकाय प्रमुखों को निर्देश — 100 दिन में सूरत बदलने का रोडमैप

आपके शहर की गलियां दीपावली से पहले ही जगमगा सकती हैं — सड़कें दुरुस्त, नालियां साफ, स्ट्रीट लाइटें जली हुई और हर चौराहा रंग-रोगन से सजा हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रमुखों से संवाद में साफ कर दिया कि शहरों का कायाकल्प अब सिर्फ कागज पर नहीं होगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले सफाई, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण के सभी काम एक महीने में पूरे करने की डेडलाइन दे दी है।

एक महीने की डेडलाइन: दीपावली से पहले हर काम पूरा

बैठक का सबसे अहम फैसला था कि त्योहारी सीजन से पहले शहरों की मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण से जुड़े सभी कार्य एक महीने में पूरे किए जाएं। इसका सीधा मतलब है कि दीपावली के समय शहर की हर गली, बाजार और चौराहा व्यवस्थित नजर आए।

मुख्यमंत्री ने आमजन को बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में शहरों का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई, कचरा संग्रहण और निस्तारण, सड़क, जलभराव, स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण, पार्कों का रखरखाव, आवारा पशुओं की समस्या, अतिक्रमण और सीवरेज व्यवस्था जैसी जनसमस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और इनका स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जाए।

पद नहीं, जनसेवा का मिशन: CM का निकाय प्रमुखों को सीधा संदेश

बैठक में मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से साफ शब्दों में कहा कि नगरीय निकायों में प्रतिनिधित्व एक पद नहीं, बल्कि जनसेवा का मिशन है। जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।

उन्होंने निकाय प्रमुखों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल योजनाएं बनाने तक ही सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। निर्वाचित निकाय प्रमुखों को जन आकांक्षाओं पर खरा उतरना होगा, और यह तभी संभव है जब वे पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ सुनियोजित शहरी विकास के लिए काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने विकास के लिए शहरी सरकारें बनाई हैं, इसलिए जनता को परिवर्तन का अहसास होना ही चाहिए। नगरीय प्रमुख अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं और कार्यों की ऐसी आधारशिला रखें, जिससे शहरी विकास के नए आयाम स्थापित हों।

पारदर्शिता और वित्त प्रबंधन पर भी जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों के कुशल वित्त प्रबंधन पर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें और अपनी आय बढ़ाएं। साथ ही, निकाय प्रमुख पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकाय न केवल जनता तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाते हैं, बल्कि शहरों की दिशा और दशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पार्षदों से वार्ड की सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे शहर के विकास की सामूहिक सोच के साथ काम करने का आह्वान किया। सड़क, सीवरेज और अन्य सुविधाओं की प्लानिंग वार्डवार नहीं, बल्कि पूरे शहर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। निकायों के लिए चरणबद्ध विकास योजना की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

100 दिन की कार्ययोजना: क्या-क्या है एजेंडे में

मुद्दा सरकार का निर्देश
सफाई और कचरा प्रबंधन कचरा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त, नियमित सफाई
सड़क और नालियां सड़कें दुरुस्त, नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या का समाधान
बिजली और स्ट्रीट लाइट स्ट्रीट लाइटों की नियमित कार्यशीलता, बिजली आपूर्ति व्यवस्थित
सीवरेज व्यवस्था सीवरेज लाइन दुरुस्त, निशुल्क डीस्लजिंग सेवा का विस्तार
पार्क और सौंदर्यीकरण पार्कों का रखरखाव, रंग-रोगन और शहर का सौंदर्यीकरण
आवारा पशु और अतिक्रमण आवारा पशुओं की समस्या पर नियंत्रण, अतिक्रमण पर कार्रवाई
वित्त प्रबंधन कुशल वित्त प्रबंधन, निकाय की आय में वृद्धि
भ्रष्टाचार जीरो टॉलरेंस नीति, पारदर्शिता और जवाबदेही

केंद्र और राज्य की योजनाओं का सहारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शहरों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी मिशन सहित कई दूरगामी कदम उठाए हैं। इन प्रयासों से शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए आदर्श नगर विकास का मॉडल बनाया जा रहा है।

राज्य स्तर पर सरकार शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को अकुशल श्रमिक के रूप में 125 दिवस का रोजगार दे रही है। वहीं, 188 नगरीय निकायों में एफएसटीपी की स्थापना और निशुल्क डीस्लजिंग सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। शहरों के सुनियोजित विकास के लिए विकसित वार्ड अभियान भी चल रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के शहरों को विश्वस्तरीय बनाना है और इसके लिए राज्य सरकार नगरीय निकायों को पूर्ण सहयोग करेगी।

कौन-कौन था बैठक में

मुख्यमंत्री निवास पर हुई इस बैठक में स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, नगर निगमों के महापौर और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उप महापौर, सभापति, उप सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। गौरतलब है कि निकाय चुनावों के बाद करीब 210 निकायों में प्रमुख बने थे और सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने इन्हीं से संवाद की घोषणा की थी।

FAQ

100 दिन के रोडमैप का मुख्य लक्ष्य क्या है?

जवाब: अगले 100 दिनों में राजस्थान के शहरों की सूरत बदलना — सफाई, सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और सौंदर्यीकरण जैसे मूलभूत कामों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना।

दीपावली से पहले कौन-से काम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं?

जवाब: शहरों की सफाई, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों की सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण से जुड़े सभी कार्य एक महीने में पूरे करने की डेडलाइन दी गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्या अपेक्षा जताई?

जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि निकायों में प्रतिनिधित्व पद नहीं, बल्कि जनसेवा का मिशन है। जनप्रतिनिधि नियमित दौरे करें, अधिकारियों से समन्वय रखें और विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचें।

निकायों की आय बढ़ाने के लिए क्या कहा गया?

जवाब: मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों के कुशल वित्त प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि निकाय अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें और आय बढ़ाएं, साथ ही भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं।

निष्कर्ष

निकाय चुनावों के बाद अब सरकार का अगला फोकस बोर्ड बनाने से आगे बढ़कर काम दिखाने पर है। दीपावली से पहले की एक महीने की डेडलाइन और 100 दिन की कार्ययोजना शहरों के विकास की दिशा तय करेगी। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नवनिर्वाचित निकाय प्रमुख इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर कितनी गंभीरता से लागू करते हैं, क्योंकि जनता को परिवर्तन का अहसास होना ही इस पूरे रोडमैप की असली परीक्षा होगी।

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