भीलवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकली नन्हीं खिलाड़ी हरसिद्धि ने राजस्थान की 70वीं राज्य स्तरीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर राइफल शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया है। इस प्रदर्शन के दम पर उनका चयन अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए भी हो गया है। यानि एक गांव की बेटी, जो कुछ साल पहले तक सिर्फ अभ्यास रेंज में सपने देखती थी, अब पूरे देश के सामने राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने उतरेगी।
यह सफलता अचानक नहीं मिली। इसके पीछे रोजाना घंटों का अभ्यास, अनुशासन और वह लगन है, जो कम उम्र के खिलाड़ियों में अक्सर देखने को नहीं मिलती। भीलवाड़ा में आज हरसिद्धि के गांव बांसड़ा (बिलिया) और पूरे जिले में इस खबर से खुशी की लहर है।
सिल्वर मेडल कैसे जीता: प्रतियोगिता का पूरा हिसाब
70वीं राज्य स्तरीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में हरसिद्धि ने 17 और 19 वर्ष के छात्र-छात्रा वर्ग में ओपन 10 मीटर राइफल शूटिंग स्पर्धा में हिस्सा लिया था। इस वर्ग में प्रदेश भर के प्रतिभाशाली निशानेबाज उतरे थे, लेकिन हरसिद्धि ने अपने आत्मविश्वास और लगातार अभ्यास के दम पर दूसरा स्थान हासिल किया।
10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा शूटिंग की सबसे प्रतिष्ठित और तकनीकी श्रेणियों में से एक मानी जाती है। इसमें निशानेबाज को खड़े होकर एक छोटी सी दूरी से बेहद सटीक निशाना लगाना होता है। सांसों का नियंत्रण, हाथों की स्थिरता और मानसिक एकाग्रता — तीनों एक साथ परखे जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि शूटिंग में जीत सिर्फ ताकत से नहीं, दिमाग की शांति से मिलती है। हरसिद्धि ने इसी स्तर पर खुद को साबित करके दिखाया।
पिता उम्मेद सिंह: बेटी के सपनों के सबसे बड़े साथी
हरसिद्धि के पिता उम्मेद सिंह बताते हैं कि उनकी बेटी को बचपन से ही शूटिंग में खास रुचि रही है। खेल के प्रति उसकी लगन समय के साथ बढ़ती गई और धीरे-धीरे नियमित अभ्यास उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया।
अभ्यास के दौरान कई बार कठिनाइयां भी आईं — कभी उपकरण की उपलब्धता की चुनौती, कभी सही मार्गदर्शन की तलाश — लेकिन हरसिद्धि ने हार मानने के बजाय अपनी कमियों को दूर करने पर ध्यान दिया। यही लगातार मेहनत आज उसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी। पिता के शब्दों में, बेटी की इस जीत से बड़ा तोहफा उनके लिए और कुछ नहीं हो सकता।
एक छोटे गांव के परिवार के लिए बेटी को शूटिंग जैसे खेल में आगे बढ़ाना आसान नहीं होता। यह खेल महंगा माना जाता है, ऐसे में हरसिद्धि की कहानी उन सभी परिवारों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी के बीच भी अपने बच्चों के सपनों को थामे हुए हैं।
राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक: अब आगे क्या होगा
रजत पदक जीतने के बाद हरसिद्धि का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हो गया है। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलता है, जहां देश भर के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज एक-दूसरे से भिड़ते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच का रास्ता भी खुलता है।
हरसिद्धि की नजर अब राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने पर है। उनके लिए यह एक नई शुरुआत है — राज्य की प्रतियोगिता में उन्होंने साबित कर दिया कि वे दबाव में भी अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकती हैं, और अब उन्हें यह साबित करना होगा कि देश के बेहतरीन निशानेबाजों के बीच भी वे टिक सकती हैं।
राजस्थान में शूटिंग खेल का बढ़ता रुझान
राजस्थान के खिलाड़ी लगातार शूटिंग सहित विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं और प्रदेश स्तर पर पहचान बना रहे हैं। राज्य की कई रेंज और खेल अकादमियों में अब युवा निशानेबाजों की भीड़ देखने को मिलती है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं, जिससे शूटिंग के प्रति युवाओं का आकर्षण और बढ़ा है।
खास बात यह है कि अब यह खेल सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। भीलवाड़ा जैसे जिलों और बांसड़ा जैसे गांवों से निकलकर आ रही हरसिद्धि जैसी प्रतिभाएं इस बात का सबूत हैं कि प्रतिभा और मेहनत हो तो मंजिल गांव से भी पाई जा सकती है।
एक नजर में: हरसिद्धि की उपलब्धि
| विषय | विवरण |
|---|---|
| खिलाड़ी | हरसिद्धि, गांव बांसड़ा (बिलिया), भीलवाड़ा |
| प्रतियोगिता | 70वीं राज्य स्तरीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2026 |
| स्पर्धा | ओपन 10 मीटर राइफल शूटिंग |
| वर्ग | 17 व 19 वर्षीय छात्र-छात्रा वर्ग |
| पदक | रजत (द्वितीय स्थान) |
| अगला पड़ाव | राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयन |
शूटिंग में करियर चाहने वाले युवाओं के लिए क्या रास्ता है
हरसिद्धि की सफलता से प्रेरित होकर अगर कोई युवा शूटिंग में अपना करियर बनाना चाहता है तो उसे कुछ बुनियादी बातें जाननी चाहिए। पहला कदम है अपने जिले की मान्यता प्राप्त शूटिंग रेंज या खेल अकादमी से जुड़ना, जहां प्रशिक्षित कोच मार्गदर्शन दे सकें। इसके बाद जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल किया जाता है।
10 मीटर एयर राइफल से शुरुआत करना सबसे आसान माना जाता है, क्योंकि इसमें शुरुआती उपकरण अपेक्षाकृत सुलभ होते हैं। अभ्यास में नियमितता सबसे जरूरी चीज है — रोजाना कुछ घंटे का केंद्रित अभ्यास, शारीरिक फिटनेस और मानसिक तैयारी। राज्य सरकार की खेल नीतियों के तहत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार और खेल कोटे का लाभ भी मिलता है, जो इस खेल को करियर के लिहाज से और आकर्षक बनाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: हरसिद्धि ने कौन सा पदक जीता है?
जवाब: हरसिद्धि ने 70वीं राज्य स्तरीय राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2026 में 10 मीटर राइफल शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता है।
सवाल 2: हरसिद्धि कहां की रहने वाली हैं?
जवाब: हरसिद्धि राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बांसड़ा (बिलिया) गांव की रहने वाली हैं।
सवाल 3: रजत पदक के बाद हरसिद्धि का अगला लक्ष्य क्या है?
जवाब: राज्य स्तर पर रजत जीतने के बाद उनका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हो गया है, जहां वे देश भर के निशानेबाजों के बीच राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी।
सवाल 4: 10 मीटर राइफल शूटिंग में क्या खास है?
जवाब: यह शूटिंग की सबसे तकनीकी स्पर्धाओं में से एक है, जिसमें निशानेबाज की एकाग्रता, सांसों के नियंत्रण और हाथों की स्थिरता की परीक्षा होती है। ओलंपिक स्तर पर भी यही स्पर्धा खेली जाती है।
भीलवाड़ा की इस बेटी ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के सहारे बड़ी सफलता पाई जा सकती है। अब पूरे प्रदेश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर हरसिद्धि कैसा निशाना लगाती हैं। राज न्यूज की ओर से हरसिद्धि को ढेरों शुभकामनाएं।