बुधवार को बारां जिले में हुई कांग्रेस की एक सभा का वीडियो सामने आने के बाद राजस्थान की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पर आरोप है कि उन्होंने सभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। मामले ने तूल पकड़ा तो गुरुवार दोपहर बूंदी में भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली थाने पहुंचा और खाचरियावास के खिलाफ लिखित शिकायत सौंप दी। थाने के सहायक उपनिरीक्षक ने बताया कि शिकायत को जांच में ले लिया गया है — जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
बूंदी कोतवाली में क्या हुआ? शिकायत देने कौन-कौन पहुंचा
गुरुवार दोपहर बूंदी कोतवाली थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटी। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष नूपुर मालव, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी और भाजपा नेता निर्मल मालव के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता थाने पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी ऑफिसर को प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ लिखित रिपोर्ट सौंपी और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ ऐसी कथित भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा हर नेता की जिम्मेदारी है। शिकायत सौंपते समय पूर्व जिला प्रवक्ता निर्मल मालव के अलावा पंकज गुर्जर, अनिल शर्मा, मुकेश मीणा, सुरेश गुर्जर, महेश जैन और कपिल मीणा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बारां की सभा में क्या कहा गया था? जानिए पूरा आरोप
विवाद की जड़ बुधवार को बारां में हुई कांग्रेस की सभा है। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष नूपुर मालव का आरोप है कि इस सभा में प्रताप सिंह खाचरियावास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। नूपुर मालव के मुताबिक, भाषण के दौरान दोनों नेताओं को लेकर कथित तौर पर यह टिप्पणी भी की गई कि “वह पूरे राजस्थान को लूटकर खा गया है।”
यह साफ रहे कि ये टिप्पणियां भाजपा नेताओं के आरोपों पर आधारित हैं — खाचरियावास की ओर से अभी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यानी फिलहाल यह मामला “कथित बयान” बनाम “शिकायत” के दायरे में है, और सच क्या है, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा।
पुलिस का रुख: शिकायत जांच में, FIR अभी नहीं
कोतवाली थाने के सहायक उपनिरीक्षक रजनीश राठौर ने बताया कि प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है और उसे जांच में ले लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
आम पाठकों के लिए यहां यह समझना जरूरी है कि थाने में लिखित शिकायत देना और FIR दर्ज होना दो अलग-अलग चीजें हैं। पुलिस पहले शिकायत की प्रारंभिक जांच करती है — आरोपों की सत्यता, संबंधित वीडियो या गवाह, और लागू होने वाली धाराओं की परख होती है। अगर आरोपों में दम पाया जाता है तो FIR दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती है; वरना शिकायत खारिज भी हो सकती है। इस मामले में अभी प्रक्रिया पहले चरण में है।
कौन हैं प्रताप सिंह खाचरियावास?
प्रताप सिंह खाचरियावास राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह अपने तीखे और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं — सत्ता पक्ष पर हमला बोलने का कोई मौका वह शायद ही छोड़ते हैं। इसी अंदाज के चलते वह पहले भी कई बार विवादों में घिर चुके हैं।
दूसरी ओर, जिन दो नेताओं के खिलाफ कथित टिप्पणी का आरोप है, वे दोनों संवैधानिक रूप से बेहद अहम पदों पर हैं — भजनलाल शर्मा राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं और ओम बिरला लोकसभा के अध्यक्ष हैं। ओम बिरला कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं, यानी यह विवाद भौगोलिक रूप से भी उसी इलाके से जुड़ा है जहां शिकायत दर्ज हुई है।
इस विवाद के सियासी मायने
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियां तेज हैं और दोनों प्रमुख दल अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटे हैं। भाजपा की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराना भी एक सोचा-समझा कदम माना जा रहा है — इससे पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह अपने शीर्ष नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा को हल्के में नहीं लेगी।
कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है — देखना होगा कि पार्टी बयान का बचाव करती है या दूरी बनाती है। चुनावी मौसम में नेताओं के बयानों पर विवाद कोई नई बात नहीं, लेकिन इस बार निशाने पर सीधे मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष हैं — जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
घटना का टाइमलाइन
| तारीख | घटना |
|---|---|
| बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 | बारां में कांग्रेस सभा; खाचरियावास के कथित बयान का वीडियो सामने आया |
| गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 (दोपहर) | बूंदी कोतवाली में भाजपा नेताओं ने लिखित शिकायत दी |
| गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 (शाम) | ASI रजनीश राठौर: शिकायत जांच में ली गई, कार्रवाई जांच के बाद |
| शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 | पुलिस जांच जारी; खाचरियावास या कांग्रेस की कोई प्रतिक्रिया नहीं |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है?
उत्तर: नहीं। बूंदी कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेताओं की लिखित शिकायत को जांच में लिया है। ASI रजनीश राठौर के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रश्न 2: शिकायत में क्या आरोप लगाए गए हैं?
उत्तर: भाजपा नेताओं का आरोप है कि 14 अक्टूबर को बारां की कांग्रेस सभा में प्रताप सिंह खाचरियावास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
प्रश्न 3: शिकायत देने थाने कौन-कौन पहुंचा था?
उत्तर: भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नूपुर मालव, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी और भाजपा नेता निर्मल मालव के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर बूंदी कोतवाली पहुंचे थे।
प्रश्न 4: आगे क्या हो सकता है?
उत्तर: जांच के दो ही नतीजे हो सकते हैं — आरोपों में दम पाकर FIR दर्ज होगी और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, या साक्ष्यों के अभाव में शिकायत खारिज हो जाएगी। राजनीतिक रूप से यह मामला पंचायत चुनावों के दौरान बयानबाजी को और तेज कर सकता है।
नोट: इस खबर में बताए गए बयान भाजपा नेताओं के आरोपों पर आधारित हैं। प्रताप सिंह खाचरियावास या कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आने पर खबर अपडेट की जाएगी।
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