राजस्थान में आमेट ओलावृष्टि ने मंगलवार को किसानों को फिर चेतावनी दे दी है। राजसमंद जिले के आमेट में 20 अक्टूबर की दोपहर करीब एक बजे अचानक बादल घिर आए और लगभग 20 मिनट तक बारिश के साथ ओले गिरे। खेतों में काटकर रखी गई मक्के की फसल भीग गई। यह अक्टूबर के बेमौसम बारिश के उस दौर का हिस्सा है, जिसने दक्षिण-पूर्वी राजस्थान को लगातार तीसरे दिन अपने प्रभाव में लिया है — मौसम विभाग ने सात जिलों में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।
आमेट में दोपहर को क्या-क्या हुआ
आमेट में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे बारिश शुरू हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 20 मिनट तक हुई बरसात के दौरान ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। समय चाहे छोटा रहा हो, लेकिन असर सीधा खेतों पर पड़ा — मक्के की कटी हुई फसल जो खेतों में रखी थी, वह भीग गई। खरीफ सीजन में मक्का प्रदेश की अहम फसल है, और कटाई के बाद खुले में रखे दानों को ओलावृष्टि से सीधा नुकसान पहुंचता है।
जानकारों के मुताबिक ओलावृष्टि जैसी घटना में नुकसान का अंदाजा तुरंत नहीं लगता — भीगी फसल में नमी बढ़ने से अंकुरण और सड़न का खतरा बढ़ जाता है, खासकर जब धूप और हवा का सही तालमेल न मिले। इसीलिए मौसम विभाग भी लगातार कह रहा है कि पककर तैयार फसलों और खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। दो दिन पहले जयपुर में ओलावृष्टि ने भी इसी तरह किसानों को चेतावनी दी थी, जब रविवार को राजधानी में बारिश के साथ ओले गिरे थे।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का तीसरा दिन
आमेट की ओलावृष्टि अकेली घटना नहीं है — यह प्रदेश में चल रहे बेमौसम बारिश के दौर का हिस्सा है। उदयपुर में मंगलवार दोपहर करीब 15 मिनट तक बारिश हुई। सवाई माधोपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों में पानी बहने लगा है — खंडार क्षेत्र में बरसाती नदियों और नालों में पानी की आवक ने मानसून जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सवाई माधोपुर के अलावा राजसमंद, सिरोही, पाली और टोंक के कुछ इलाकों में भी बादलों की आवाजाही बनी रही।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को लगातार तीसरे दिन दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के जिलों में हल्की बारिश हुई थी। यानी यह सिलसिला अचानक शुरू नहीं हुआ — अरब सागर से आ रही नमी के कारण पिछले कुछ दिनों से यह दौर बना हुआ है। लगातार बदलते मौसम का असर तापमान पर भी दिख रहा है और कई इलाकों में सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई है।
सात जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार 20 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के सात जिलों — बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा और टोंक — में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
| जिलों की सूची | चेतावनी का प्रकार |
|---|---|
| बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, टोंक | मेघगर्जन, बिजली गिरने, तेज हवाओं के साथ बारिश |
आमेट की ओलावृष्टि ने बता दिया है कि अलर्ट सिर्फ कागजी चेतावनी नहीं है — जमीनी असर भी दिख रहा है।
एक तरफ ठंडक, दूसरी तरफ बाड़मेर में गर्मी
इस बारिश के दौर ने प्रदेश के तापमान को दो हिस्सों में बांट दिया है। दक्षिण-पूर्वी जिलों में बादलों और बरसात की वजह से पारा नीचे आया और सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई, वहीं पश्चिमी राजस्थान में बारिश थमने के बाद गर्मी फिर बढ़ गई।
| क्षेत्र | हालात |
|---|---|
| बाड़मेर | सोमवार को 38.9 डिग्री सेल्सियस — प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म |
| पिलानी, हनुमानगढ़, जैसलमेर, चूरू | अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी |
| सवाई माधोपुर, राजसमंद, सिरोही, पाली, टोंक | तापमान में गिरावट, सुबह-शाम ठंडक |
| माउंट आबू | न्यूनतम 15.3 डिग्री — सबसे ठंडा |
बाड़मेर और माउंट आबू के बीच तापमान का यह अंतर बताता है कि अक्टूबर के अंत में प्रदेश का मौसम कितनी तेजी से करवट ले रहा है। जिला-वार ताजा पूर्वानुमान IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
अक्टूबर में बेमौसम बारिश की वजह क्या है
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार की बारिश का सीधा संबंध अरब सागर से आ रही नमी से है। लगातार चल रही हवाओं के साथ प्रदेश के वातावरण में नमी पहुंच रही है, और इसी वजह से गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां हो रही हैं। दो दिन पहले जयपुर में ओलावृष्टि के पीछे पश्चिमी विक्षोभ था, जबकि इस बार नमी-भरी हवाएं मुख्य भूमिका में हैं। मानसून की विदाई के बाद प्रदेश का मौसम अब पश्चिमी विक्षोभों और अरब सागर की नमी पर निर्भर होता है।
आगे क्या: 24 अक्टूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर बीकानेर संभाग के इलाकों में दिख सकता है। इस पूर्वानुमान का विस्तृत ब्योरा राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर की हमारी रिपोर्ट में पढ़ें — जिसमें जोधपुर-बीकानेर संभाग में संभावित बारिश और 21 से 23 अक्टूबर तक के शुष्क मौसम की पूरी जानकारी है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
एक दिन की बारिश भी कटाई के समय बड़ा नुकसान कर सकती है। मौसम विभाग की सलाह के आधार पर ये बातें ध्यान रखें:
- कटी फसल को खुले में न रखें — तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह पहुंचाएं
- खुले में रखे अनाज को तुरंत भीगने से बचाने के इंतजाम करें
- खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से देख लें ताकि जलभराव न हो
- मेघगर्जन के दौरान खेतों में काम करने से बचें, सुरक्षित स्थान पर रहें
- 24 अक्टूबर के पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए रबी बुवाई की योजना मौसम अपडेट के हिसाब से बनाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: आमेट में ओलावृष्टि कब हुई?
उत्तर: 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) की दोपहर करीब एक बजे राजसमंद जिले के आमेट में करीब 20 मिनट तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। खेतों में काटकर रखी मक्के की फसल भीग गई।
प्रश्न: किन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी है?
उत्तर: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है।
प्रश्न: यह बारिश क्यों हो रही है?
उत्तर: अरब सागर से लगातार आ रही नमी-भरी हवाओं के कारण प्रदेश में थंडरस्टॉर्म गतिविधियां हो रही हैं। कुछ स्थानों पर आंधी और ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
प्रश्न: अगला पश्चिमी विक्षोभ कब सक्रिय होगा?
उत्तर: 24 अक्टूबर से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर बीकानेर संभाग के इलाकों में दिख सकता है। ताजा जिला-वार पूर्वानुमान के लिए IMD की वेबसाइट देखें।
स्रोत: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), हिंदी खबर और सरस जनवाद की रिपोर्टें — 20 अक्टूबर 2026। पूर्वानुमान में बदलाव संभव है।