राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर: जोधपुर-बीकानेर में बारिश, 21-23 तक शुष्क

राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर: जोधपुर-बीकानेर संभाग में बारिश की संभावना, 21 से 23 तक मौसम शुष्क

त्योहारी सीजन के बीच मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है, जो आने वाले दिनों की योजना में सीधे काम आएगा। राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक 24 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इससे पहले 21, 22 और 23 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है — यानी तीन दिन की राहत के बाद पश्चिमी हिस्सों में मौसम फिर करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखने को मिलेगा, हालांकि पूर्वी राजस्थान में 24 अक्टूबर को भी मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर: जोधपुर और बीकानेर संभाग में कहां-कहां बारिश

राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर की सबसे अहम बात यह है कि इस बार बदलाव पश्चिमी राजस्थान से शुरू होगा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 24 अक्टूबर को जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।

बीकानेर संभाग में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर जिले आते हैं, जबकि जोधपुर संभाग में जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही और जालौर जैसे जिले शामिल हैं। किन जिलों में बारिश की गतिविधि ज्यादा रहेगी, यह पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता और उसके आगे बढ़ने की दिशा पर निर्भर करेगा। जिला-स्तरीय चेतावनी जारी होने पर स्थिति और साफ होगी। मानसून की विदाई के बाद प्रदेश का मौसम अब पश्चिमी विक्षोभों पर निर्भर होता है, और यही वजह है कि ठंड के सीजन से पहले इस तरह के पूर्वानुमान किसानों के लिए खास मायने रखते हैं।

राजस्थान मौसम 24 अक्टूबर से पहले 21-23 तक राहत

20 अक्टूबर के बाद मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राहत भरी खबर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 21, 22 और 23 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इन तीन दिनों के लिए जिला-स्तरीय पूर्वानुमान में किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

इसका मतलब है कि आंधी-बारिश की गतिविधियों से फिलहाल राहत मिलने वाली है और आसमान अधिकतर साफ रहेगा। दिन में धूप खिली रहेगी, जबकि सुबह और रात के समय मौसम में हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होना सामान्य रहेगा।

20 अक्टूबर: आज 7 जिलों में आंधी-बिजली का येलो अलर्ट

जहां 24 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में बारिश की संभावना है, वहीं आज यानी 20 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के 7 जिलों में मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के मुताबिक बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा और टोंक में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। अन्य जिलों के लिए इस पूर्वानुमान में कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

इन जिलों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि बिजली गिरने के ज्यादातर हादसे इन्हीं जगहों पर होते हैं।

इस बदलाव के पीछे कौन से मौसमी सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव के पीछे तीन प्रणालियां काम कर रही हैं: हिमाचल-पंजाब क्षेत्र के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक ऊपरी वायुमंडल में बनी ट्रफ लाइन, और दक्षिण राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण। ट्रफ अरब सागर से नमी खींच रही है, जिससे पूर्वी राजस्थान में बारिश बन रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ का असर आमतौर पर उत्तर और पश्चिमी राजस्थान पर पड़ता है।

पिछले 24 घंटों में क्या हुआ

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। करौली जिले के सपोटरा में सर्वाधिक 28 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां और झालावाड़ में भी कहीं-कहीं बारिश हुई। जयपुर और अजमेर में ओलावृष्टि की खबर मिली, जबकि सवाई माधोपुर में सुबह 3 बजे से 8 बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही।

बारिश के कारण अलवर में अधिकतम तापमान 6 डिग्री तक गिरकर 31.8 डिग्री रहा। राज्य के 10 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया, जबकि माउंट आबू में सबसे कम 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।

प्रमुख जिलों का तापमान (19-20 अक्टूबर)

जिला न्यूनतम अधिकतम
माउंट आबू 15.3°C –
फतेहपुर 17.0°C –
सीकर 18.8°C 32.0°C
पाली 19.0°C –
अलवर 19.5°C 31.8°C
झुंझुनू 19.7°C 32.4°C
हनुमानगढ़ – 31.2°C
बाड़मेर – 38.9°C

किसानों के लिए क्यों अहम है यह पूर्वानुमान

अक्टूबर का यह समय राजस्थान के किसानों के लिए बेहद निर्णायक होता है — एक तरफ खरीफ की फसलें पककर तैयार हैं या कटाई चल रही है, दूसरी तरफ रबी सीजन की बुवाई की तैयारियां जोरों पर हैं। सवाई माधोपुर के वजीरपुर क्षेत्र में खेतों में नमी बढ़ने से किसान सरसों की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं, लेकिन चौथ का बरवाड़ा और खंडार में मूंग, उड़द, तिल और बाजरे की पककर तैयार फसलों पर नुकसान की आशंका भी बढ़ी है।

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पककर तैयार खरीफ फसलों और अनाज मंडियों में खुले में रखे कृषि उत्पादों को भीगने से बचाने के समुचित प्रबंध करें। 24 अक्टूबर को जोधपुर और बीकानेर संभाग में संभावित बारिश को देखते हुए रबी की बुवाई कर चुके किसान खेतों में निकासी की व्यवस्था पहले से देख लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: 24 अक्टूबर को राजस्थान में कहां बारिश होगी?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 अक्टूबर को जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण यह बदलाव आएगा, जबकि पूर्वी राजस्थान में उस दिन भी मौसम शुष्क रहेगा।

प्रश्न 2: 21 से 23 अक्टूबर तक मौसम कैसा रहेगा?

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। आसमान साफ रहेगा, दिन में धूप खिलेगी।

प्रश्न 3: 20 अक्टूबर को किन जिलों में अलर्ट है?

बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न खड़े हों।


स्रोत: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) — ताजा पूर्वानुमान 20 अक्टूबर 2026। पूर्वानुमान में बदलाव संभव है, जिलेवार ताजा अपडेट के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें। अन्य मौसम खबरें: राजस्थान येलो अलर्ट, रबी बुवाई और खाद स्टॉक, रबी फसल पर अल नीनो का असर।

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