अलवर ओलावृष्टि: अलवर में गिरे ओले, श्रीगंगानगर में तेज हवा के साथ बारिश — 16 जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर

अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में राजस्थान का मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। शुक्रवार (23 अक्टूबर) को अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ के कई इलाकों में अचानक अलवर ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। वहीं श्रीगंगानगर में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज हुई और जयपुर में भी बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश के 16 जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखा, जबकि 24 अक्टूबर से एक नया विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जानिए — कहां-कहां गिरे ओले, तापमान का क्या रहा हाल और अगले दो दिनों का सटीक पूर्वानुमान।

अलवर ओलावृष्टि: कहां-कहां गिरे ओले, कैसा रहा असर

अलवर ओलावृष्टि इस बार जिले के लिए सबसे चौंकाने वाली खबर बनकर आई। रिपोर्ट के अनुसार, अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ के कुछ इलाकों में दोपहर बाद अचानक बादल घिर आए और ओले गिरने लगे। ओलों से मौसम में अचानक बदलाव आया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई।

ओलावृष्टि का सबसे सीधा असर खेतों में खड़ी और काटकर रखी फसल पर पड़ा है। अक्टूबर रबी की बुवाई का महीना है, और ऐसे में ओले गिरना किसानों के लिए बड़ी चिंता है। कुछ इलाकों में फसल को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। प्रशासन की ओर से अभी नुकसान के आकलन की कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं हुई है।

गौरतलब है कि 20 अक्टूबर को भी आमेट में हुई ओलावृष्टि ने राजसमंद के किसानों को चेतावनी दी थी — वहां मक्के की कटी फसल भीग गई थी। एक हफ्ते के अंदर प्रदेश में दो बार ओले गिरना असामान्य है।

श्रीगंगानगर में तेज हवा के साथ बारिश: शुक्रवार सुबह का हाल

श्रीगंगानगर में शुक्रवार की सुबह मौसम ने अचानक पलटी मार दी। दैनिक नवज्योति की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह तेज हवा चलने के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरा मिजाज बदल गया। श्रीगंगानगर के मिर्जावाला इलाके में बारिश की तस्वीरें भी सामने आईं।

श्रीगंगानगर के साथ-साथ जयपुर में भी शुक्रवार को बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हुई — बीकानेर के देशनोक में 4.4 मिलीमीटर और बीकानेर शहर में 4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

16 जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर: किस जिले में क्या दिखा

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को कुल 16 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश की गतिविधियां देखी गईं — जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, जयपुर, झुंझुनूं, अलवर, दौसा और भरतपुर।

जिला शुक्रवार का हाल
अलवर ओले गिरे, मौसम में अचानक बदलाव
कोटपूतली-बहरोड़ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि
श्रीगंगानगर तेज हवा के साथ बारिश
जयपुर बारिश दर्ज, अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री
बीकानेर देशनोक में 4.4 मिमी, शहर में 4 मिमी बारिश
जैसलमेर अधिकतम 39 डिग्री, देर शाम बूंदाबांदी
बाड़मेर अधिकतम 38.6 डिग्री
जोधपुर अधिकतम 37.3 डिग्री

एक तरफ पश्चिमी राजस्थान में दिन की गर्मी बरकरार रही, तो दूसरी तरफ उत्तरी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में बारिश और ओलों ने मौसम बदल दिया।

जैसलमेर में पारा 39 डिग्री: गर्मी बरकरार, लेकिन शाम को बूंदाबांदी

पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जैसलमेर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ — प्रदेश में सबसे ज्यादा। बाड़मेर में 38.6 डिग्री और जोधपुर में 37.3 डिग्री रहा। हालांकि, जैसलमेर में देर शाम कई इलाकों में बादल छाए और बूंदाबांदी भी हुई। फलोदी के आसपास भी बादलों की आवाजाही बनी रही।

अक्टूबर के 22 दिन बीतने के बावजूद जयपुर में रात के तापमान में वैसी गिरावट नहीं आई है, जैसी आमतौर पर इस समय होती है। 16 अक्टूबर को रात का पारा एक बार 19.2 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन उसके बाद फिर बढ़ गया। विभाग का कहना है कि विक्षोभ के गुजरने के बाद 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

अगले 2 दिन का पूर्वानुमान: 24 अक्टूबर से नया विक्षोभ

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 24 अक्टूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। बीकानेर संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना है — रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है।

24-25 अक्टूबर के लिए मुख्य चेतावनियां:

– श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट

– बीकानेर संभाग, शेखावाटी और जयपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में असर 25 अक्टूबर तक

– 29 अक्टूबर के आसपास प्रदेश में बारिश का एक और दौर आने की संभावना

– 25 अक्टूबर से मौसम शुष्क रहने की उम्मीद, लेकिन रात का तापमान घट सकता है

24 अक्टूबर के विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार भी शनिवार को पश्चिमी जिलों में मेघगर्जन और तेज हवाओं की चेतावनी है। यानी अगले 48 घंटे तक प्रदेश के उत्तरी हिस्सों के लोगों को सतर्क रहना होगा।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: ओले और बारिश से फसल कैसे बचाएं

अलवर ओलावृष्टि ने दिखा दिया है कि अक्टूबर की बेमौसम बारिश और ओले किसानों के लिए बड़ा जोखिम हैं। विशेषज्ञों की सलाह है:

  1. कटी फसल को तुरंत सुरक्षित करें — खेत में खुली रखी फसल पर तिरपाल ढक दें, क्योंकि अगले दो दिन और बारिश की आशंका है।
  2. रबी बुवाई में जल्दबाजी न करें — नमी ज्यादा है; अल नीनो के चलते रबी बुवाई पहले ही प्रभावित है, इसलिए मौसम देखकर ही फैसला लें।
  3. पशुओं को खुले में न रखें — तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) और ओलों के दौरान पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें।
  4. IMD बुलेटिन पर नजर रखें — मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर ताजा चेतावनियां जारी होती रहती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: अलवर में ओले कब गिरे?

उत्तर: 23 अक्टूबर को अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ के कुछ इलाकों में ओले गिरे। उसी दिन जयपुर और श्रीगंगानगर में बारिश दर्ज की गई।

प्रश्न 2: 24 अक्टूबर को मौसम कैसा रहेगा?

उत्तर: नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में बारिश-ओलावृष्टि का येलो अलर्ट है; हवाएं 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।

प्रश्न 3: क्या 25 अक्टूबर के बाद मौसम साफ हो जाएगा?

उत्तर: हां, 25 अक्टूबर से विक्षोभ का असर समाप्त होगा और मौसम शुष्क रहेगा। रात के तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है।

प्रश्न 4: सबसे ज्यादा तापमान कहां दर्ज हुआ?

उत्तर: जैसलमेर में अधिकतम 39 डिग्री; सबसे कम न्यूनतम तापमान उदयपुर के डबोक में 14.9 डिग्री रहा।

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