पाखर चौड़ाकी हत्याकांड: 2 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 5 धरे

दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र में पाखर चौड़ाकी हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने 17 अक्टूबर को दो और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेंद्र (37) पुत्र समय सिंह और कुलदीप (26) पुत्र राजाराम के रूप में हुई है, दोनों पाखर चौड़ा गांव के ही रहने वाले हैं। इस ताजा कार्रवाई के साथ पाखर चौड़ाकी हत्याकांड में अब तक कुल पांच आरोपी हिरासत में आ चुके हैं, जबकि एक विधि से संघर्षरत किशोर को निरुद्ध किया गया है। 13 अक्टूबर को खेत की मेड़ के विवाद में 54 वर्षीय पप्पूराम गुर्जर की हत्या के बाद से गांव में तनाव था, और लगातार गिरफ्तारियों से पुलिस की पकड़ अब मजबूत होती दिख रही है।

17 अक्टूबर को कैसे धरे गए दोनों आरोपी

मंडावर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पाखर चौड़ाकी हत्याकांड में नामजद राजेंद्र और कुलदीप इलाके में ही छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की और दोनों को 17 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना में उनकी भूमिका साफ हो सके।

इससे पहले वेदप्रकाश, रामरूप और उगंती बाई गिरफ्तार हुए थे, एक किशोर निरुद्ध किया गया था। यानी पांच दिन में पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों को पकड़ लिया है। कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पाखर चौड़ाकी हत्याकांड: अब तक की कार्रवाई एक नजर में

एसपी कुंदन कंवरिया (आईपीएस) के निर्देश पर एएसपी (मुख्यालय) शंकरलाल और महवा सीओ अनूप सिंह के सुपरविजन में विशेष टीम बनाई गई थी। मंडावर थानाधिकारी हरिओम के नेतृत्व में इस टीम ने चरणबद्ध तरीके से आरोपियों को पकड़ा।

क्र. आरोपी का नाम उम्र पिता का नाम निवास गिरफ्तारी
1 वेदप्रकाश — — पाखर चौड़ा पहले चरण में
2 रामरूप — — पाखर चौड़ा पहले चरण में
3 उगंती बाई — — पाखर चौड़ा पहले चरण में
4 राजेंद्र 37 समय सिंह पाखर चौड़ा 17 अक्टूबर
5 कुलदीप 26 राजाराम पाखर चौड़ा 17 अक्टूबर
6 एक किशोर — — पाखर चौड़ा निरुद्ध

पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है; शेष आरोपियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। राजस्थान में पुलिस की ऐसी ताबड़तोड़ कार्रवाइयां हाल के दिनों में लगातार चर्चा में रही हैं, और मंडावर का यह मामला भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है।

पाखर चौड़ाकी हत्याकांड की जड़: 13 अक्टूबर की वह सुबह

घटना 13 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब सात बजे की है। पाखर चौड़ा गांव में गुर्जर समाज के दो पक्षों के बीच खेत की मेड़ को लेकर पहले से तनाव चल रहा था, और ट्रांसफार्मर से अवैध जंपर डालने को लेकर भी कई दिनों से कहासुनी हो रही थी। उस सुबह मेड़ को लेकर कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

मारपीट ने जल्द ही खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। एक पक्ष के सेवानिवृत्त फौजी पर फायरिंग करने का आरोप लगा, तो दूसरे पक्ष पर लोगों को ट्रैक्टर से कुचलने का आरोप सामने आया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल पप्पूराम गुर्जर (54) पुत्र पूरण को पहले मंडावर और महुवा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया — रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मौत गोली लगने से हुई या किसी अन्य चोट से, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। घटना के बाद गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

शिकायत किसने दर्ज कराई और जांच कहां पहुंची

घटना के संबंध में मृतक के परिजन सियाराम पुत्र पूरण गुर्जर (निवासी पाखर चौड़ा) ने मंडावर थाने में लिखित रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पाखर चौड़ाकी हत्याकांड का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया था कि विवाद की जड़ खेत की मेड़ और बिजली के अवैध जंपर को लेकर पुरानी रंजिश थी।

पूरी कार्रवाई में मंडावर थानाधिकारी हरिओम के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जगदीश प्रसाद की विशेष भूमिका रही। टीम में सहायक उपनिरीक्षक रमेश चंद, प्रताप सिंह और नेमीचंद, हेड कांस्टेबल धर्मसिंह, विनोद कुमार और ओमप्रकाश के साथ कांस्टेबल मनोज कुमार, देवेंद्र सिंह, लखमीचंद, भूपेंद्र सिंह, मोहन कुमार, नागेंद्र सिंह, यशवंत सिंह, महिला कांस्टेबल माया और कांस्टेबल विक्रम सिंह शामिल रहे।

दौसा में जमीन विवाद क्यों बन रहे हैं जानलेवा

पाखर चौड़ा की यह घटना अकेली नहीं है। दौसा समेत पूर्वी राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खेत की मेड़, रास्ते और बिजली के कनेक्शन को लेकर विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। जानकारों का कहना है कि पंचायत चुनाव के इस मौसम में गांवों में पहले से गुटबंदी और तनाव का माहौल रहता है, ऐसे में छोटे विवाद भी बड़ी वारदात में बदल जाते हैं।

पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि जमीन या बिजली के विवाद पंचायत या प्रशासन से सुलझाएं, हथियार या भीड़ का सहारा न लें। किशनगढ़ में पुलिस ने हाल ही में खेत से ही एक फरार मास्टरमाइंड को दबोचा था — ऐसे मामलों में पुलिस की पैनी नजर अब गांव-गांव तक पहुंच रही है, यह संदेश भी पाखर चौड़ाकी हत्याकांड की इस कार्रवाई से साफ गया है।

आगे क्या होगा

पुलिस अब पांचों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पाखर चौड़ाकी हत्याकांड में चालान पेश होगा। गांव में फिलहाल शांति है, लेकिन पुलिस ने निगरानी बनाए रखी है ताकि दोनों पक्षों के बीच दोबारा टकराव न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: पाखर चौड़ाकी हत्याकांड में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
जवाब: अब तक पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं — वेदप्रकाश, रामरूप, उगंती बाई, राजेंद्र (37) और कुलदीप (26)। इसके अलावा एक किशोर को विधि के अनुसार निरुद्ध किया गया है। कुछ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

सवाल: यह घटना कब और क्यों हुई थी?
जवाब: यह पाखर चौड़ाकी हत्याकांड 13 अक्टूबर 2026 की सुबह हुआ, जब पाखर चौड़ा गांव में खेत की मेड़ और ट्रांसफार्मर से अवैध जंपर को लेकर दो पक्षों में विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इसमें पप्पूराम गुर्जर (54) की मौत हो गई और करीब एक दर्जन लोग घायल हुए।

सवाल: मामले की शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
जवाब: मृतक के परिजन सियाराम पुत्र पूरण गुर्जर (निवासी पाखर चौड़ा) ने मंडावर थाने में लिखित रिपोर्ट दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू की।

सवाल: पप्पूराम गुर्जर की मौत कैसे हुई — गोली से या चोट से?
जवाब: घटना में फायरिंग के आरोप लगे हैं, लेकिन मौत गोली लगने से हुई या किसी अन्य चोट के कारण, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

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