बयाना सड़क गड्ढा: मुख्य बाजार की सड़क पर जानलेवा गड्ढा, एक महीने में दर्जनभर घायल — शनिवार को व्यापारियों का फूटा गुस्सा

भरतपुर जिले के बयाना कस्बे के मुख्य बाजार की सड़क पर बीचों-बीच बना एक गहरा गड्ढा अब जानलेवा साबित हो रहा है। इस बयाना सड़क गड्ढा में हमेशा पानी भरा रहता है, जिस वजह से गुजरने वाले वाहन चालकों को उसकी असली गहराई का अंदाजा ही नहीं लग पाता — और यही इसकी सबसे खतरनाक बात है। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक बीते एक महीने में करीब दर्जनभर लोग इस गड्ढे में गिरकर घायल हो चुके हैं। हालात से तंग आकर व्यापारियों ने शनिवार को सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से गड्ढे की तुरंत मरम्मत की मांग उठाई।

यह बयाना का सबसे व्यस्त मार्ग है — भरतपुर, हिंडौन, करौली, गंगापुर सिटी, रूपवास, बाड़ी, बसेड़ी और धौलपुर के लिए बसें-टैक्सियां यहीं से गुजरती हैं, और सुबह-दोपहर स्कूली बसों व ऑटोरिक्शा का भारी दबाव रहता है।

एक साल पुरानी खुदाई का घाव — आज तक नहीं भरा गड्ढा

स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक इस गड्ढे की कहानी करीब एक साल पुरानी है। उस समय सीसी सड़क पर पानी का रिसाव होने लगा था, जिसके बाद जलदाय विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत के लिए सड़क को खोद डाला। व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद न तो पाइपलाइन से पानी का रिसाव बंद हुआ और न ही सड़क पर बने गड्ढे को दोबारा भरा गया।

समय के साथ यह गड्ढा लगातार गहरा और बड़ा होता गया। आज हालत यह है कि गड्ढे में हर समय पानी भरा रहता है, जिससे दोपहिया वाहन चालक इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते और असंतुलित होकर गिर पड़ते हैं। चौपहिया वाहनों को भी इस गड्ढे से नुकसान पहुंच रहा है, वहीं टेम्पो चालकों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई बार गंभीर रूप से घायल लोगों को दुकानदारों ने ही अपनी गाड़ियों से अस्पताल पहुंचाया है।

शनिवार को फूटा व्यापारियों का गुस्सा — तीन मांगें, बाजार बंद की चेतावनी

समस्या के समाधान में लगातार हो रही देरी से आक्रोशित व्यापारियों ने शनिवार (17 अक्टूबर) को मौके पर एकत्र होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने जिम्मेदार विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई और तत्काल मरम्मत की मांग उठाई।

व्यापारियों की तीन प्रमुख मांगें हैं — पहला, जानलेवा गड्ढे को तुरंत भरकर सड़क का पक्का निर्माण कराया जाए; दूसरा, पाइपलाइन से हो रहे पानी के रिसाव को स्थायी रूप से बंद किया जाए; और तीसरा, एक साल से लटके इस काम के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और जलदाय विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे बाजार बंद करके उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

गौरतलब है कि बयाना इलाका पहले भी सूखे कुएं से 5 करोड़ की दवाएं बरामद होने के मामले से सुर्खियों में रहा था — लेकिन इस बार मुद्दा अपराध नहीं, आम लोगों की रोजमर्रा की सुरक्षा का है।

बयाना सड़क गड्ढा: स्कूली बच्चों से लेकर बस यात्रियों तक — किसे कितना खतरा

सबसे बड़ा खतरा स्कूली बच्चों को है — सुबह-दोपहर स्कूली बसों, वैन और ऑटोरिक्शा का भारी दबाव रहता है, और संचालकों-अभिभावकों को डर है कि किसी दिन बच्चों से भरा वाहन इस गड्ढे में पलट सकता है।

आठ शहरों के लिए चलने वाली बसों-टैक्सियों के यात्री भी इसी खतरे से गुजरते हैं। दोपहिया सवार आए दिन इसका शिकार हो रहे हैं — बाइक-स्कूटी सवार पानी भरे गड्ढे में असंतुलित होकर गिर जाते हैं, जिससे फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोटों का खतरा है।

रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद, सीसी सड़क भी टूट रही

व्यापारियों का दावा है कि पाइपलाइन के लीकेज से रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जिस प्रदेश में पानी की हर बूंद कीमती है, वहां एक साल से लगातार हो रही इस बर्बादी पर किसी का ध्यान नहीं जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। पाइपलाइन से लगातार पानी रिसने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा हमेशा गीला रहता है, और दिनभर वाहनों की आवाजाही से सीसी सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है।

जलदाय विभाग की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं — श्रीडूंगरगढ़ के वार्ड-40 में पेयजल संकट की खबर में भी विभागीय उदासीनता सामने आई थी।

शिकायत कहां दर्ज करें — आपके काम के चार रास्ते

अगर आपके इलाके में भी सड़क पर ऐसा जानलेवा गड्ढा है या पानी की पाइपलाइन से रिसाव हो रहा है, तो इन चार रास्तों से शिकायत दर्ज कराएं:

  1. राजस्थान संपर्क 181: टोल-फ्री नंबर 181 पर फोन करके या संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।
  2. जलदाय विभाग कार्यालय: अपने क्षेत्र के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के कार्यालय में लिखित शिकायत दें — लिखित शिकायत का रिकॉर्ड बनता है।
  3. सामूहिक ज्ञापन: अकेले की बजाय मोहल्ला समिति, व्यापार मंडल या वार्ड के माध्यम से सामूहिक ज्ञापन दें — इसका असर ज्यादा होता है।
  4. सबूत के साथ शिकायत: गड्ढे या रिसाव की फोटो और वीडियो तारीख के साथ शिकायत में लगाएं, ताकि अधिकारी समस्या की गंभीरता समझ सकें।

बयाना सड़क गड्ढा — एक नजर में मुख्य तथ्य

बिंदु जानकारी
स्थान बयाना कस्बे के मुख्य बाजार की सड़क, भरतपुर जिला
गड्ढा कब खोदा गया करीब एक वर्ष पूर्व — जलदाय विभाग ने पाइपलाइन मरम्मत के लिए खोदा था
एक महीने में घायल करीब दर्जनभर लोग (स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक)
व्यापारियों का प्रदर्शन शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 — मौके पर एकत्र होकर विरोध
मुख्य मांगें गड्ढा भरकर पक्की सड़क, पाइपलाइन लीकेज बंद, अधिकारियों की जवाबदेही
चेतावनी कार्रवाई न हुई तो बाजार बंद और उग्र आंदोलन
पानी की बर्बादी का दावा पाइपलाइन लीकेज से रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद
इस सड़क से जुड़े प्रमुख शहर भरतपुर, हिंडौन, करौली, गंगापुर सिटी, रूपवास, बाड़ी, बसेड़ी, धौलपुर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: बयाना का यह जानलेवा गड्ढा कहां है और इतना खतरनाक क्यों है?

जवाब: यह गड्ढा भरतपुर जिले के बयाना कस्बे के मुख्य बाजार की सड़क के बीचों-बीच बना है। इसमें हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दोपहिया सवार असंतुलित होकर गिर जाते हैं। बीते एक महीने में करीब दर्जनभर लोग घायल हो चुके हैं।

सवाल 2: यह गड्ढा कब और क्यों खोदा गया था?

जवाब: व्यापारियों के मुताबिक करीब एक वर्ष पूर्व सीसी सड़क पर पानी का रिसाव होने के बाद जलदाय विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत के लिए सड़क खोदी थी। आरोप है कि इसके बाद न रिसाव बंद हुआ और न ही गड्ढा भरा गया — समय के साथ गड्ढा और गहरा होता गया।

सवाल 3: व्यापारियों ने प्रदर्शन में क्या मांगें रखी हैं?

जवाब: शनिवार को प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने तीन मांगें रखीं — गड्ढे को तुरंत भरकर सड़क का पक्का निर्माण, पाइपलाइन के रिसाव को स्थायी रूप से बंद करना, और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना। मांग न मानी जाने पर बाजार बंद और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

सवाल 4: सड़क पर ऐसे गड्ढों की शिकायत कहां दर्ज कराएं?

जवाब: राजस्थान संपर्क के टोल-फ्री नंबर 181 पर या संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। इसके अलावा अपने क्षेत्र के जलदाय विभाग (PHED) कार्यालय में लिखित शिकायत दें और फोटो-वीडियो सबूत साथ लगाएं। सामूहिक ज्ञापन का असर अकेली शिकायत से ज्यादा होता है।

एक साल से खुला गड्ढा, रोज बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी और महीने भर में दर्जनभर घायल — अब गेंद प्रशासन के पाले में है। राज न्यूज़ इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनाए रखेगा।

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