राजधानी जयपुर में सोमवार शाम मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि देखते ही देखते पूरा शहर पानी-पानी हो गया। दिनभर सामान्य रहा मौसम शाम ढलते ही बदल गया — आसमान में घने काले बादल छा गए, तेज हवाएं चलीं और फिर शुरू हुई झमाझम बारिश। महज कुछ मिनटों की तेज बरसात ने शहर की सड़कों पर पानी भर दिया, जगह-जगह जलभराव हो गया और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का असर इतना तेज रहा कि जयपुर एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुआ और कई विमानों की लैंडिंग में सामान्य से ज्यादा वक्त लगा।
शाम होते ही बदला मौसम का मिजाज
सोमवार को दिनभर जयपुर का मौसम लगभग सामान्य बना रहा। धूप-छांव का खेल चलता रहा और किसी को अंदाजा नहीं था कि शाम इतनी नाटकीय होगी। शाम करीब होते ही अचानक आसमान में काली घटाएं घिर आईं। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने महज 15 मिनट में शहर की तस्वीर बदल दी। बाजारों में दुकानों के बाहर पानी भर गया, निचले इलाकों की सड़कों पर पानी जमा हो गया और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। अचानक हुई इस बारिश से लोग जहां-तहां फंस गए — कोई दुकानों के शेड के नीचे खड़ा हो गया तो कोई फ्लाईओवर के नीचे रुककर बारिश थमने का इंतजार करता दिखा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार बारिश का अंदाज ही अलग था। आमतौर पर सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, लेकिन इस बार तेज बौछारों ने मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी।
कहां कितनी बारिश दर्ज हुई
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जयपुर जिले के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश फागी में हुई, जहां 36 मिलीमीटर पानी बरसा। इसके बाद जयपुर तहसील में 23 मिलीमीटर, सांगानेर में 21 मिलीमीटर और कोटखावदा में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
| क्षेत्र | दर्ज बारिश (मिमी) |
|---|---|
| फागी | 36 |
| जयपुर तहसील | 23 |
| सांगानेर | 21 |
| कोटखावदा | 20 |
| माधोराजपुरा | 7 |
| आमेर | 5 |
| चाकसू | 4 |
| रामपुरा डाबड़ी | 2 |
| जोबनेर | 1 |
आंकड़े बताते हैं कि बारिश का सबसे ज्यादा असर जयपुर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में रहा। फागी, सांगानेर और कोटखावदा जैसे इलाकों में तेज बौछारों के चलते सड़कों पर पानी भर गया, जबकि शहर के कुछ अंदरूनी हिस्सों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई।
एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित
तेज बारिश का असर हवाई यातायात पर भी साफ दिखा। जयपुर एयरपोर्ट पर बारिश के दौरान कई विमानों की लैंडिंग में सामान्य से अधिक समय लगा। सबसे ज्यादा चर्चा एयर इंडिया की दिल्ली-जयपुर फ्लाइट AI-2761 की रही, जिसे लैंडिंग के दौरान अनस्टेबल एप्रोच का सामना करना पड़ा। पायलट ने पहले प्रयास में लैंडिंग टालते हुए गो-अराउंड किया और दूसरे प्रयास में विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक बारिश थमने के बाद सभी प्रभावित फ्लाइट्स की सुरक्षित लैंडिंग करा दी गई और किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं है। हालांकि, इस दौरान यात्रियों को थोड़ी देरी का सामना जरूर करना पड़ा। मानसून के मौसम में इस तरह की स्थिति असामान्य नहीं है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी जाती है कि खराब मौसम के दौरान अपनी फ्लाइट का स्टेटस पहले से चेक करके ही एयरपोर्ट के लिए निकलें।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बारिश के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम की सक्रियता है। इन्हीं सिस्टमों के चलते जयपुर और कोटा समेत प्रदेश के 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया था। पश्चिमी विक्षोभ का असर 29 सितंबर से धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
गौरतलब है कि इस बार मानसून राजस्थान में काफी सक्रिय रहा है। प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन साथ ही कई जगह जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी। किसानों के लिए यह बारिश मिली-जुली खबर लेकर आई है — जहां खरीफ की फसल को फायदा हुआ, वहीं ज्यादा पानी से कुछ जगह फसलों को नुकसान की भी आशंका है।
13 जिलों में यलो अलर्ट — बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने जयपुर और कोटा समेत 13 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम बिगड़ सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन ने भी संबंधित जिलों में अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी तैयार रखी गई हैं ताकि जलभराव या किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। नगर निगम की ओर से नालों की सफाई और जल निकासी के इंतजामों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
- तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
- जलभराव वाली सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाने से बचें।
- बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें, खासकर पानी भरे इलाकों में।
- फ्लाइट या ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं तो पहले स्टेटस जरूर चेक करें।
- मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: जयपुर में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज हुई?
जवाब: जयपुर जिले में सबसे ज्यादा 36 मिलीमीटर बारिश फागी में दर्ज की गई।
सवाल: क्या बारिश से फ्लाइटें रद्द हुईं?
जवाब: कोई फ्लाइट रद्द होने की खबर नहीं है, लेकिन कई विमानों की लैंडिंग में देरी हुई। एयर इंडिया की एक फ्लाइट को गो-अराउंड करना पड़ा, बाद में सुरक्षित लैंडिंग हुई।
सवाल: आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा?
जवाब: मौसम विभाग के मुताबिक 29 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होगा, लेकिन पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
सवाल: किन जिलों में यलो अलर्ट है?
जवाब: जयपुर और कोटा समेत कुल 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।