जयपुर स्वच्छता उत्सव: महापौर ने खुद उठाई झाड़ू, दीपावली से पहले चमकेगा शहर

दीपावली से पहले जयपुर की सड़कों और गलियों का नजारा बदलने वाला है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को राजधानी में जयपुर स्वच्छता उत्सव की शुरुआत कुछ अलग अंदाज में हुई — महापौर सुनील कोठारी ने खुद बड़ी चौपड़ पर झाड़ू उठाकर विशेष सफाई अभियान का शुभारंभ किया। जयपुर स्वच्छता उत्सव अब सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि वार्ड-वार चलने वाला जमीनी अभियान है, जो “स्वच्छता ही सेवा-2026” और “विकसित भारत जन सेवा अभियान” के तहत हर वार्ड तक पहुंचेगा।

इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ऊपर से नीचे नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर चलेगा। यानी आपके मोहल्ले, आपकी गली और आपके वार्ड की सफाई का हिसाब-किताब अब सीधे जोन स्तर पर तय होगा। जयपुर स्वच्छता उत्सव की शुरुआत किशनपोल जोन के वार्ड 112 से हुई है, जहां एक ही दिन में 11 रूट पर विशेष सफाई चलाई गई।

जयपुर स्वच्छता उत्सव: पहले दिन के आंकड़े

पहले ही दिन के आंकड़े बताते हैं कि नगर निगम इस बार सफाई को लेकर कितना गंभीर है। वार्ड 112 में चले विशेष अभियान के दौरान मैदान में उतारे गए संसाधनों का ब्यौरा इस प्रकार है:

संसाधनसंख्या
विशेष सफाई रूट11
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हूपर20
स्वच्छता योद्धा (सफाई कर्मी)200
जेसीबी मशीन3
ट्रैक्टर8
सहायक टीमेंविद्युत, सतर्कता और गार्डन शाखा

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 20 हूपर लगाए गए, 200 स्वच्छता योद्धा सड़कों पर उतरे और 3 जेसीबी व 8 ट्रैक्टरों से भारी सफाई कार्य कराया गया। इसके अलावा विद्युत शाखा, सतर्कता शाखा और गार्डन शाखा की टीमें भी मुस्तैदी से तैनात रहीं। महापौर ने बड़ी चौपड़ और जौहरी बाजार के बरामदों में खुद झाड़ू लगाई — मौके पर किशनपोल जोन के उपायुक्त समेत नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।

यह अभियान सिर्फ झाड़ू तक सीमित नहीं है

जयपुर स्वच्छता उत्सव के तहत वार्डों में विशेष सफाई व्यवस्था, नियमित कचरा उठाव और नालियों की सफाई तो होगी ही, इसके साथ ही शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई काम भी एक साथ कराए जाएंगे। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, फेरो कवर (मैनहोल ढक्कन) की जांच, सड़कों का पैचवर्क और पार्कों के रखरखाव जैसे कार्य भी चिन्हित करके पूरे किए जाएं।

यानी एक ही अभियान में सफाई के साथ-साथ शहर के छोटे-बड़े रखरखाव के काम भी निपटाए जाएंगे। अभियान से पहले चिन्हित स्थलों की सूची तैयार की जाएगी और किए गए कार्यों की पूर्व एवं पश्चात की फोटो-वीडियोग्राफी करके रिकॉर्ड भी संधारित होगा — ताकि काम का हिसाब पारदर्शी रहे।

अभियान की रणनीति: हर वार्ड में 50% संसाधन

जयपुर स्वच्छता उत्सव की रणनीति 6 अक्टूबर को ही तय हो चुकी थी। नगर निगम की योजना के अनुसार, विशेष स्वच्छता अभियान वाले वार्ड में जोन के कुल सफाई कर्मचारियों और यांत्रिक संसाधनों का 50 प्रतिशत या आवश्यकतानुसार उससे अधिक संसाधन नियोजित किए जाएंगे। इससे वार्ड की हर गली, सड़क और सार्वजनिक स्थान की संपूर्ण सफाई सुनिश्चित होगी।

अभियान के दौरान पूर्व चिन्हित GVP (कचरा-संवेदनशील बिंदु) और गंदगी वाले स्थानों से कचरे का पूर्ण उठाव कराया जाएगा। डिवाइडर और मीडियन समेत प्रमुख मार्गों व सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई होगी, और वार्डों में पड़े निर्माण-विध्वंस अपशिष्ट (C&D वेस्ट) को भी हटाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अभियान की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण भी होगा, और वार्ड स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय रहेगी।

पृष्ठभूमि: दीपावली डेडलाइन पहले से तय थी

यह अभियान अचानक नहीं आया है। 2 अक्टूबर को ही महापौर ने दीपावली तक वार्ड-वार विशेष सफाई अभियान चलाने की समीक्षा बैठक ली थी, जिसमें अभियान की रूपरेखा पर चर्चा हुई थी। (पढ़ें: जयपुर: दीपावली तक वार्डवार चलेगा विशेष सफाई अभियान — https://rajnews.in/jaipur-mahapur-diwali-safai-abhiyan-samiksha-baithak-2-october-2026/ )

इसके बाद 5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रमुखों और उपप्रमुखों से संवाद कर अगले 100 दिनों का कामकाजी एजेंडा सौंपा था, जिसमें दीपावली से पहले शहरों की सड़कों, गलियों और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का लक्ष्य तय हुआ था। (पढ़ें: दीपावली से पहले चमकेंगे शहर: CM का निकाय प्रमुखों को लक्ष्य — https://rajnews.in/cm-bhajanlal-nikay-samvad-100-din-roadmap-diwali-deadline-5-october-2026/ )

उसी कड़ी में अब जयपुर नगर निगम ने जयपुर स्वच्छता उत्सव को वार्ड स्तर पर उतार दिया है। महापौर सुनील कोठारी ने कहा है कि मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है — शहर में लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जयपुर की पहचान और विरासत को भी आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।

जयपुर स्वच्छता उत्सव: आपके लिए इसका क्या मतलब है

  • वार्ड-वार शेड्यूल: जयपुर स्वच्छता उत्सव बड़ी चौपड़ से शुरू होकर शहर के प्रत्येक वार्ड तक पहुंचेगा। अपने वार्ड में अभियान के दिन की जानकारी के लिए वार्ड पार्षद या जोन कार्यालय से संपर्क करें।
  • शिकायत निवारण: अगर आपके इलाके में कचरा नहीं उठ रहा, नाली जाम है, स्ट्रीट लाइट बंद है या मैनहोल का ढक्कन टूटा है, तो अभियान के दौरान इन्हें चिन्हित करके ठीक कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।
  • नागरिकों की भूमिका: महापौर ने वार्ड 112 में स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। दीपावली से पहले घरों की सफाई के दौरान निकलने वाला कचरा तय स्थान पर ही डालें और डोर-टू-डोर संग्रहण वाहन को कचरा सौंपें।
  • संबंधित राहत: नगर निगम की सेवा अवधि (7 से 16 अक्टूबर) के दौरान बकाया हाउस टैक्स पर छूट भी मिल रही है — (पढ़ें: बकाया हाउस टैक्स पर 50% छूट — https://rajnews.in/rajasthan-house-tax-50-percent-chhoot-penalty-maaf-7-october-2026/ )

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. जयपुर स्वच्छता उत्सव अभियान कब तक चलेगा?

जयपुर स्वच्छता उत्सव दीपावली से पहले शहर को साफ-सुथरा बनाने के लक्ष्य के साथ चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 8 अक्टूबर को बड़ी चौपड़ से हुई और यह वार्ड-वार पूरे शहर में पहुंचेगा।

2. क्या जयपुर स्वच्छता उत्सव सिर्फ कुछ वार्डों तक सीमित है?

नहीं। जयपुर स्वच्छता उत्सव की शुरुआत वार्ड 112 से हुई है, लेकिन योजना के अनुसार यह बड़ी चौपड़ से शहर के प्रत्येक वार्ड तक पहुंचेगा। हर जोन के उपायुक्त अपने-अपने वार्डों में विशेष अभियान संचालित करेंगे।

3. अभियान में सफाई के अलावा और क्या-क्या काम होंगे?

सफाई के साथ-साथ कचरा उठाव, नाली सफाई, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, फेरो कवर जांच, सड़क पैचवर्क, पार्क रखरखाव और निर्माण अपशिष्ट हटाने जैसे कार्य भी होंगे।

4. नागरिक जयपुर स्वच्छता उत्सव में कैसे भाग ले सकते हैं?

वार्ड स्तर पर स्वच्छता की शपथ कार्यक्रमों में शामिल हों, अपने घर का कचरा तय स्थान या संग्रहण वाहन को ही सौंपें और अपने इलाके की सफाई संबंधी समस्या की सूचना जोन कार्यालय या वार्ड पार्षद को दें।

मूल खबर: ETV Bharat Rajasthan — https://www.etvbharat.com/hi/state/jaipur-swachhata-utsav-special-cleaning-drive-launched-by-mayor-sunil-kothari-from-badi-chaupar-rjs26100802120

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