डीग महोत्सव 2026 का शुभारंभ: जल महलों से निकली भव्य शोभायात्रा, शाम को रंगीन फव्वारे और दीपदान

डीग महोत्सव 2026 का शुभारंभ: जल महलों से निकली भव्य शोभायात्रा, शाम को रंगीन फव्वारे और दीपदान

डीग: ऐतिहासिक जल महलों की नगरी डीग में शनिवार को डीग महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के तत्वावधान में इस महोत्सव की शुरुआत सुबह जल महलों से निकली शोभायात्रा से हुई। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरे दिन मेला मैदान में कबड्डी, मूंछ, रस्साकशी और राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां चलेंगी, शाम को ऐतिहासिक महल में रंगीन फव्वारे और दीपदान का आयोजन होगा।

महोत्सव के आगाज के साथ ही शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही जल महलों के आसपास पर्यटकों और लोक कलाकारों की भीड़ जुटने लगी थी। जिला प्रशासन का कहना है कि इस बार के आयोजन को पिछले वर्षों से अधिक भव्य बनाया गया है, ताकि डीग की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

डीग महोत्सव 2026: पूरे दिन का कार्यक्रम और समय-सारिणी

डीग महोत्सव 2026 के तहत शनिवार का पूरा कार्यक्रम तय है। जिला प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक गतिविधियां पूरे दिन चलेंगी।

कार्यक्रम सूची: सुबह 8:30–9:30 — भव्य शोभायात्रा (जल महलों से प्रमुख बाजार); सुबह 10:00–11:00 — दमखम-कबड्डी प्रतियोगिता (मेला मैदान); सुबह 11:00–12:00 — मूंछ प्रतियोगिता (मेला मैदान); दोपहर 12:00–1:00 — रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता (मेला मैदान); दोपहर 1:00–2:00 — राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता (मेला मैदान); दोपहर 2:00 बजे से — साफा बांधने की प्रतियोगिता (डीग महल); शाम को — ‘डीग के रंग’, रंगीन फव्वारे (ऐतिहासिक डीग महल); रात को — ‘जगमग डीग’, दीपदान (महल परिसर)।

विजेताओं को प्रमाण-पत्र और प्रतीक चिह्न दिए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि ये गतिविधियां स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के लिए रखी गई हैं।

जल महलों से निकली शोभायात्रा, कलश यात्रा बनी आकर्षण

डीग महोत्सव 2026 की शुरुआत सुबह 8:30 बजे हुई। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने ऐतिहासिक जल महलों से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में राजस्थानी लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों और पारंपरिक वेशभूषा ने लोगों का ध्यान खींचा। महिलाओं की कलश यात्रा शोभायात्रा का विशेष आकर्षण रही।

शोभायात्रा जल महलों से शुरू होकर प्रमुख बाजारों से गुजरती हुई वापस जल महलों पर संपन्न हुई। रास्ते भर लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

तैयारियों के लिए जिला कलक्टर ने 29 सितंबर को सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली थी। नगर परिषद को शोभायात्रा मार्ग की सफाई, रंगोली और पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए; जेवीवीएनएल को मार्ग पर ढीले तार दुरुस्त करने और शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को कलश यात्रा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

डीग की ऐतिहासिक पहचान: जल महल और रंगीन फव्वारे

डीग भरतपुर संभाग का ऐतिहासिक शहर है, जिसे जल महलों की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां के महल और बाग-बगीचे जाट शासकों के दौर की स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। डीग महल में लगे रंगीन फव्वारे अपनी अनूठी तकनीक के लिए प्रसिद्ध हैं — इन्हीं फव्वारों को इस महोत्सव में ‘डीग के रंग’ कार्यक्रम के तहत आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।

शुभारंभ अवसर पर जिला कलक्टर मयंक मनीष ने कहा कि डीग अपनी ऐतिहासिक धरोहर, आकर्षक जल महलों, विशिष्ट स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि डीग महोत्सव 2026 जैसे आयोजन इस विरासत को व्यापक पहचान दिलाने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इनसे स्थानीय लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिलता है।

पर्यटन विभाग के अनुसार ऐसे महोत्सव क्षेत्र के पर्यटन को नई गति देते हैं। भरतपुर आने वाले पर्यटकों के लिए डीग पहले से आकर्षण का केंद्र है, और महोत्सव से यहां आने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से भी ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दिया जाता रहा है। राजस्थान में मेलों और महोत्सवों की समृद्ध परंपरा रही है — हाल ही में पुष्कर में लोकमंथन यात्रा का आयोजन भी इसी परंपरा का हिस्सा रहा है।

डीग महोत्सव 2026 में शाम का नजारा: ‘डीग के रंग’ और ‘जगमग डीग’

डीग महोत्सव 2026 का सबसे आकर्षक हिस्सा शाम को होगा। ऐतिहासिक डीग महल में ‘डीग के रंग’ कार्यक्रम के तहत रंगीन फव्वारों के माध्यम से महल की सुंदरता को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ‘जगमग डीग’ कार्यक्रम के अंतर्गत दीपदान का आयोजन होगा, जिससे ऐतिहासिक नगरी रोशनी से जगमगाएगी।

महोत्सव की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं। घोषणा के समय से ही इस आयोजन को भव्य बनाने की बात कही जा रही थी, और आज से यह आयोजन धरातल पर उतर गया है।

पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी

  • कैसे पहुंचें: डीग भरतपुर से लगभग 32 किलोमीटर और जयपुर से लगभग 180 किलोमीटर दूर है। निकटतम रेलवे स्टेशन भरतपुर जंक्शन है, जहां से सड़क मार्ग से डीग पहुंचा जा सकता है।
  • कब जाएं: महोत्सव का मुख्य दिन आज (10 अक्टूबर) है। सुबह शोभायात्रा और दिनभर की प्रतियोगिताओं के बाद शाम के कार्यक्रम सबसे खास हैं।
  • क्या देखें: जल महल परिसर, रंगीन फव्वारे, शाम का दीपदान और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां।
  • ध्यान रखें: सप्ताहांत पर भीड़ अधिक रह सकती है, इसलिए समय से पहुंचें और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: डीग महोत्सव 2026 कब और कहां आयोजित हो रहा है?
उत्तर: डीग महोत्सव 2026 का आयोजन 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को डीग शहर में हो रहा है। राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने इसका संयुक्त आयोजन किया है।

प्रश्न 2: महोत्सव में कौन-कौन से कार्यक्रम हो रहे हैं?
उत्तर: डीग महोत्सव 2026 में सुबह जल महलों से भव्य शोभायात्रा, दिनभर मेला मैदान में दमखम-कबड्डी, मूंछ, रस्सा-कस्सी और राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता, डीग महल में साफा बांधने की प्रतियोगिता, और शाम को ‘डीग के रंग’ (रंगीन फव्वारे) तथा ‘जगमग डीग’ (दीपदान) का आयोजन हो रहा है।

प्रश्न 3: शोभायात्रा का शुभारंभ किसने किया?
उत्तर: जिला कलक्टर मयंक मनीष ने ऐतिहासिक जल महलों से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और महिलाओं की कलश यात्रा ने विशेष आकर्षण का काम किया।

प्रश्न 4: डीग क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर: डीग भरतपुर संभाग का ऐतिहासिक शहर है, जो अपने जल महलों और रंगीन फव्वारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के महल जाट शासकों के दौर की स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं और पर्यटकों के बीच विशेष लोकप्रिय हैं।

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