वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027: भजनलाल शर्मा-दिया कुमारी को गुजरात का न्योता

राजस्थान के उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए एक बड़ा मंच सजने जा रहा है। वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 के 11वें संस्करण में शिरकत के लिए गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को औपचारिक न्योता दिया है। शुक्रवार को गुजरात के एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर पहुंचकर दोनों नेताओं से मुलाकात की और समिट में हिस्सा लेने का आग्रह किया। इस निमंत्रण का सीधा मतलब है कि पड़ोसी राज्य गुजरात के वैश्विक निवेश मंच पर राजस्थान की मौजूदगी और दो राज्यों के बीच व्यापार-निवेश का सहयोग अब नए स्तर पर पहुंच सकता है।

जयपुर में गुजरात प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा निमंत्रण

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार और ग्रामीण विकास मंत्री कुंवरजी बावलिया शुक्रवार को जयपुर पहुंचे। उनके साथ गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल भी थीं। दोनों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से अलग-अलग मुलाकात की और वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

सूत्रों के मुताबिक यह निमंत्रण सिर्फ शिष्टाचार का हिस्सा नहीं है। गुजरात अपने समिट से पहले देश-विदेश के कारोबारी समुदाय तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहा है, और पड़ोसी राज्य राजस्थान के शीर्ष नेतृत्व को बुलाना उसी का हिस्सा है। मुलाकात में दोनों राज्यों के बीच निवेश, व्यापार, औद्योगिक विकास और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027: कार्यक्रम और मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
समिट का नाम वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 (11वां संस्करण)
तारीखें 10 से 12 जनवरी, 2027
स्थान महात्मा मंदिर, गांधीनगर
ट्रेड शो 9 जनवरी, 2027 — हेलीपैड प्रदर्शनी केंद्र
थीम विकसित गुजरात – शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर
निमंत्रण देने वाले कुंवरजी बावलिया (मंत्री, गुजरात), शालिनी अग्रवाल (एमडी, GUVNL)
आउटरीच अभियान 22 देशों में प्रतिनिधिमंडल, 8 भारतीय शहरों में रोडशो

तीन दिन चलने वाले इस समिट में दुनियाभर के निवेशक, उद्योगपति, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि जुटेंगे। मंच पर निवेश के अवसरों, औद्योगिक विकास, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा होगी। समिट से एक दिन पहले 9 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन हेलीपैड प्रदर्शनी केंद्र में होगा, जहां कंपनियां अपनी तकनीक और उत्पाद प्रदर्शित करेंगी।

वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 के प्राथमिक क्षेत्र: राजस्थान के लिए खास मौके

इस बार समिट की थीम ‘विकसित गुजरात – शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर’ रखी गई है और ध्यान तकनीक, उन्नत विनिर्माण, नवाचार और टिकाऊ विकास पर होगा। आयोजकों ने छह प्राथमिक क्षेत्र घोषित किए हैं: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर, एयरोस्पेस और रक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा।

दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई क्षेत्र राजस्थान की मौजूदा नीतिगत दिशा से सीधे जुड़ते हैं। राजस्थान ने हाल के वर्षों में सेमीकंडक्टर नीति, AI-ML नीति और डेटा सेंटर नीति जैसी योजनाएं लाकर खुद को तकनीक-आधारित निवेश के नक्शे पर लाने की कोशिश की है। ऐसे में वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 का मंच राजस्थान के उन उद्यमियों और नीति-निर्माताओं के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, जो इन्हीं क्षेत्रों में साझेदारी या निवेश के अवसर तलाश रहे हैं। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों राज्यों की दिलचस्पी मिलती-जुलती है, क्योंकि राजस्थान सौर ऊर्जा में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।

22 देशों में आउटरीच, देश के 8 शहरों में रोडशो

समिट की तैयारी अगस्त 2026 से ही तेज है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अगस्त में अमेरिका और कनाडा की यात्रा की थी, जहां सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन डीसी और टोरंटो में तकनीक दिग्गजों और निवेशकों से मुलाकात हुई थी। अब अक्टूबर-नवंबर 2026 के दौरान गुजरात की टीमें 22 देशों में निवेश आउटरीच करेंगी और देश के आठ शहरों में रोडशो आयोजित होंगे। गुजरात सरकार के इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ब्यूरो (iNDEXTb) को इस अभियान की नोडल एजेंसी बनाया गया है। जयपुर में दिया गया निमंत्रण भी इसी रोडमैप का हिस्सा है।

राजस्थान के उद्योगों के लिए इसका क्या मतलब है?

इस निमंत्रण को राजस्थान के कारोबारी नजरिए से देखें तो कई रास्ते खुलते हैं। पहला, राज्य के औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों को गांधीनगर के मंच पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से मिलने का मौका मिलेगा। दूसरा, सेमीकंडक्टर, AI, डेटा सेंटर और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में राजस्थान पहले से नीतियां बना चुका है — गुजरात के अनुभव और वहां के निवेशकों के साथ साझेदारी से इन नीतियों को जमीन पर उतारने में मदद मिल सकती है।

तीसरा, कौशल विकास का क्षेत्र है। निमंत्रण देने आए गुजरात मंत्री खुद कौशल विकास विभाग के प्रभारी हैं। राजस्थान में हाल ही में 21 आईएएस अधिकारियों को निवेश की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, और राज्य में निवेश के लिए मुख्य सचिव स्तर पर विश्व बैंक अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है — ऐसे में गुजरात के साथ कौशल और निवेश साझेदारी स्वाभाविक कदम लगती है। पाली में हाल में हुए एमएसएमई सम्मेलन में सीएम भजनलाल की मौजूदगी भी राज्य की निवेश-उन्मुख सोच दिखाती है।

2003 से चला आ रहा निवेश मंच

वाइब्रेंट गुजरात समिट की शुरुआत 2003 में हुई थी, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। द्विवार्षिक रूप से होने वाला यह समिट अब गुजरात का प्रमुख वैश्विक निवेश कार्यक्रम बन चुका है, जहां उद्योग, सरकारें और निवेशक कारोबारी साझेदारियों और औद्योगिक विकास पर चर्चा करते हैं। घोषित प्राथमिक क्षेत्रों से साफ है कि गुजरात अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों — AI, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर — पर दांव लगा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, दो पड़ोसी राज्यों के शीर्ष नेतृत्व की ऐसी मुलाकातें निवेश के माहौल के लिए सकारात्मक संकेत होती हैं। राजस्थान और गुजरात के बीच व्यापारिक संबंध पहले से मजबूत हैं, और साझा मंचों पर भागीदारी से इन्हें संस्थागत रूप मिलता है। जनवरी 2027 में जब गांधीनगर में वैश्विक निवेशक जुटेंगे, तो राजस्थान की मौजूदगी वहां राज्य के उद्योगों के लिए नए दरवाजे खोल सकती है। अधिक जानकारी के लिए मूल रिपोर्ट यहां पढ़ें: The News Mill।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 कब और कहां होगा?

11वां वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 10 से 12 जनवरी, 2027 तक गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होगा। एक दिन पहले 9 जनवरी को हेलीपैड प्रदर्शनी केंद्र में ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन होगा।

राजस्थान के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को किसने निमंत्रण दिया?

गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया और GUVNL की एमडी शालिनी अग्रवाल ने 23 अक्टूबर, 2026 को जयपुर में भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी से मिलकर औपचारिक निमंत्रण दिया।

वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 के मुख्य प्राथमिक क्षेत्र कौन से हैं?

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर, एयरोस्पेस और रक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा — इन छह क्षेत्रों पर इस बार खास फोकस रहेगा।

वाइब्रेंट गुजरात समिट की शुरुआत कब हुई थी?

इसकी शुरुआत 2003 में हुई थी, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह हर दो साल में आयोजित होने वाला गुजरात का प्रमुख वैश्विक निवेश समिट है।

Leave a Comment