उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम इस बार यात्रियों की जेब पर सीधा असर डाल रहा है। त्योहार नजदीक आते ही झीलों के शहर में भीड़ इतनी बढ़ गई है कि ट्रेनों में जगह मिलना मुश्किल हो गया है और बसों के किराए ने छलांग लगा दी है। मुंबई रूट पर ऑनलाइन बुकिंग साइटों पर किराया 3000 से 4000 रुपये तक दिख रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यही सफर 1400 से 2000 रुपये में हो जाता था। 20 नवंबर तक सीटों की यही खींचतान रह सकती है, इसलिए टिकट पक्का करना ही पहला काम है।
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम और किराए का गणित
त्योहारी सीजन में किराए का गणित मांग से तय होता है, और इस बार वह यात्रियों के खिलाफ गया है। मुंबई से उदयपुर के बीच बस का किराया अभी 1400 से 2000 रुपये के बीच है, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यही किराया 3000 से 4000 रुपये तक पहुंच गया है। सीटें कम बचने पर बचा हुआ किराया अपने आप ऊपर चला जाता है। दिल्ली रूट पर किराया 1000 से 1500 रुपये और आगरा रूट पर 1200 से 1500 रुपये के बीच है। बाकी रूटों पर भी 200 से 300 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम का सीधा नतीजा यही है — त्योहार की यात्रा का बजट पहले से बढ़ाकर चलें, और टिकट लेते समय काउंटर व ऑनलाइन किराया दोनों की तुलना करें।
ट्रेन फुल तो बसों पर टूटा भार
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम में ट्रेनों की बुकिंग फुल होने का असर सीधा बसों पर पड़ा है। जब रेल से सीट नहीं मिलती, तो यात्री सड़क का रुख करते हैं और निजी बसों पर दबाव बढ़ जाता है। कई रूटों पर 3 और 4 नवंबर से बुकिंग में तेजी आई है, यानी त्योहार से ठीक पहले के दिनों की सीटें सबसे पहले भरी हैं। आखिरी दिनों में टिकट खोजने वालों को ज्यादा किराया देना होगा।
राजस्थान रोडवेज ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए अपने आगार से 86 बसों का संचालन जारी रखा है। आगार प्रबंधक हरदीप सिंह राव के मुताबिक जरूरत पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। एक्सप्रेस बसों में ऑनलाइन बुकिंग जारी है, लेकिन त्योहार में रोडवेज की सीटें भी जल्दी भरती हैं।
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम में होटल कारोबार की रौनक
पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का सीधा फायदा होटल कारोबार को मिल रहा है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के मुताबिक उदयपुर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और दीपावली में और तेजी की उम्मीद है।
उदयपुर ट्रैवलर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश जोशी के मुताबिक दीपावली पर मुंबई से उदयपुर और मेवाड़ के गांवों में आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। उदयपुर के होटल कारोबारियों ने पहले मास्टर प्लान, पार्किंग और नाइट फूड कोर्ट जैसे सुझाव भी रखे थे।
घर लौटने वालों की भीड़: मुंबई से मेवाड़ के गांवों तक
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम सिर्फ पर्यटकों की कहानी नहीं, बल्कि घर लौटने वालों की भी कहानी है। मुंबई में नौकरी और कारोबार करने वाले मेवाड़ के लोग दीपावली पर अपने गांव लौटते हैं। इनमें भीम, देवगढ़, आमेट, लावासरदारगढ़, गोमती, चारभुजा, सायरा, गोगुंदा, घासा और मावली क्षेत्र के लोग शामिल हैं। ये यात्री उदयपुर होते हुए अपने गांवों तक पहुंचते हैं, इसलिए पूरे रूट पर दबाव बनता है।
मुंबई के अलावा दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, आगरा, गंगानगर, सीकर, चूरू और झुंझुनू रूट पर भी बुकिंग बढ़ रही है। धार्मिक पर्यटन भी इस भीड़ का बड़ा हिस्सा है — धनतेरस के बाद नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने वालों की संख्या बढ़ जाती है, और वहां से पर्यटक राजसमंद होते हुए उदयपुर पहुंचते हैं। धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने का काम भी चल रहा है, जैसे खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं के लिए 100 करोड़ रुपये की सुविधा परियोजना।
टॉप-10 सूची में उदयपुर दूसरे नंबर पर
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम को एक हालिया सूची ने भी पक्का किया है। ट्रैवल पोर्टल एलिवास की दिवाली 2026 टॉप-10 सूची में उदयपुर दूसरे और जयपुर पहले नंबर पर है। यानी देश के दो सबसे पसंदीदा दिवाली डेस्टिनेशन राजस्थान में ही हैं।
पिछोला झील में बोटिंग करते हुए महलों और पहाड़ियों का नजारा देखने को मिलता है, और सिटी पैलेस अपनी राजसी बनावट व ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। इसके अलावा फतेहसागर झील, सहेलियों की बाड़ी और सज्जनगढ़ भी घूमने के लिए अच्छे विकल्प हैं।
यात्रा की योजना बनाएं तो इन बातों का ध्यान रखें
टिकट और होटल की बुकिंग जल्दी पक्की कर लें — 3-4 नवंबर की सीटें तेजी से भर रही हैं, और 20 नवंबर तक मारामारी की संभावना है। शाम के समय प्रमुख मार्गों पर जाम लग सकता है, इसलिए समय में छूट रखें। नाव की सवारी, टैक्सी और गाइड की दरें पहले से तय कर लें। दीपावली से जुड़ी अन्य यात्राओं और अवकाश की जानकारी के लिए राजस्थान की दीपावली संबंधी खबरें भी देखते रहें।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बूम का केंद्र | उदयपुर, झीलों का शहर |
| सबसे ज्यादा दबाव | मुंबई-उदयपुर रूट, 3-4 नवंबर की बुकिंग |
| मुंबई रूट किराया | 1400-2000 रुपये, ऑनलाइन 3000-4000 रुपये तक |
| दिल्ली रूट किराया | 1000-1500 रुपये |
| आगरा रूट किराया | 1200-1500 रुपये |
| अन्य रूटों पर बढ़ोतरी | 200-300 रुपये तक |
| सीटों की मारामारी | 20 नवंबर तक रहने की संभावना |
| रोडवेज बसें | आगार से 86 बसें, जरूरत पर फेरे बढ़ेंगे |
| टॉप-10 सूची में स्थान | उदयपुर दूसरे नंबर पर, जयपुर पहले नंबर पर |
| प्रमुख आकर्षण | पिछोला झील, सिटी पैलेस, फतेहसागर, सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उदयपुर दीपावली पर्यटन बूम में टिकट कब तक बुक कर लेना चाहिए?
जितनी जल्दी हो सके — ट्रेनें फुल हैं, 3-4 नवंबर की बस सीटें तेजी से भर रही हैं, और 20 नवंबर तक मारामारी की संभावना है।
मुंबई से उदयपुर का बस किराया अभी कितना है?
मुंबई रूट पर 1400-2000 रुपये, ऑनलाइन 3000-4000 रुपये तक। दिल्ली रूट पर 1000-1500 और आगरा रूट पर 1200-1500 रुपये।
ट्रेन फुल हो जाए तो उदयपुर पहुंचने का क्या विकल्प है?
राजस्थान रोडवेज की बसें एक विकल्प हैं — आगार से 86 बसें चल रही हैं, जरूरत पर फेरे बढ़ेंगे, एक्सप्रेस बसों में ऑनलाइन बुकिंग जारी है।
उदयपुर में दीपावली के दिनों में कहां घूमा जा सकता है?
पिछोला झील में बोटिंग, सिटी पैलेस, फतेहसागर झील, सहेलियों की बाड़ी और सज्जनगढ़ प्रमुख आकर्षण हैं।
स्रोत: ईटीवी भारत की 28 अक्टूबर 2026 की उदयपुर पर्यटन रिपोर्ट और ट्रैवल पोर्टल एलिवास की दिवाली टॉप-10 सूची पर आधारित।