सोचिए, कोई मेहनती अभ्यर्थी सालों तक परीक्षा की तैयारी करता है, और आखिर में पता चलता है कि उसकी सीट पर परीक्षा किसी और ने दे दी — वह भी पैसे लेकर। राजस्थान में सामने आए ताजा मामले ने इसी कड़वी सच्चाई को फिर उजागर कर दिया है। डमी अभ्यर्थी वीरमाराम गिरफ्तार हो गया है, और उसके साथ ही एक ऐसी कहानी खुली है जिसमें 12 लाख रुपये की कथित डील, दूसरे व्यक्ति के नाम पर दी गई परीक्षा, सरकारी नौकरी और फर्जी डिग्री — सब एक ही धागे से जुड़े हुए हैं।
डमी अभ्यर्थी वीरमाराम गिरफ्तार कैसे हुआ?
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप, यानी एसओजी, ने इस मामले में कार्रवाई की है। अधिकारियों ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार आरोपी वीरमा राम बिश्नोई (45) सांचौर का रहने वाला है। वह जालोर जिले के जसवंतपुरा उपखंड कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत है।
बंसल के मुताबिक आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार करके पुलिस हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है।
12 लाख की डील और 25 दिसंबर 2022 की परीक्षा
इस मामले की जड़ चार साल पुरानी एक परीक्षा में है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने शारीरिक शिक्षा शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 का आयोजन 25 दिसंबर, 2022 को किया था। आरोप है कि वीरमाराम ने इसी परीक्षा में अभ्यर्थी भारमल राम की जगह बैठकर परीक्षा दी थी, और इसके बदले में उसे 12 लाख रुपये मिलने की बात सामने आई है।
परीक्षा के बाद भारमल राम को शारीरिक शिक्षक के रूप में सरकारी नौकरी भी मिल गई।
फर्जी डिग्री का दूसरा खेल: सीहोर विश्वविद्यालय से जुड़ा रैकेट
इस मामले में एक और परत तब खुली जब जांच में भारमल राम की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठे। पुलिस के अनुसार भारमल राम ने चयन प्रक्रिया के दौरान सीहोर स्थित श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया था। एसओजी ने इस फर्जी डिग्री गिरोह में विश्वविद्यालय के कुलपति सहित तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। यानी परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठना ही अकेला फर्जीवाड़ा नहीं था, बल्कि नौकरी पाने के लिए लगाई गई डिग्री पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
2004 का पुराना मामला भी सामने आया
वीरमाराम का नाम इस तरह के मामलों में पहली बार सामने नहीं आया है। पुलिस के अनुसार वह 2004 में उच्च माध्यमिक परीक्षा में भी फर्जी अभ्यर्थी के तौर पर शामिल हुआ था, जिसके लिए जालोर जिले में एक मामला दर्ज किया गया था। यानी डमी अभ्यर्थी बनने का यह तरीका उसके लिए नया नहीं है, बल्कि दशकों पुराना बताया जा रहा है।
डमी अभ्यर्थी का खेल आमतौर पर कैसे चलता है
डमी अभ्यर्थी का मतलब सीधा है — परीक्षा में असली अभ्यर्थी की जगह कोई और व्यक्ति बैठ जाता है। आमतौर पर इस खेल में तीन तरह के लोग शामिल होते हैं: वह अभ्यर्थी जो परीक्षा नहीं देना चाहता, वह व्यक्ति जो पैसे लेकर उसकी जगह बैठता है, और बीच में सौदा तय कराने वाले लोग। कई बार इसमें फर्जी पहचान पत्र और मिलते-जुलते दस्तावेजों का भी इस्तेमाल होता है।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। डमी अभ्यर्थी के पहले मामले में भी एसओजी की कार्रवाई हुई थी, और फर्जी प्रमाण पत्र से शिक्षक भर्ती का मामला भी हाल ही में चर्चा में रहा है। एसओजी की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई से साफ होता है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ जांच एजेंसी लगातार सक्रिय है।
इस मामले का पूरा घटनाक्रम एक नजर में
| तारीख / समय | घटना |
|---|---|
| 2004 | वीरमाराम पर उच्च माध्यमिक परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी के तौर पर शामिल होने का आरोप, जालोर में मामला दर्ज |
| 25 दिसंबर 2022 | राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने शारीरिक शिक्षा शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 आयोजित की |
| परीक्षा के बाद | भारमल राम को शारीरिक शिक्षक के रूप में सरकारी नौकरी मिली |
| जांच के दौरान | भारमल राम की ओर से सीहोर के श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के इस्तेमाल का खुलासा |
| जांच के दौरान | फर्जी डिग्री गिरोह में विश्वविद्यालय के कुलपति सहित तीन लोगों की पहले गिरफ्तारी |
| 29 अक्टूबर 2026 | वीरमाराम बिश्नोई ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, एसओजी ने गिरफ्तार करके पुलिस हिरासत में लिया |
असली अभ्यर्थियों पर असर और आगे क्या होगा?
इस तरह की हर घटना का सबसे बड़ा नुकसान उन अभ्यर्थियों को होता है जो ईमानदारी से तैयारी करते हैं। एक सीट पर गलत तरीके से नियुक्ति हो जाने का मतलब है कि किसी योग्य अभ्यर्थी का हक मारा गया। इसके अलावा, जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा डगमगाता है।
आगे पुलिस हिरासत में पूछताछ से यह साफ हो सकता है कि लेन-देन कैसे हुआ और इसमें और कौन शामिल था। भारमल राम की नौकरी का भविष्य जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा, लेकिन इस बारे में अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. डमी अभ्यर्थी वीरमाराम गिरफ्तार क्यों हुआ है?
उस पर शारीरिक शिक्षा शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में भारमल राम की जगह बैठकर परीक्षा देने का आरोप है। इसके लिए उसे 12 लाख रुपये मिलने की बात सामने आई है।
2. वीरमाराम बिश्नोई कौन है और कहां कार्यरत है?
वीरमा राम बिश्नोई (45) सांचौर का रहने वाला है और जालोर जिले के जसवंतपुरा उपखंड कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत है।
3. शारीरिक शिक्षा शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 कब हुई थी?
यह परीक्षा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 25 दिसंबर, 2022 को आयोजित की थी।
4. इस मामले में फर्जी डिग्री का क्या मामला है?
जांच में सामने आया है कि भारमल राम ने चयन प्रक्रिया में सीहोर स्थित श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया था। इस गिरोह में विश्वविद्यालय के कुलपति सहित तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।