संयम लोढ़ा को जान से मारने की धमकी: विदेशी नंबरों से आए 3 कॉल, FIR दर्ज, सुरक्षा घेरा मजबूत

राजस्थान की सियासत में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब संयम लोढ़ा धमकी मामले में एक नया और खौफनाक मोड़ सामने आया। सिरोही के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता को हत्या की साजिश के खुलासे के 20 दिन बाद 11 अक्टूबर को एक ही दिन में तीन बार विदेशी नंबरों से कॉल करके खुली चेतावनी दी गई। फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर आरजू बिश्नोई का करीबी बताया। धमकी के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है — पाली जिले के सुमेरपुर सदर थाने में FIR No. 165/26 दर्ज कर ली गई है और पूर्व विधायक के सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया गया है। अब उनके काफिले के साथ एक विशेष एस्कॉर्ट गाड़ी भी तैनात रहेगी।

संयम लोढ़ा धमकी: 11 अक्टूबर को तीन विदेशी कॉल और वॉयस नोट

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 11 अक्टूबर को संयम लोढ़ा के फोन पर एक के बाद एक तीन बार अंतरराष्ट्रीय नंबरों से रिंग बजी। लोढ़ा ने शुरुआत में ये कॉल नहीं उठाए। फिर एक ऑडियो मैसेज आया, जिसमें खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़े आरजू बिश्नोई का भाई बताते हुए सीधी धमकी दी गई।

लोढ़ा ने खुद इस बारे में बताया, “11 अक्टूबर को विदेशी नंबरों से 3 कॉल आए, मैंने उठाए नहीं। फिर वॉयस नोट आया, जिसमें धमकी मिली। इसके बाद पुलिस ने और ज्यादा सुरक्षा बढ़ाई।”

संयम लोढ़ा धमकी मामले में उन्होंने सुमेरपुर सदर थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। धमकी देने वाले की असली पहचान और गैंग से उसके संबंधों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

संयम लोढ़ा धमकी के पीछे: गैंग के निशाने की तीन वजहें

संयम लोढ़ा सिरोही से पूर्व विधायक हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के तौर पर जाने जाते हैं। अपने क्षेत्र सिरोही-शिवगंज में वे संगठित अपराध, ड्रग्स तस्करी और रंगदारी के खिलाफ बेहद मुखर रहे हैं और कई बार पुलिस पर दबाव बनाकर स्थानीय क्राइम नेटवर्क की कमर तोड़ी है।

सूत्रों के मुताबिक संयम लोढ़ा धमकी के पीछे तीन कारण हैं — पहला, अपराध नेटवर्क पर उनका सीधा प्रहार, जिससे गैंग की कमाई पर चोट पहुंची; दूसरा, मारवाड़-शेखावाटी में खौफ कायम करने के लिए किसी बड़े राजनीतिक चेहरे को निशाना बनाना; तीसरा, पकड़े गए शूटरों के खुलासे से नाकाम साजिश की खीझ, जिसे मिटाने के लिए विदेश से धमकियां दी जा रही हैं।

हत्या की पुरानी साजिश: फार्म हाउस की रेकी, होटल में शूटर, झाड़ियों में हथियार

संयम लोढ़ा धमकी मामले की जड़ें करीब 20 दिन पुरानी हैं, जब AGTF की जांच में लोढ़ा की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था। हरियाणा का शूटर साहिल इस साजिश को लीड कर रहा था।

शूटरों ने शिवगंज के पास पालड़ी जोड़ स्थित लोढ़ा के फार्म हाउस की बाकायदा रेकी की थी और सिरोही के एक होटल में ठहरे थे — उनकी गतिविधियां CCTV में कैद हुईं। पुलिस ने पाली के ढोला गांव के पास हाईवे से 200 मीटर दूर झाड़ियों में छिपे अत्याधुनिक विदेशी हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए थे।

इससे पहले जोधपुर में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की गिरफ्त में आए लॉरेंस गैंग के दो शार्प शूटरों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि पूर्व विधायक उनके निशाने पर थे। उस वक्त गहलोत समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने इस साजिश के खुलासे पर गहरी चिंता जताई थी।

अब पुलिस की रणनीति: साइबर सेल, CDR और वर्चुअल नंबर का एंगल

संयम लोढ़ा धमकी मामले में पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस और धमकी भरे ऑडियो मैसेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। सवाल यह भी है कि कॉल सच में विदेश से आई थी या वर्चुअल नंबरों से दहशत फैलाने की कोशिश हुई है।

शूटरों की गिरफ्तारी के बावजूद विदेश में बैठे गैंगस्टरों की बेखौफ धमकियों ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सुमेरपुर सदर थाना पुलिस और साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि इन विदेशी कॉल्स का असली नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है।

टाइगर श्रॉफ केस से जुड़ता तार: एक ही गैंग, अलग-अलग निशाने

संयम लोढ़ा धमकी मामले में जिसका नाम आया है, वही लॉरेंस बिश्नोई गैंग हाल में मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी भी ले चुकी है। उस मामले में राजस्थान पुलिस और AGTF ने कोटा रेलवे स्टेशन से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो नेपाल भागने की फिराक में थे।

एक ही गैंग का एक ही हफ्ते में बॉलीवुड एक्टर पर हमला और राजस्थान के पूर्व विधायक को धमकी — यह बताता है कि गैंग का नेटवर्क कितना सक्रिय है। राजस्थान पुलिस के लिए यह दोहरी चुनौती है: एक तरफ कोटा में ऑपरेशन हॉक जैसी कार्रवाइयों से बदमाशों पर शिकंजा कसना, दूसरी तरफ विदेश में बैठे गैंगस्टरों के धमकी भरे नेटवर्क को तोड़ना।

घटनाक्रम: साजिश के खुलासे से ताजा धमकी तक

तारीख घटनाक्रम
सितंबर 2026 (अंत में) AGTF की जांच में संयम लोढ़ा की हत्या की साजिश का खुलासा; हरियाणा के शूटर साहिल का नाम सामने आया
सितंबर 2026 पालड़ी जोड़ स्थित फार्म हाउस की रेकी का पता चला; ढोला गांव के पास झाड़ियों से विदेशी हथियार और कारतूस बरामद
11 अक्टूबर 2026 विदेशी नंबरों से 3 कॉल और धमकी भरा ऑडियो मैसेज; कॉलर ने खुद को आरजू बिश्नोई का भाई बताया
11 अक्टूबर 2026 सुमेरपुर सदर थाने में FIR No. 165/26 दर्ज; जांच शुरू
19 अक्टूबर 2026 मामला सार्वजनिक; सुरक्षा और कड़ी, काफिले में विशेष एस्कॉर्ट गाड़ी तैनात

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: संयम लोढ़ा कौन हैं?

जवाब: संयम लोढ़ा सिरोही के पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे अपने क्षेत्र में संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मुखर आवाज उठाते रहे हैं।

सवाल 2: धमकी किसने और कैसे दी?

जवाब: संयम लोढ़ा धमकी मामले में 11 अक्टूबर को विदेशी नंबरों से तीन कॉल आए और एक ऑडियो मैसेज भेजा गया। कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर आरजू बिश्नोई का भाई बताया। आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद होगी।

सवाल 3: FIR कहां दर्ज हुई है?

जवाब: पाली जिले के सुमेरपुर सदर थाने में FIR No. 165/26 दर्ज की गई है। पुलिस साइबर सेल के साथ मिलकर कॉल के स्रोत की जांच कर रही है।

सवाल 4: क्या यह लोढ़ा को मिली पहली धमकी है?

जवाब: नहीं। करीब 20 दिन पहले AGTF की जांच में उनकी हत्या की साजिश का खुलासा हो चुका है, जिसमें शूटरों ने उनके फार्म हाउस की रेकी की थी और झाड़ियों से विदेशी हथियार मिले थे।

स्रोत: ETV Bharat

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