अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन थापन की तबीयत बुधवार रात को अचानक बिगड़ गई। सचिन बिश्नोई भूख हड़ताल पर पिछले 17-18 दिनों से था — उसने अन्न-जल त्याग रखा था। हालत गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने उसे अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिंता की बात यह है कि वह इलाज कराने से भी इनकार कर रहा है।
यह मामला सिर्फ एक कैदी की तबीयत का नहीं है। इसके पीछे जेल प्रशासन से चल रहा एक लंबा विवाद है — मांगें, टूटे CCTV कैमरे, नवरात्र व्रत का दावा और जेल मैनुअल के नियम। पूरा मामला समझते हैं।
17-18 दिन से अन्न-जल त्याग: सचिन बिश्नोई भूख हड़ताल की वजह क्या?
जेल प्रशासन के मुताबिक सचिन थापन पिछले 17-18 दिनों से भोजन नहीं कर रहा था। इतने लंबे समय तक भूखा रहना किसी के लिए भी जानलेवा हो सकता है — और बुधवार रात को वही हुआ। तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत JLN अस्पताल पहुंचाया गया।
उसकी मांग को लेकर दो बातें सामने आई हैं। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के मुताबिक, सचिन ने नवरात्र से पहले मौखिक रूप से कहा था कि उसके दो साथियों को उसकी बैरक में रखा जाए। लेकिन उसने इस मांग को लेकर कोई लिखित आवेदन नहीं दिया। एक अन्य जानकारी के अनुसार, जेल में STD सुविधा बंद किए जाने के विरोध में उसने भूख हड़ताल शुरू की थी।
जेल प्रशासन का पक्ष स्पष्ट है — बिना लिखित आवेदन के किसी मांग पर विचार नहीं हो सकता। इसी खींचतान में 17-18 दिन बीत गए और बात अस्पताल तक पहुंच गई।
नवरात्र व्रत या भूख हड़ताल: दो दावे, एक सच्चाई
मामले का सबसे पेचीदा पहलू यह है कि सचिन खुद इसे भूख हड़ताल मानने से इनकार कर रहा है। जेल अधीक्षक के अनुसार, उसने नवरात्रों का हवाला देते हुए खुद को मौन व्रत पर बताया। जब प्रशासनिक अधिकारी बात करने पहुंचे, तो उसने मौन व्रत का हवाला देकर चर्चा से भी इनकार कर दिया।
नाम चाहे जो भी दिया जाए — 17-18 दिन तक अन्न-जल न लेना चिकित्सकीय रूप से बेहद खतरनाक है। JLN अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित यादव के मुताबिक, इतने दिनों की भूख की वजह से उसकी हालत गंभीर हो गई है। डॉक्टर इलाज की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सचिन सहयोग नहीं कर रहा।
CCTV तोड़े, बैरक की मांग: जेल में क्या हुआ था?
सचिन जिन दो साथियों को अपनी बैरक में रखने की मांग कर रहा था, उनका रिकॉर्ड भी साफ नहीं है। दोनों ने पिछले दिनों अपनी बैरक में लगे CCTV कैमरे और टाइल्स तोड़ दिए थे। इस पर जेल प्रशासन ने सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जेल अधीक्षक का कहना है कि ऐसे अनुशासनहीन कैदियों को सचिन के साथ एक बैरक में रखना जेल मैनुअल के खिलाफ है। सुरक्षा के लिहाज से यह मुमकिन नहीं था। यहीं मामला अटका — सचिन मांग पर अड़ा रहा, प्रशासन नियमों पर, और नतीजा 17 दिन की भूख के रूप में सामने आया।
कौन है सचिन थापन: मूसेवाला केस से दुबई फरारी तक
सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड की साजिश में उसकी अहम भूमिका थी — उस पर हत्या से पहले रेकी करने और शूटरों को हथियार व मदद मुहैया कराने के आरोप हैं।
हत्याकांड से पहले वह फर्जी पासपोर्ट पर दुबई भाग गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त 2023 को प्रत्यर्पण के जरिए उसे भारत लाया गया, और तब से वह अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। हाई-प्रोफाइल कैदी होने के कारण अस्पताल में भी उसकी सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
लॉरेंस गैंग से जुड़े मामले राजस्थान में लगातार सुर्खियों में रहे हैं — हाल में संयम लोढ़ा को गैंग से धमकी और टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से गिरफ्तारी की खबरें आई थीं। (स्रोत: आजतक)
सचिन बिश्नोई भूख हड़ताल: अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सचिन JLN अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है। आगे तीन संभावनाएं हैं — पहला, हालत और बिगड़ने पर अदालत के आदेश से जीवनरक्षक इलाज; दूसरा, वरिष्ठ अधिकारियों के जरिए दोबारा बातचीत की कोशिश; तीसरा, अस्पताल में भर्ती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा।
इस मामले ने जेलों में कैदियों के विरोध और मांगों के निपटारे की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 17-18 दिन तक किसी कैदी का भूखा रहना — क्या इसे पहले नहीं सुलझाया जा सकता था? जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा।
मामले की टाइमलाइन
| तारीख/अवधि | घटना |
|---|---|
| 1 अगस्त 2023 | दुबई से प्रत्यर्पण; तब से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद |
| नवरात्र से पहले | दो साथियों को बैरक में रखने की मौखिक मांग; कोई लिखित आवेदन नहीं |
| पिछले 17-18 दिन | अन्न-जल त्याग; प्रशासन के मुताबिक भूख हड़ताल, कैदी के मुताबिक मौन व्रत |
| इसी दौरान | दोनों साथियों ने CCTV कैमरे-टाइल्स तोड़े; सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज |
| 21 अक्टूबर (बुधवार रात) | तबीयत बिगड़ने पर JLN अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती |
| 22 अक्टूबर | डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई; इलाज से इनकार; अस्पताल में सुरक्षा तैनात |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सचिन बिश्नोई कौन है?
सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है। वह सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में से एक है और अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है।
सचिन भूख हड़ताल क्यों कर रहा था?
उसकी मांग थी कि उसके दो साथियों को उसकी बैरक में रखा जाए, लेकिन उसने कोई लिखित आवेदन नहीं दिया था। उसका दावा है कि वह नवरात्र के मौन व्रत पर था।
सचिन की तबीयत अब कैसी है?
17-18 दिन भूखे रहने के बाद बुधवार रात तबीयत बिगड़ने पर उसे JLN अस्पताल, अजमेर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक हालत गंभीर है और वह इलाज से इनकार कर रहा है।
वह किस केस में जेल में है?
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी है। उस पर साजिश, रेकी और शूटरों को हथियार देने के आरोप हैं। वह फर्जी पासपोर्ट पर दुबई भाग गया था; 1 अगस्त 2023 को प्रत्यर्पण हुआ।