अगर आप राजस्थान में उद्योग या लॉजिस्टिक यूनिट लगाने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ा मौका आया है। राज्य की औद्योगिक विकास संस्था रीको (RIICO) ने प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 के 14वें चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण में प्रदेश के 94 औद्योगिक क्षेत्रों में 4,700 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखण्ड निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इच्छुक निवेशक 12 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, और भूखण्डों का आवंटन 15 अक्टूबर 2026 को होने वाली ई-लॉटरी के माध्यम से होगा।
राइजिंग राजस्थान निवेश शिखर सम्मेलन के बाद राज्य सरकार लगातार उद्योगों को जमीन देने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने पर काम कर रही है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना इसी दिशा में रीको की सबसे अहम पहल है। 28 सितंबर 2026 से शुरू हुए इस 14वें चरण में उन निवेशकों को खास तरजीह दी जाएगी, जिन्होंने राइजिंग राजस्थान के तहत राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।
14वां चरण: कब शुरू हुआ, कब तक आवेदन
रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 का 14वां चरण 28 सितंबर 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है। इस चरण की सबसे अहम तारीखें आप ध्यान से नोट कर लें —
योजना का शुभारंभ: 28 सितंबर 2026
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 12 अक्टूबर 2026
ई-लॉटरी का आयोजन: 15 अक्टूबर 2026
मतलब आपके पास आवेदन के लिए करीब दो हफ्ते का समय है। पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, ताकि निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
एक और अहम बात — जिन निवेशकों ने राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत राज्य सरकार के साथ एमओयू किया है, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। और जिन निवेशकों ने अभी तक एमओयू निष्पादित नहीं किया है, वे भी ईएमडी (बयाना राशि) की अंतिम तिथि तक राज्य सरकार के साथ एमओयू निष्पादित करके इस योजना के तहत भूखण्ड आवंटन के लिए पात्र हो सकेंगे। यानी दरवाजे अभी खुले हैं, लेकिन समय सीमित है।
कितने भूखण्ड, किन श्रेणियों के लिए आरक्षित
इस चरण में उपलब्ध कुल भूखण्डों में से 4,116 भूखण्ड अनारक्षित श्रेणी के हैं, जबकि 27 भूखण्ड लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए अलग से उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों के लिए भूखण्ड आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण का ब्योरा इस प्रकार है —
| श्रेणी | आरक्षित भूखण्ड |
|---|---|
| अनारक्षित श्रेणी | 4,116 |
| लॉजिस्टिक भूखण्ड | 27 |
| अनुसूचित जाति/जनजाति | 168 |
| महिला वर्ग | 167 |
| भूतपूर्व सैनिक | 95 |
| बेंचमार्क दिव्यांगजन | 124 |
| सशस्त्र बलों/अर्ध सैनिक बलों के मृतकों के आश्रित | 59 |
यानी कुल मिलाकर 4,700 से अधिक भूखण्ड इस चरण में उपलब्ध हैं। महिलाओं के लिए 167 और दिव्यांगजनों के लिए 124 भूखण्डों का आरक्षण यह दर्शाता है कि राज्य सरकार उद्योगों में समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देना चाहती है।
आवंटन की प्रक्रिया: ई-लॉटरी से पूरी पारदर्शिता
रीको ने इस योजना की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। योजना के तहत अगर किसी भूखण्ड के लिए सिर्फ एक आवेदन प्राप्त होता है, तो उस भूखण्ड का सीधे आवंटन कर दिया जाएगा। लेकिन अगर एक ही भूखण्ड के लिए एक से अधिक आवेदन आते हैं, तो ई-लॉटरी के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आवंटन किया जाएगा।
ई-लॉटरी की तारीख 15 अक्टूबर 2026 तय की गई है। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होता है कि जमीन का आवंटन बिना किसी सिफारिश या पक्षपात के, पूरी निष्पक्षता के साथ हो। निवेशकों के लिए यह भरोसे की बात है — अब उन्हें बिचौलियों के भरोसे नहीं रहना पड़ता।
पिछले 13 चरणों का रिकॉर्ड: 21,000 करोड़ का निवेश, 46,000 नौकरियां
प्रत्यक्ष आवंटन योजना कोई नई शुरुआत नहीं है — इसके अब तक 13 चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, और आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| अब तक संपन्न चरण | 13 |
| आवंटित भूखण्ड | 2,335 |
| संभावित निवेश | 21,000 करोड़ रुपये से अधिक |
| सृजित रोजगार | 46,000 से अधिक |
| प्रक्रियाधीन भूखण्ड | 444 |
| प्रक्रियाधीन भूखण्डों से अपेक्षित निवेश | 2,000 करोड़ रुपये से अधिक |
ये आंकड़े बताते हैं कि रीको की यह योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर नतीजे दे रही है। 2,335 औद्योगिक भूखण्डों के आवंटन से प्रदेश में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और 46,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके अलावा 444 भूखण्डों का आवंटन अभी प्रक्रियाधीन है, जिनसे 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश की संभावना है।
निवेशकों के लिए राजस्थान क्यों बन रहा है पसंदीदा
राजस्थान में औद्योगिक निवेश की रफ्तार पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे कई ठोस वजहें हैं — राज्य में औद्योगिक भूखण्डों की उपलब्धता, बेहतर सड़क और बिजली का बुनियादी ढांचा, और सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियां।
रीको का कहना है कि उसका उद्देश्य निवेशकों को बेहतर औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए राजस्थान में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को गति देना है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना इसी दिशा में रीको की एक महत्वपूर्ण पहल है।
आवेदन से पहले जान लें ये जरूरी बातें
समय पर आवेदन करें: 12 अक्टूबर 2026 के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। आखिरी दिनों का इंतजार न करें, क्योंकि पोर्टल पर भारी ट्रैफिक की वजह से परेशानी हो सकती है।
एमओयू की शर्त: राइजिंग राजस्थान के तहत एमओयू करने वाले निवेशकों को प्राथमिकता मिलेगी। अगर आपका एमओयू अभी तक निष्पादित नहीं हुआ है, तो ईएमडी की अंतिम तिथि तक यह प्रक्रिया पूरी कर लें।
एक भूखण्ड, एक आवेदन: एक भूखण्ड के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होने पर सीधा आवंटन होगा। कई आवेदन होंगे तो ई-लॉटरी तय करेगी।
ई-लॉटरी 15 अक्टूबर को: पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 15 अक्टूबर 2026 को ई-लॉटरी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: RIICO प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 के 14वें चरण में आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: इस चरण में इच्छुक निवेशक 12 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ई-लॉटरी 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
प्रश्न 2: 14वें चरण में कितने भूखण्ड उपलब्ध हैं?
उत्तर: प्रदेश के 94 औद्योगिक क्षेत्रों में 4,700 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 4,116 अनारक्षित, 27 लॉजिस्टिक और शेष आरक्षित श्रेणियों के भूखण्ड शामिल हैं।
प्रश्न 3: भूखण्ड का आवंटन कैसे होगा — क्या सिफारिश चलेगी?
उत्तर: नहीं। किसी भूखण्ड के लिए एक ही आवेदन आएगा तो सीधा आवंटन होगा। एक से अधिक आवेदन आने पर ई-लॉटरी के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आवंटन किया जाएगा।
प्रश्न 4: अब तक इस योजना से कितना निवेश और रोजगार आया है?
उत्तर: पिछले 13 चरणों में 2,335 भूखण्डों का आवंटन हुआ है, जिनसे 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 46,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 444 भूखण्डों का आवंटन अभी प्रक्रियाधीन है।