श्रीगंगानगर जिले में चल रहा बिरधवाल हेड किसान आंदोलन सोमवार सुबह एक नए मोड़ पर पहुंच गया। सिंचाई के पानी की मांग को लेकर बिरधवाल हेड पहुंचे किसानों ने हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद अपना पड़ाव समाप्त कर दिया और वे घड़साना लौट गए। लेकिन किसानों ने साफ कर दिया है कि सिंचाई के लिए पानी की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा और घड़साना में दोबारा धरना देकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यह आंदोलन रबी सीजन की दहलीज पर खड़ा सबसे बड़ा किसान आंदोलन है, जिसमें रावला, घड़साना, अनूपगढ़ और खाजूवाला क्षेत्र के चार से पांच हजार किसान रविवार की रात बिरधवाल हेड के पास जमा हुए थे।
बिरधवाल हेड किसान आंदोलन: रविवार रात से सोमवार सुबह तक की टाइमलाइन
शनिवार — जयपुर वार्ता विफल: किसानों की शनिवार को जयपुर में प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल रही। इसके बाद किसानों ने बिरधवाल हेड की ओर कूच करने का फैसला किया।
रविवार शाम — ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला: इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) की अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई का पानी देने की मांग को लेकर रावला, घड़साना, अनूपगढ़ और खाजूवाला क्षेत्र के चार से पांच हजार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और दूसरे वाहनों के काफिले के साथ बिरधवाल हेड की ओर बढ़े।
रविवार रात — पुलिस से झड़प और हिरासत: प्रशासन ने गोपालसर चौराहे से पहले 330 आरडी के पास सड़क पर बैरिकेड लगाए और ट्रक खड़े कर रास्ता बंद कर दिया। पुलिस ने किसानों को नहर के गेट तक पहुंचने से रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया।
रातभर पड़ाव: आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर किसानों ने बिरधवाल हेड के पास सड़क पर पड़ाव डाल दिया और रातभर वहीं डटे रहे। मौके पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस, संभागीय पुलिस बल और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) के जवान तैनात रहे। श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरिशंकर यादव भी रातभर मौके पर मौजूद रहे।
सोमवार सुबह — रिहाई पर सहमति, पड़ाव समाप्त: हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद किसानों ने सुबह अपना पड़ाव समाप्त कर दिया और घड़साना लौट गए। प्रशासन ने सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग से बैरिकेड और ट्रकों को हटाया और मार्ग को सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे यातायात के लिए खोल दिया गया।
बिरधवाल हेड किसान आंदोलन: किसानों की दो बड़ी मांगें
‘खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले किसानों की मुख्य मांगें ये हैं:
| मांग | विवरण |
| अनूपगढ़ शाखा में पानी | आईजीएनपी की अनूपगढ़ शाखा नहर में सिंचाई का पानी छोड़ा जाए, ताकि किसान रबी की फसलों की समय पर बुआई कर सकें |
| बंटवारे के शेड्यूल में बदलाव | नहर के पानी के बंटवारे के नियमों और शेड्यूल में बदलाव, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके |
किसानों का कहना है कि रबी की फसलों की बुआई का यही समय है और पानी न मिलने पर बुआई पिछड़ जाएगी, जिससे फसल और आय दोनों पर असर पड़ेगा।
पुलिस से झड़प और हिरासत: क्या-क्या हुआ
प्रदर्शन के दौरान किसानों और पुलिस के बीच हल्की झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने 10 किसानों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने किसानों को नहर के गेट तक पहुंचने से रोकने के लिए गोपालसर चौराहे से पहले 330 आरडी के पास सड़क पर बैरिकेड लगाए थे और ट्रक खड़े कर रास्ता बंद कर दिया था।
रातभर मौके पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस, संभागीय पुलिस बल और आरएसी के जवान तैनात रहे। एसपी हरिशंकर यादव भी रातभर मौके पर मौजूद रहे। इसके बाद किसानों ने रातभर पड़ाव डाल दिया और हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। सोमवार सुबह रिहाई पर सहमति बनने के बाद ही किसानों ने पड़ाव समाप्त किया।
सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग जाम: किसे हुआ असर
किसानों के बिरधवाल हेड के पास सड़क पर पड़ाव डालने से सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहन फंसे रहे। किसानों के हटने के बाद प्रशासन ने बैरिकेड और ट्रकों को हटाया और मार्ग को सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
आगे क्या: घड़साना में नया धरना
किसानों ने स्पष्ट किया है कि यह पीछे हटना नहीं, बल्कि अगले चरण की तैयारी है। उनकी घोषणा के मुताबिक:
- घड़साना में दोबारा धरना दिया जाएगा
- धरने में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी
- सिंचाई के लिए पानी की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा
गौरतलब है कि इससे पहले घड़साना में किसानों और अधिकारियों के बीच हुई बैठक से कोई समाधान नहीं निकला था, जिसके बाद किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और दूसरे वाहनों के काफिले के साथ बिरधवाल हेड की ओर मार्च करने का फैसला किया था।
किसान आंदोलन से जुड़े सवाल
सवाल: बिरधवाल हेड किसान आंदोलन क्यों हो रहा है?
जवाब: श्रीगंगानगर के रावला, घड़साना, अनूपगढ़ और खाजूवाला क्षेत्र के किसान आईजीएनपी की अनूपगढ़ शाखा नहर में सिंचाई का पानी छोड़े जाने और पानी के बंटवारे के शेड्यूल में बदलाव की मांग कर रहे हैं, ताकि रबी की फसलों की समय पर बुआई हो सके।
सवाल: बिरधवाल हेड पर रविवार रात क्या हुआ?
जवाब: चार से पांच हजार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बिरधवाल हेड पहुंचे। पुलिस ने 330 आरडी के पास बैरिकेड लगाकर रोका, झड़प हुई और पुलिस ने 10 किसानों को हिरासत में ले लिया। किसान रातभर पड़ाव पर डटे रहे।
सवाल: आंदोलनकारियों की रिहाई पर सहमति कैसे बनी?
जवाब: किसानों ने हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई की मांग पर रातभर पड़ाव डाला। सोमवार सुबह प्रशासन से रिहाई पर सहमति बनने के बाद किसानों ने पड़ाव समाप्त कर दिया और घड़साना लौट गए।
सवाल: क्या किसानों का आंदोलन अब खत्म हो गया है?
जवाब: नहीं। किसानों ने कहा है कि सिंचाई के पानी की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा और घड़साना में दोबारा धरना देकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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स्रोत: IBC24/भाषा रिपोर्टिंग (मूल रिपोर्ट)