जयपुर: राजस्थान में मौसम एक बड़े मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी आखिरी विदाई के बिल्कुल करीब है, तो दूसरी तरफ 6 अक्टूबर की शाम से पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर राजस्थान में मौसम फिर करवट लेने वाला है। और इन सबके बीच राज्य सरकार का राजस्व विभाग उन तहसीलों की सूची तैयार कर रहा है, जहां इस साल बारिश सामान्य से काफी कम हुई है — प्रदेश की 117 तहसीलों में गिरदावरी के जरिए सूखा सर्वे कराने की तैयारी चल रही है।
6 अक्टूबर की शाम से मौसम में बदलाव के संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 6 अक्टूबर की शाम या रात से उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना बन रही है। इसकी वजह है पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाला एक पश्चिमी विक्षोभ, जिसका असर राजस्थान तक पहुंचने का अनुमान है।
7 और 8 अक्टूबर को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन और सीकर समेत आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 9 से 11 अक्टूबर के दौरान भी उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने साफ किया है कि इसका असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं होगा — पश्चिमी विक्षोभ की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तेज बारिश वाले क्षेत्रों का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।
| तारीख | असर वाले इलाके | संभावना |
|---|---|---|
| 6 अक्टूबर शाम/रात | पश्चिमी हिमालय (असर राजस्थान तक) | मौसम बदलने के संकेत |
| 7-8 अक्टूबर | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर | गरज-चमक के साथ हल्की बारिश |
| 9-11 अक्टूबर | उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्से | आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार |
मानसून की विदाई अंतिम चरण में
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी राजस्थान से लगभग पूरी होने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून वापसी रेखा इस समय गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर और डीसा होते हुए नलिया तक बनी हुई है। अगले 24 घंटे में राज्य के शेष हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
यानी विदाई के बाद राज्य में मौसम पूरी तरह मानसून के असर से मुक्त हो जाएगा और अक्टूबर की पहचान — दिन की तेज धूप और रात की हल्की ठंडक — हावी हो जाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि इसके बाद अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।
आज और अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा अपडेट के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दिन प्रदेश के किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। पिछले दिनों बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के बाद अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने और धूप बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
3 से 5 अक्टूबर तक प्रदेश में बड़े स्तर पर बारिश की गतिविधि की संभावना नहीं है। आईएमडी के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना भी नहीं है। यानी दिन में धूप तेज रहेगी और गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक का अहसास बढ़ेगा।
2 अक्टूबर (शुक्रवार) को प्रदेश में मौसम शुष्क रहा और सर्वाधिक अधिकतम तापमान फलोदी में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| फलोदी | 40.2 | — |
| पिलानी | 39.7 | 22.0 |
| श्रीगंगानगर | 39.2 | — |
| बाड़मेर | 38.8 | — |
| चूरू | 38.4 | — |
| जैसलमेर | 38.3 | — |
| अलवर | 36.6 | 23.0 |
| वनस्थली | 36.6 | 20.4 |
| जयपुर | 35.5 | 23.2 |
| भीलवाड़ा | 35.3 | 18.4 |
| अजमेर | 34.3 | 20.0 |
| माउंट आबू | — | 14.0 |
| सीकर | — | 18.0 |
| डबोक (उदयपुर) | — | 18.6 |
(आंकड़े मौसम केंद्र जयपुर की 2 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक की रिपोर्ट पर आधारित)
117 तहसीलों में सूखा सर्वे की तैयारी
मानसून की विदाई के साथ ही इस सीजन की बारिश का हिसाब भी सामने आ रहा है। 1 जून से 26 सितंबर तक राजस्थान में 421.89 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले सिर्फ 346.97 मिमी बारिश दर्ज हुई — यानी सामान्य से 17.76 फीसदी कमी। राज्य के 17 जिलों में बारिश सामान्य से 20 से 50 फीसदी तक कम रही है।
कम बारिश से मिट्टी की नमी, जलाशयों और भूजल रिचार्ज पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव रबी फसलों की शुरुआती सिंचाई पर भी पड़ने की आशंका है। इसी कारण राजस्व विभाग प्रदेश के 34 जिलों की 117 तहसीलों में गिरदावरी के जरिए सर्वे कराने की तैयारी कर रहा है। अक्टूबर से दिसंबर के दौरान भी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है, और अक्टूबर में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
खरीफ फसल की कटाई और भंडारण का काम चल रहा है, और रबी की शुरुआती तैयारियों का समय नजदीक है। ऐसे में किसानों को अगले एक सप्ताह के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है:
- खरीफ फसल की कटाई जल्द पूरी कर लें, ताकि 7-8 अक्टूबर को संभावित बारिश से नुकसान न हो।
- कटी हुई फसल का भंडारण ढंके या सुरक्षित स्थान पर करें।
- रबी बुवाई से पहले खेत की नमी और मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें — 9-11 अक्टूबर के दौरान आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
- 117 तहसीलों में हो रहे सर्वे की जानकारी के लिए अपने तहसील कार्यालय से संपर्क में रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: 3 अक्टूबर को राजस्थान में बारिश होगी या नहीं?
उत्तर: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रश्न 2: राजस्थान में अगली बारिश कब हो सकती है?
उत्तर: 6 अक्टूबर की शाम या रात से उत्तरी राजस्थान में मौसम बदल सकता है। 7-8 अक्टूबर को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन और सीकर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश संभव है।
प्रश्न 3: 117 तहसीलों में सर्वे क्यों कराया जा रहा है?
उत्तर: इस साल मानसून में राजस्थान में सामान्य से 17.76 फीसदी कम बारिश हुई है। कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की फसल और मिट्टी की स्थिति का आकलन करने के लिए 34 जिलों की 117 तहसीलों में गिरदावरी के जरिए सर्वे की तैयारी है।
प्रश्न 4: मानसून राजस्थान से कब पूरी तरह विदा हो जाएगा?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में राज्य के शेष हिस्सों से भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मानसून वापसी रेखा फिलहाल धौलपुर और उदयपुर से होकर गुजर रही है, यानी विदाई अंतिम चरण में है।