राजस्थान की बेटियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर तिरंगा लहराया है। अजमेर की रोल बॉल खिलाड़ी गौरवी सिंह ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रोल बॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे अजमेर और राजस्थान का नाम रोशन किया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अजमेर में उनका भव्य स्वागत हुआ, जहां केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री और अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने स्वयं उनका सम्मान किया।
सम्मान समारोह: किशनगढ़ में ढोल-नगाड़ों के बीच स्वागत
गौरवी सिंह शुक्रवार, 2 अक्टूबर को अपने परिजनों के साथ किशनगढ़ स्थित केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी के आवास कार्यालय पहुंचीं। वहां ढोल-नगाड़ों और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने होनहार खिलाड़ी को शॉल ओढ़ाकर, साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई दी। इस अवसर पर गौरवी के माता-पिता के त्याग और संघर्ष की भी सराहना की गई। अभिनंदन कार्यक्रम में खेल प्रेमी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गौरवी के परिवारजन मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह उपलब्धि पूरे अजमेर संसदीय क्षेत्र का गौरव है।
“अजमेर सहित समूचे राजस्थान के लिए गर्व का क्षण” — भागीरथ चौधरी
सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि गौरवी सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया है। उन्होंने कहा, “अजमेर सहित समूचे राजस्थान के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है।”
मंत्री ने आगे कहा कि खेल के मैदान में बेटियों का यह स्वर्णिम प्रदर्शन क्षेत्र की अन्य संघर्षशील बालिकाओं और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। “आज बेटियां हर क्षेत्र में देश का मान बढ़ा रही हैं, जो सशक्त और समर्थ भारत की पहचान है।” उन्होंने गौरवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह इसी प्रकार निरंतर मेहनत करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करें और देश का नाम रोशन करती रहें।
“वह पल मेरे जीवन का सबसे भावुक क्षण था” — गौरवी की जुबानी
स्वर्ण पदक विजेता गौरवी सिंह ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि श्रीलंका के कोलंबो में जब राष्ट्रगान बजा और उन्हें गोल्ड मेडल मिला, तो वह पल उनके जीवन का सबसे भावुक और गर्व भरा क्षण था।
गौरवी ने कहा, “यह पदक मेरे माता-पिता के विश्वास, कोच के मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास का परिणाम है। केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी द्वारा मिले स्नेह और आशीर्वाद से मेरा मनोबल और बढ़ा है। मेरा अगला लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए और अधिक पदक जीतना है।”
भगवानगंज, अजमेर की निवासी गौरवी के इस बयान से साफ है कि उनकी नजरें सिर्फ इस एक पदक पर नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं।
रोल बॉल: ये खेल आखिर है क्या?
रोल बॉल अपेक्षाकृत नया लेकिन तेजी से लोकप्रिय होता खेल है। यह खेल रोलर स्केट्स पर खेला जाता है और इसमें बास्केटबॉल और हैंडबॉल के तत्व मिलते हैं। इसकी शुरुआत भारत में ही हुई थी, और आज यह कई देशों में खेला जा रहा है।
रोल बॉल में दो टीमें स्केट्स पर मैदान में उतरती हैं और गेंद को विरोधी टीम के गोल में डालकर अंक बनाती हैं। इस खेल में गति, संतुलन और टीम तालमेल — तीनों की परीक्षा होती है। कोलंबो जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतना इसलिए खास है, क्योंकि वहां दुनिया के अनुभवी खिलाड़ियों से मुकाबला होता है।
राजस्थान की बेटियां खेल के मैदान में: एक बढ़ता ट्रैक रिकॉर्ड
गौरवी सिंह की यह उपलब्धि अचानक नहीं आई है। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान की महिला खिलाड़ियों ने लगातार अंतरराष्ट्रीय सफलता दर्ज की है। पैरा खेलों में जयपुर की अवनि लेखरा ने पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता, वहीं हाल ही में राजस्थान की महिला मुक्केबाजों और अन्य खेलों की खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक हासिल किए हैं।
राज्य सरकार भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में जुटी है। हाल ही में गांधी जयंती के अवसर पर शुरू हुए ‘खेलो राजस्थान’ अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर से राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं के जरिए करीब 70 लाख लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। गौरवी जैसी खिलाड़ी इन्हीं अभियानों के लिए जीवंत प्रेरणा हैं — यह दिखाती हैं कि गांव-शहर की बेटियां, सही अभ्यास और समर्थन से, दुनिया के किसी भी मंच पर जीत सकती हैं।
उपलब्धि एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| खिलाड़ी | गौरवी सिंह, अजमेर (भगवानगंज) |
| खेल | रोल बॉल |
| प्रतियोगिता | अंतरराष्ट्रीय रोल बॉल प्रतियोगिता |
| स्थान | कोलंबो, श्रीलंका |
| पदक | स्वर्ण पदक |
| सम्मान समारोह | 2 अक्टूबर 2026, किशनगढ़ (अजमेर) |
| सम्मान देने वाले | केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी (अजमेर सांसद) |
| अगला लक्ष्य | आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और पदक |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: गौरवी सिंह ने कौन-सा पदक जीता है?
उत्तर: गौरवी सिंह ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रोल बॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता है।
प्रश्न 2: गौरवी सिंह कहां की रहने वाली हैं?
उत्तर: गौरवी सिंह राजस्थान के अजमेर शहर के भगवानगंज इलाके की रहने वाली हैं।
प्रश्न 3: गौरवी का सम्मान किसने और कहां किया?
उत्तर: 2 अक्टूबर 2026 को किशनगढ़ स्थित आवास कार्यालय में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री और अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने गौरवी सिंह का सम्मान किया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर, साफा और माला पहनाकर अभिनंदन किया गया।
प्रश्न 4: रोल बॉल क्या है?
उत्तर: रोल बॉल रोलर स्केट्स पर खेला जाने वाला एक टीम खेल है, जिसमें बास्केटबॉल और हैंडबॉल के तत्व शामिल हैं। इस खेल की शुरुआत भारत में हुई थी और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश
गौरवी सिंह की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए संदेश है जो छोटे शहरों और कस्बों से बड़े सपने लेकर खेल के मैदान में उतरते हैं। लगातार अभ्यास, परिवार का समर्थन और सही मार्गदर्शन — इन तीनों के बल पर अंतरराष्ट्रीय सफलता मुमकिन है। राजस्थान में खेलो राजस्थान जैसे अभियानों के जरिए ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है। ऐसे में अगली गौरवी किसी भी गांव के मैदान से निकल सकती है — बस जरूरत है मेहनत और मौके की।