राजस्थान मौसम 18 अक्टूबर को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है, और इस बार की रिपोर्ट में एक अच्छी खबर भी छिपी है — त्योहारी सीजन से ठीक पहले बारिश का यह आखिरी दौर हो सकता है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के दो हिस्सों में मौसम बिल्कुल अलग मिजाज दिखाएगा। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।
सबसे अहम अपडेट यह है कि 19 अक्टूबर से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ होने का अनुमान है। इसका सीधा मतलब है कि दिवाली और उसके आसपास के दिनों में राजस्थान में साफ और खुशनुमा मौसम रह सकता है, जिससे त्योहारी तैयारियों, बाजारों और यात्रा योजनाओं में किसी बाधा की आशंका फिलहाल नहीं है।
आज किन संभागों में बारिश होगी — संभागवार स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 अक्टूबर को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बादल छाने और मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। राजधानी जयपुर से लेकर कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर के आसपास के क्षेत्रों में रविवार को बाहर निकलते समय छतरी या रेनकोट साथ रखना समझदारी रहेगी।
दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, उदयपुर समेत कई जिलों के लिए 18 अक्टूबर को कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसका मतलब यह है कि इन इलाकों में सामान्य से शुष्क मौसम रहेगा, हालांकि आंशिक बादलों की मौजूदगी से इंकार नहीं किया गया है।
कुल मिलाकर देखें तो 18 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रह सकता है। यह तस्वीर पिछले दो दिनों से चल रही मौसमी गतिविधियों का ही विस्तार है।
6 जिलों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवा की चेतावनी
18 अक्टूबर की सबसे गंभीर खबर विभाग की जिला स्तरीय चेतावनी है। बारां, बूंदी, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक — इन 6 जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इन जिलों के लोग गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न रहें और बिजली चमकने पर तुरंत किसी सुरक्षित इमारत में चले जाएं। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की डालियां टूटने और अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों, खुले में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर के पूर्वानुमानों में भी रविवार को उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं की आशंका जताई गई है, जिसमें कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। राजस्थान में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभाव अलग-अलग रहेगा, इसलिए लोगों को अपने जिले के आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखनी चाहिए।
19 अक्टूबर से मौसम बदलेगा — दिवाली तक कैसा रहेगा हाल
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में बारिश का असर ज्यादा दिनों तक रहने की संभावना नहीं है। 19 अक्टूबर से पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 20, 21, 22 और 23 अक्टूबर को भी दोनों क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।
यह खबर उन लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो दिवाली की खरीदारी, घर की सफाई, सजावट और यात्रा की योजनाएं बना रहे हैं। आमतौर पर अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में मौसम का साफ रहना त्योहारी कारोबार के लिए भी शुभ संकेत माना जाता है।
हालांकि, विभाग ने एक और अहम जानकारी साझा की है — उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 23 और 24 अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे आगे मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। इसलिए किसानों, व्यापारियों और आयोजकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखें, खासकर 23 अक्टूबर के बाद की योजनाओं के लिए।
पलटकर देखें: पिछले 3 दिनों में कैसा रहा मौसम
इस मौसम प्रणाली को समझने के लिए पिछले कुछ दिनों की तस्वीर देखना जरूरी है। 16 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। श्रीगंगानगर जिले के गजसिंहपुर में 55 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि सूरतगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि से खेतों में कटी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई थीं। उदयपुर, सीकर, जयपुर, टोंक, अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर सहित कई क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिला।
17 अक्टूबर को राजधानी जयपुर में सुबह करीब 6 बजे अचानक बादल घिरे और लगभग 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई, जिससे शहर के तापमान में नरमी आई। ताजा बुलेटिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के दैनिक पूर्वानुमान के आधार पर तैयार किया गया है, और अब यही प्रणाली कमजोर पड़ रही है। मौसम विभाग की रिपोर्ट में पिछले 24 घंटों में दर्ज किए गए तापमान के आंकड़े बताते हैं कि पूर्वी हिस्सों में मौसम नरम पड़ा है, जबकि पश्चिम में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।
प्रमुख शहरों का तापमान — ताजा आंकड़े
मौसम विभाग की रिपोर्ट में 17 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक दर्ज तापमान के आंकड़े दिए गए हैं। ध्यान रखें कि ये 18 अक्टूबर के अनुमानित तापमान नहीं, बल्कि पिछले 24 घंटों में दर्ज किए गए अधिकतम और न्यूनतम तापमान हैं — जो अगले दिन के मौसम का अंदाजा लगाने में मदद करते हैं।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| जयपुर | 30.5 | 22.3 |
| अजमेर | 33.0 | 20.8 |
| अलवर | 27.0 | 19.4 |
| कोटा | 33.8 | 23.6 |
| भीलवाड़ा | 36.0 | 22.2 |
| सीकर | 30.0 | 18.0 |
| चित्तौड़गढ़ | 38.0 | 24.6 |
| बाड़मेर | 37.2 | 24.2 |
| जोधपुर शहर | 36.6 | 25.0 |
| जैसलमेर | 34.1 | 21.7 |
| बीकानेर | 30.5 | 22.2 |
| श्रीगंगानगर | 31.2 | 19.9 |
| चूरू | 32.5 | 20.8 |
| माउंट आबू | 27.7 | 15.6 |
| सिरोही | — | 16.7 |
| फलोदी | 35.4 | 26.8 |
| पाली (जवाई डैम) | 36.6 | 23.0 |
आंकड़ों से साफ है कि पूर्वी हिस्सों में तापमान में नरमी दर्ज की गई है — अलवर में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री और सीकर में 18 डिग्री तक लुढ़क गया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर (37.2), जोधपुर (36.6) और फलोदी (35.4) जैसे इलाकों में दिन की गर्मी अभी भी कायम है। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की खास सलाह
मौसम विभाग ने बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के किसानों को विशेष सलाह जारी की है। विभाग के मुताबिक, खेतों में खुले आसमान के नीचे रखी पकी हुई फसल और कृषि मंडियों में खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के लिए तुरंत जरूरी इंतजाम कर लें।
पिछले दिनों ओलावृष्टि से सूरतगढ़ जैसे क्षेत्रों में कटी फसल को नुकसान पहुंच चुका है, इसलिए इस बार सावधानी और भी जरूरी है। किसानों के लिए प्रमुख सलाह:
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और राजस्थान पर क्यों असर डालता है
अक्टूबर के महीने में राजस्थान का मौसम अक्सर पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बदलता है। यह एक ऐसी मौसमी प्रणाली है जो भूमध्य सागर से उठकर मध्य एशिया होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ती है। इसके प्रभाव से बादल बनते हैं, हवाओं की गति बढ़ती है और कई बार बारिश, गरज-चमक तथा ओलावृष्टि तक की स्थिति बन जाती है।
वर्तमान में सक्रिय प्रणाली का असर 16 अक्टूबर से दिख रहा था, जब प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओले गिरे थे। अब यही प्रणाली कमजोर पड़ रही है, जिसके कारण 18 अक्टूबर को इसका असर सिर्फ पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों तक सीमित रहेगा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अक्टूबर में ऐसी प्रणालियों का आना असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार इसके साथ जुड़े चक्रवाती परिसंचरण ने इसे और ताकतवर बना दिया था। यही वजह है कि इस बार बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
दिवाली से पहले मौसम का मतलब आपके लिए
अगर आप दिवाली की खरीदारी, घर की सफाई, सजावट या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो 19 अक्टूबर के बाद का समय मौसम के लिहाज से अनुकूल रहने की उम्मीद है। बाजारों में भीड़ बढ़ने के समय बारिश न होना दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए राहत की खबर है।
हालांकि 23-24 अक्टूबर को संभावित नए पश्चिमी विक्षोभ को ध्यान में रखते हुए बड़े आयोजन या लंबी दूरी की यात्रा की तारीखें तय करने से पहले एक बार फिर मौसम का ताजा अपडेट जरूर देख लें। खासकर उत्तर-पश्चिमी राजस्थान — बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जैसे जिलों के लोग इस समय अतिरिक्त सतर्क रहें, क्योंकि नया विक्षोभ इन्हीं इलाकों को पहले प्रभावित कर सकता है।
आज यात्रा करने वालों के लिए जरूरी सावधानियां
जिन जिलों में आज तेज हवा और बिजली का अलर्ट है — बारां, बूंदी, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक — वहां के निवासियों को आज विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों को गरज-चमक के समय बाहर खेलने से रोकें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
अगर आप आज सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
याद रखें कि मौसम विभाग की चेतावनी का मतलब यह नहीं है कि सभी जगह एक जैसी बारिश होगी — स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार असर अलग-अलग रहेगा। इसलिए अपने जिले के ताजा बुलेटिन पर नजर बनाए रखना सबसे समझदारी भरा कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: 18 अक्टूबर को राजस्थान में किन इलाकों में बारिश होगी?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार 18 अक्टूबर को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा।
प्रश्न 2: किन जिलों में तेज हवा और बिजली का अलर्ट जारी है?
उत्तर: बारां, बूंदी, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की जिला स्तरीय चेतावनी जारी की गई है।
प्रश्न 3: राजस्थान में मौसम कब से साफ होगा?
उत्तर: 19 अक्टूबर से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 20 से 23 अक्टूबर तक भी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि 23-24 अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है।
प्रश्न 4: क्या हाल की बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है?
उत्तर: हां, 16 अक्टूबर को सूरतगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि से खेतों में कटी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई थीं। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खुले में रखा अनाज और पकी फसल बारिश से बचाकर रखें।