राजस्थान दिव्यांग पेंशन: 5.5 लाख लाभार्थियों के खातों में 75 करोड़ रुपये से ज्यादा DBT से भेजे गए

राजस्थान के साढ़े पांच लाख से ज्यादा विशेष योग्यजनों के बैंक खातों में एक साथ 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंच गई है। दिव्यांग पेंशन 75 करोड़ की यह राहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है, यानी बिना किसी बिचौलिए के रकम सीधे लाभार्थी के खाते में गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में आयोजित दिव्यांग युवा संवाद कार्यक्रम में यह राशि अंतरित की। हर महीने मिलने वाली 1,350 रुपये की पेंशन कई घरों में दवा, पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च का सहारा बनती है।

इसके साथ ही सरकार ने दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू करने का ऐलान दोहराया है, यानी आर्थिक मदद के साथ शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाओं में बराबरी का मौका भी मिलेगा।

जयपुर में ‘सपनों की उड़ान’ कार्यक्रम में क्या हुआ

शनिवार, 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर ‘सपनों की उड़ान — असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत विशेष योग्यजन युवा संवाद हुआ। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि हौसले की उड़ान कभी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती, और सरकार युवाओं के सपनों की सारथी बनेगी।

कार्यक्रम में खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा और कृष्णा नागर का सम्मान किया गया। दिव्यांगों के सशक्तीकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण डी. आर. मेहता को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मूलमंत्र पर चलते हुए दिव्यांगों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है।

दिव्यांग पेंशन 75 करोड़: किसे, कितनी और कैसे मिली

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रदेश में साढ़े पांच लाख से अधिक विशेष योग्यजनों को हर महीने 1,350 रुपये की पेंशन दी जा रही है, और इसी की राशि के रूप में 75 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान डीबीटी से हुआ है। डीबीटी में पैसा सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में जाता है, जिससे देरी और गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाती है।

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस पेंशन का लाभार्थी है, तो राशि खाते में आने की जानकारी बैंक पासबुक, एसएमएस अलर्ट या बैंक की मोबाइल ऐप से जांची जा सकती है। पेंशन की जानकारी विभाग के जिला कार्यालय से भी मिल सकती है।

समान अवसर नीति और यूडीआईडी कार्ड: दो बड़े कदम

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विशेष योग्यजनों के लिए समान अवसर नीति-2025 लागू की गई है, जिसका मकसद शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में योग्यता और हुनर के आधार पर समान अवसर देना है, न कि शारीरिक सीमा के आधार पर किसी को पीछे रखना।

दूसरा बड़ा आंकड़ा यूडीआईडी कार्ड का है — प्रदेश में अब तक 2 लाख 71 हजार कार्ड जारी हो चुके हैं। यूडीआईडी यानी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी देशभर में मान्य पहचान है, और इसी के आधार पर दिव्यांगजन विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। जिनका कार्ड नहीं बना है, वे सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

रोजगार की दिशा में अनुजा निगम के जरिए दिव्यांगों समेत विभिन्न श्रेणियों के 7,000 व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया गया है, ताकि दिव्यांग युवा सिर्फ नौकरी के भरोसे न रहें, बल्कि अपना काम शुरू करके आत्मनिर्भर बन सकें।

स्कूटी, सहायक उपकरण और मेस भत्ते में भी राहत

रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने वाले कदमों का ब्योरा भी दिया गया। पिछले एक साल में 2,500 स्कूटी और पिछले दो वर्षों में 44,000 अंग-उपकरण व सहायक उपकरण बांटे गए हैं, जो चलने-फिरने, सुनने और पढ़ाई में मदद करते हैं।

इसके अलावा विशेष योग्यजनों के लिए संचालित आवासीय संस्थानों में दिए जाने वाले मेस भत्ते की राशि बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू हुए सुगम्य भारत अभियान के तहत सार्वजनिक भवनों और सुविधाओं को दिव्यांगों के लिए सुगम बनाया जा रहा है, और दिव्यांगता की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 कर दी गई हैं, जिससे ज्यादा तरह की चुनौतियों वाले लोग योजनाओं के दायरे में आ सके हैं।

दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरणों की मदद पहले भी शिविरों के जरिए पहुंचाई जाती रही है। चूरू में आयोजित सहायक उपकरण शिविर में हजारों लाभार्थियों को मुफ्त उपकरण दिए गए थे, और समावेशी शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक अंग-उपकरण भी वितरित किए गए थे।

दिव्यांग पेंशन 75 करोड़: आंकड़ों में पूरी योजना

बिंदु आंकड़ा / जानकारी
डीबीटी से भेजी गई पेंशन राशि 75 करोड़ रुपये से अधिक
लाभार्थी विशेष योग्यजन साढ़े 5 लाख से अधिक
मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1,350 रुपये
जारी यूडीआईडी कार्ड 2 लाख 71 हजार
स्वरोजगार ऋण (अनुजा निगम) 7,000 व्यक्ति
वितरित स्कूटी (पिछला एक वर्ष) 2,500
वितरित सहायक उपकरण (पिछले दो वर्ष) 44,000
आवासीय संस्थानों का मेस भत्ता 3,250 रुपये प्रतिमाह
समान अवसर नीति वर्ष 2025 से लागू
दिव्यांगता की श्रेणियां 7 से बढ़कर 21

लाभार्थियों के लिए आगे क्या करें

अगर आप पात्र हैं लेकिन अभी तक लाभ नहीं ले रहे हैं, तो पहले अपना यूडीआईडी कार्ड बनवाएं, क्योंकि यही अधिकतर योजनाओं की पहचान का आधार है। फिर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए विभाग के पोर्टल या जिला कार्यालय से आवेदन करें। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण और दिव्यांगता प्रमाण पत्र तैयार रखें।

पेंशन की राशि खाते में आई है या नहीं, यह जांचने के लिए बैंक स्टेटमेंट देखें या बैंक से एसएमएस अलर्ट चालू करवाएं। अगर राशि नहीं आई है, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि बैंक खाता आधार से जुड़ा और डीबीटी के लिए सक्रिय है। अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in पर योजना की जानकारी देखी जा सकती है। हाल ही में कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान भी हुआ था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिव्यांग पेंशन के तहत कितनी राशि मिलती है?
विशेष योग्यजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत हर महीने 1,350 रुपये मिलते हैं। ताजा भुगतान में 5.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी से भेजी गई है।

यूडीआईडी कार्ड क्यों जरूरी है?
यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगता की देशभर में मान्य पहचान है, और इसी के आधार पर पेंशन, सहायक उपकरण, स्कूटी व स्वरोजगार ऋण का लाभ मिलता है। अब तक 2.71 लाख कार्ड जारी हो चुके हैं।

समान अवसर नीति-2025 क्या है?
यह नीति विशेष योग्यजनों को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाओं में बराबरी का अवसर देती है, ताकि शारीरिक चुनौती किसी की तरक्की में बाधा न बने।

सहायक उपकरण या स्कूटी कैसे मिलेंगे?
सहायक उपकरण और स्कूटी विभाग के शिविरों व योजनाओं के माध्यम से वितरित होते हैं। पात्रता व शिविरों की जानकारी के लिए विभाग के जिला कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।

Leave a Comment