उदयपुर के करम राज जलानिया ने राज्य जिम्नास्टिक में जीते 2 स्वर्ण पदक, अब नेशनल में करेंगे राजस्थान का प्रतिनिधित्व

उदयपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले ग्यारहवीं के छात्र करम राज जलानिया का नाम अब राजस्थान के उभरते खेल सितारों में गिना जाएगा। बीकानेर में हुई 70वीं राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। लेकिन असली बड़ी खबर इससे एक कदम आगे की है — इस प्रदर्शन के दम पर उनका चयन एसजीएफआई प्रतियोगिता के लिए हो गया है, यानी अब वे राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

स्कूली खेलों से राष्ट्रीय मंच तक का यह सफर किसी भी युवा खिलाड़ी का सपना होता है। करम राज ने इसे सालों के अनुशासन और लगातार अभ्यास से हासिल किया है। उनके कोच का कहना है कि यह सफलता निरंतर परिश्रम का नतीजा है, किस्मत का नहीं।

राष्ट्रीय मंच पर अब राजस्थान का झंडा

किसी भी स्कूली खिलाड़ी के लिए राज्य चैंपियनशिप में पदक जीतना बड़ी बात है, लेकिन उससे भी बड़ा मौका तब मिलता है जब उसे नेशनल स्तर पर अपने प्रदेश की जर्सी पहनने का अवसर मिले। करम राज जलानिया के साथ ठीक यही हुआ है। राज्य प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका चयन एसजीएफआई प्रतियोगिता के लिए किया गया है, जहां वे राजस्थान की टीम का हिस्सा बनेंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी के करियर का टर्निंग पॉइंट होता है। यहां मिलने वाला अनुभव, बड़े मंच का दबाव झेलना और देशभर के बेहतरीन खिलाड़ियों से मुकाबला — ये सब किसी भी युवा एथलीट को अगले स्तर के लिए तैयार करते हैं। करम राज के लिए यह मौका उनके खेल जीवन की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

बीकानेर में सात दिन, तीन पदक

यह प्रतियोगिता 1 से 7 अक्टूबर तक बीकानेर में हुई थी। प्रदेशभर से आए जिम्नास्टों के बीच करम राज ने अलग-अलग इवेंट्स में हिस्सा लेकर कुल तीन पदक जीते — दो स्वर्ण और एक रजत। इतने कम समय में तीन पदक उनकी पुख्ता तैयारी का सबूत हैं।

विद्यालय के खेल विभागाध्यक्ष विपिन राय ने बताया कि सफलता के पीछे कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास है। जिम्नास्टिक में लचक, ताकत, संतुलन और सटीकता चारों का एक साथ होना जरूरी है — एक छोटी चूक भी अंक गंवा सकती है। ऐसे में तीन पदक उनकी तकनीकी परिपक्वता का प्रमाण हैं।

खबर मिलते ही विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रो-वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल, प्राचार्य संजय नरवरिया और उप-प्राचार्य राजेश धाभाई ने करम राज और उनके अभिभावकों को बधाई दी और नेशनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

एसजीएफआई क्या है और चयन कैसे होता है

एसजीएफआई यानी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया — देश में स्कूली खेलों का सबसे बड़ा संगठन, जो हर साल विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिताएं कराता है। इनमें हर राज्य की टीम हिस्सा लेती है, और टीम का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के आधार पर होता है।

प्रक्रिया इस तरह चलती है: पहले जिला स्तर पर ट्रायल होते हैं, वहां से चुने गए खिलाड़ी राज्य चैंपियनशिप खेलते हैं। राज्य में पदक या शीर्ष स्थान पाने वालों में से ही एसजीएफआई नेशनल के लिए राजस्थान की टीम बनती है। यानी करम राज ने जिले और राज्य का इम्तिहान पास किया है — अब बारी देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूली जिम्नास्टों से टक्कर की है।

राजस्थान में स्कूली खेलों का बढ़ता मैदान

करम राज की सफलता अकेली कहानी नहीं है। इस समय राजस्थान में 70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता 2026-27 का दौर चल रहा है। हाल ही में वेटलिफ्टिंग में जोधपुर जिले ने तीन वर्गों की चैंपियनशिप जीती — इस प्रतियोगिता में 38 जिलों के 675 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। जिला स्तर से राज्य स्तर तक का यह तंत्र ही वह सीढ़ी है जिस पर चढ़कर युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचते हैं।

प्रदेश के खेल सितारों की चमक बढ़ रही है

पिछले कुछ समय में राजस्थान के खिलाड़ियों ने बड़े मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। जयपुर के एथलीट यशवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में रजत और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता, जिनकी हाल ही में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सराहना की। यह सिलसिला बताता है कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं — जरूरत है सही मंच और मेहनत की। करम राज की कहानी इसी कड़ी का नया अध्याय है।

तथ्यविवरण
खिलाड़ी का नामकरम राज जलानिया
विद्यालयदिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर
कक्षा11वीं
प्रतियोगिता70वीं राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता
आयोजन स्थलबीकानेर
आयोजन तिथि1 से 7 अक्टूबर 2026
जीते गए पदक2 स्वर्ण, 1 रजत
अगला लक्ष्यएसजीएफआई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व

माता-पिता के लिए काम की बात: बच्चे को स्कूली खेलों में कैसे उतारें

करम राज की कहानी से सबसे बड़ा सबक उन अभिभावकों के लिए है जो बच्चों में खेल की प्रतिभा देखते हैं लेकिन रास्ता नहीं जानते। पहला कदम — स्कूल के खेल शिक्षक से बात करें; जिला व राज्य खेलों के ट्रायल की जानकारी वहीं मिलती है। दूसरा — जिला खेल अधिकारी कार्यालय से सालभर का खेल कैलेंडर लें। तीसरा — खेल को पढ़ाई का दुश्मन न समझें; करम राज खुद ग्यारहवीं के छात्र हैं। नियमित अभ्यास, संतुलित आहार और प्रशिक्षित कोच का मार्गदर्शन — यही किसी भी युवा खिलाड़ी की नींव है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एसजीएफआई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन कैसे होता है?

राज्य चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों में से प्रदेश की टीम चुनी जाती है। करम राज का चयन बीकानेर में 2 स्वर्ण और 1 रजत जीतने के बाद हुआ है।

जिम्नास्टिक में कौन-कौन से इवेंट होते हैं?

फ्लोर एक्सरसाइज, वॉल्ट, पैरेलल बार्स, रिंग्स और पोमेल हॉर्स प्रमुख हैं। हर इवेंट में लचक, ताकत, संतुलन और सटीकता परखी जाती है।

राज्य स्तरीय विद्यालय खेलों में भाग कैसे लें?

स्कूल के खेल शिक्षक से संपर्क करें। जिला ट्रायल में चयन के बाद राज्य चैंपियनशिप में हिस्सा मिलता है। जिला खेल अधिकारी कार्यालय से खेल कैलेंडर मिलता है।

क्या खेल के साथ पढ़ाई संभव है?

बिल्कुल। करम राज ग्यारहवीं के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ नेशनल की तैयारी कर रहे हैं। सही समय-प्रबंधन और स्कूल के सहयोग से दोनों साथ चल सकते हैं।

उदयपुर से निकली यह खबर राजस्थान के हर उस बच्चे के लिए उम्मीद की किरण है जो मैदान में पसीना बहा रहा है। करम राज जलानिया ने दिखा दिया है कि छोटे शहर का स्कूली छात्र भी अनुशासन और मेहनत से राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है। अब सबकी निगाहें एसजीएफआई नेशनल पर होंगी, जहां वे राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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