ग्वार भाव राजस्थान: 2 साल की मंदी के बाद तेजी की उम्मीद, 28 अक्टूबर को औसत ₹6,853 प्रति क्विंटल

मंडी भाव पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 28 अक्टूबर 2026 को राजस्थान में ग्वार बीज का औसत मंडी भाव ₹6,853 प्रति क्विंटल रहा, और अक्टूबर 2026 का मासिक औसत ₹6,959 प्रति क्विंटल दर्ज हुआ है, जिसे अब तक का सबसे ऊंचा मासिक औसत बताया गया है। ग्वार भाव राजस्थान में दो साल की नरमी के बाद यही आंकड़े ओसियां सहित जोधपुर के किसानों की उम्मीद की सबसे बड़ी वजह बन गए हैं — कई किसान बेहतर कीमत की आस में उपज को कम मात्रा में बेच रहे हैं और स्टॉक करके रख रहे हैं।

मगर तेजी की उम्मीद का मतलब गारंटी नहीं है। अगला रुख पैदावार, मंडी आवक और ग्वार गम की मांग पर निर्भर करेगा — इसलिए यह खबर फैसले की तरह पढ़ें, सिर्फ उत्साह की तरह नहीं।

ग्वार भाव राजस्थान: 28 अक्टूबर को मंडियों का हाल

प्रदेश में ग्वार का भाव एक जैसा नहीं है। मंडी, क्वालिटी और नमी के हिसाब से इसमें हजारों रुपये का फर्क है। 28 अक्टूबर 2026 के आंकड़े इस प्रकार हैं:

मंडी / स्तर ग्वार भाव (प्रति क्विंटल)
राजस्थान का औसत भाव (28 अक्टूबर) ₹6,853
अक्टूबर 2026 का मासिक औसत ₹6,959
श्री करणपुर (श्रीगंगानगर) — अधिकतम ₹8,290
श्री करणपुर (श्रीगंगानगर) — न्यूनतम ₹5,360
रायसिंह नगर (श्रीगंगानगर) — अधिकतम ₹8,200
बीकानेर (अनाज) मंडी — सबसे कम दर्ज भाव ₹6,144

इससे साफ है कि श्रीगंगानगर बेल्ट में रेंज ऊंची है, पर न्यूनतम और अधिकतम के बीच फासला बहुत बड़ा है — यानी क्वालिटी ही भाव तय कर रही है। औसत को अपनी उपज का भाव मानना गलत होगा। मंडी भाव रोज बदलते हैं, इसलिए बेचने से पहले सरकारी Agmarknet पोर्टल पर अपनी मंडी का ताजा रेट जरूर मिलान करें।

दो साल की मंदी के बाद ग्वार भाव में उम्मीद क्यों जगी

पहला कारण है कम बारिश। पश्चिमी राजस्थान में इस बार मानसून की बारिश कम रही, जिससे ग्वार की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। ग्वार कम पानी में होने वाली फसल मानी जाती है, फिर भी बुवाई और बढ़वार के समय नमी की कमी का असर पैदावार पर पड़ता है। पैदावार कम रही तो बाजार में उपलब्धता घटेगी, और उपलब्धता घटने पर भाव को सहारा मिलता है।

दूसरा कारण है किसानों का अपना व्यवहार। ओसियां सहित जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मंडियों के भाव और आवक पर नजर रख रहे हैं। कुछ किसान और कारोबारी बेहतर भाव की उम्मीद में ग्वार का स्टॉक कर रहे हैं और बाजार में कम मात्रा में उपज बेच रहे हैं। आवक कम रहने पर खरीद बनी रहे तो भाव में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।

तीसरा कारण है ग्वार गम की मांग। ग्वार गम की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग का सीधा असर बीज के बाजार पर पड़ता है — मांग बनी रहे और आपूर्ति सीमित रहे तो भाव को मजबूती मिलती है।

10 साल में ग्वार के भाव का सफर

ग्वार का बाजार हमेशा उतार-चढ़ाव वाला रहा है। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार औसत भाव का सफर इस तरह रहा है:

वर्ष ग्वार का औसत भाव (प्रति क्विंटल, लगभग)
2016 ₹3,050
2021 ₹4,424
2022 ₹5,217
2023 ₹5,250 के आसपास
2024–2025 गिरावट का दौर

यानी 2016 से 2023 के बीच भाव लगभग दोगुना हुआ, फिर दो साल की नरमी ने बढ़त का एक हिस्सा वापस ले लिया। सबक: सिर्फ एक हफ्ते के भाव पर फैसला लेना अक्सर गलत पड़ता है।

ओसियां-जोधपुर के किसान क्या कर रहे हैं

ओसियां क्षेत्र में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि उपज अभी बेची जाए या कुछ समय रोकी जाए। ओसियां के किसान हरिराम के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, भाव में तेजी की उम्मीद के चलते कुछ किसान और कारोबारी ग्वार का स्टॉक कर रहे हैं और बाजार में कम मात्रा में उपज बेच रहे हैं।

मगर भाव की दिशा केवल स्टॉक पर नहीं, बल्कि असल पैदावार, मंडी आवक और कारोबारियों की खरीद पर भी निर्भर करती है। आवक अचानक बढ़ी तो रुख पलट भी सकता है — इसलिए आवक और दैनिक भाव ही सबसे बड़े संकेत रहेंगे। दूसरी मंडियों में भी यही गणित चल रहा है — भीलवाड़ा मंडी भाव और कोटा भामाशाह मंडी के सोयाबीन-उड़द भाव देखें।

बेचें या रोकें: फैसला लेने से पहले ये 5 बातें जांचें

  1. अपनी मंडी का आज का भाव देखें: राज्य के औसत को अपनी उपज का भाव मत मानिए। अपनी नजदीकी मंडी का उसी दिन का न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव जांचें।
  2. क्वालिटी और नमी जांचें: नमी, दाना और सफाई के हिसाब से भाव में बड़ा फर्क आता है। मंडी ले जाने से पहले उपज सुखाकर और साफ करके ले जाएं।
  3. आवक का रुझान देखें: मंडी में आवक लगातार बढ़ रही है तो भाव पर दबाव आ सकता है। आवक घट रही है तो रोकने की गुंजाइश बनती है।
  4. स्टॉक की लागत और जोखिम गिनें: भंडारण, नमी, कीट और भाव गिरने का जोखिम — रोकने की अवधि की लागत पहले से गिन लें।
  5. किस्तों में बेचने पर विचार करें: पूरी उपज एक ही दिन बेचने या पूरी रोकने के बजाय किस्तों में बेचना जोखिम बांट देता है। भाव बढ़ा तो बची उपज से फायदा मिलेगा, गिरा तो पहले बेची उपज से नुकसान सीमित रहेगा।

ध्यान रहे: 29 और 30 अक्टूबर को कई हिस्सों में बारिश की संभावना है (राजस्थान मौसम अपडेट) — खुले में रखी उपज को भीगने से बचाएं, क्योंकि भीगी उपज की क्वालिटी और भाव दोनों घटते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ग्वार भाव राजस्थान में आज कितना है?

28 अक्टूबर 2026 को औसत भाव ₹6,853 प्रति क्विंटल रहा। मंडी और क्वालिटी के हिसाब से भाव अलग है — अपनी मंडी का ताजा भाव अलग से जांचें।

क्या ग्वार के भाव में तेजी पक्की है?

नहीं, सिर्फ उम्मीद है। कम पैदावार, कम आवक और ग्वार गम की मांग तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं, पर असल दिशा बाद में ही तय होगी।

क्या ग्वार का स्टॉक करना सही रहेगा?

स्टॉक करना एक रणनीति हो सकती है, लेकिन इसमें भंडारण की लागत, नमी और भाव गिरने का जोखिम है। पूरी उपज रोकने के बजाय किस्तों में बेचना जोखिम कम करता है।

ग्वार का ताजा मंडी भाव कहां चेक करें?

सरकारी Agmarknet पोर्टल और मंडी भाव पोर्टल पर जिले-मंडी के हिसाब से देखें, और बेचने से पहले उसी दिन का भाव मिलान करें।

कुल मिलाकर, ग्वार भाव राजस्थान में उम्मीद और सावधानी दोनों की कहानी है। 28 अक्टूबर के आंकड़े उत्साहजनक हैं, पर आखिरी फैसला मंडी आवक और ग्वार गम की मांग ही करेगी — इसलिए रोज भाव देखें, क्वालिटी संभालें और किस्तों में फैसला लें।

Leave a Comment