कुचामन में चेन स्नेचिंग गैंग धरी: 30 गिरफ्तार, 26 महिलाएं

कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गई। डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन शहर में भागवत कथा के दौरान निकाली गई कलश यात्रा में महिलाओं के गले से सोने-चांदी के आभूषण तोड़ने वाली इस शातिर गैंग के 30 सदस्यों को पुलिस ने एक साथ दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में 26 महिलाएं शामिल हैं। गैंग इतनी सफाई से काम करती थी कि शिकार बनने वाली महिलाओं को घटना के वक्त भनक तक नहीं लगती थी।

कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग का तरीका: पहले रेकी, फिर भीड़ में घेराबंदी

कुचामन थाना प्रभारी राजेन्द्र खदाव ने बताया कि इस गैंग की महिलाओं का निशाना खासतौर पर भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजन होते थे। वारदात से पहले गैंग की सदस्य मौके की पूरी रेकी करती थीं — कौन-सा रास्ता कलश यात्रा का है, भीड़ कहां सबसे घनी होगी, पुलिस कहां तैनात है। इसके बाद वे स्थानीय वेशभूषा में सज-धज कर भीड़ के बीच घुस जाती थीं।

फिर शुरू होता था असली खेल। गैंग की महिलाएं अकेली महिलाओं को चिह्नित करतीं, इशारों से संपर्क साधतीं और चुपचाप उन्हें घेर लेतीं। घेराबंदी के कुछ सेकंड में गले की चेन, मादलिया या कंठी तोड़ जाती — और पीड़िता को तुरंत पता भी नहीं चलता था।

कलश यात्रा में 2000 महिलाओं के बीच कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग का खेल

कुचामन सिटी में भागवत कथा के दौरान निकाली गई कलश यात्रा में 2000 से ज्यादा महिलाएं शामिल थीं। श्रद्धालु सीताराम कुमावत ने बताया कि कलश यात्रा के बीच में कुछ अज्ञात महिलाएं आ गईं और श्रद्धालुओं के गले से चेन और कंठी तोड़ने लगीं। जब कुछ महिलाओं को भनक लगी तो वे चिल्लाने लगीं। इसके बाद मौजूद लोगों ने कुछ महिला चोरों को मौके पर ही पकड़ लिया। कई आरोपी महिलाएं इधर-उधर भागने की कोशिश में थीं, जिन्हें पुलिस को बुलाकर लोगों की सहायता से दबोचा गया।

थाना प्रभारी के अनुसार, इस दौरान गैंग की महिलाओं ने कई श्रद्धालुओं की चेन, मादलिया और कंठी तोड़ने की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ महिलाओं ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन पीछा करके उन्हें पकड़ लिया गया।

घटना और कार्रवाई: एक नजर में

बिंदु विवरण
स्थान कुचामन सिटी, जिला डीडवाना-कुचामन
वारदात का समय भागवत कथा की कलश यात्रा के दौरान, 12 अक्टूबर 2026
कलश यात्रा में शामिल महिलाएं 2000 से ज्यादा
गिरफ्तार आरोपी 30 (26 महिलाएं)
वारदात का तरीका रेकी के बाद भीड़ में घेरकर चेन, मादलिया, कंठी तोड़ना
गिरोह की आवाजाही लग्जरी गाड़ियों में
आरोपियों का संबंध राजस्थान के अलग-अलग जिलों से
जांच की स्थिति पूछताछ जारी, अन्य वारदातों और पूरे नेटवर्क की तलाश

श्रद्धालुओं की सूझबूझ से खुली कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग की पोल

इस कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी आम श्रद्धालुओं की सूझबूझ रही। अगर कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने समय रहते शोर न मचाया होता, तो शायद यह गैंग बिना पकड़े ही वहां से निकल जाती। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया और खुद भी आरोपियों को भागने से रोकने में मदद की। थाना प्रभारी राजेन्द्र खदाव के नेतृत्व में कुचामन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी 30 आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस का मानना है कि कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग सिर्फ कुचामन सिटी तक सीमित नहीं थी। आरोपियों ने अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की वारदातें की होंगी, ऐसा अंदेशा है। फिलहाल पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क और पुरानी वारदातों की कड़ियां खंगाल रही है।

लग्जरी गाड़ियों में आती थी कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग

पुलिस जांच में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रही, वह इस कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग की जीवनशैली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, गैंग की महिलाएं लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देने पहुंचती थीं। गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के अलग-अलग जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं, यानी यह कोई छोटी-मोटी लोकल टोली नहीं, बल्कि कई जिलों में फैला एक संगठित नेटवर्क था।

धार्मिक आयोजनों में ऐसी वारदातें करने वाली गैंग्स का पैटर्न भी कुछ ऐसा ही होता है — अच्छा पहनावा, महंगी गाड़ी और भीड़ में घुल-मिल जाने की कला। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड और गाड़ियों के नंबरों के आधार पर इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में है।

धार्मिक आयोजनों में चोरी की वारदातें: पहले भी पकड़े गए ऐसे गिरोह

कुचामन की यह घटना कोई अकेला मामला नहीं है। राजस्थान पुलिस को इससे पहले भी ऐसे गिरोहों पर बड़ी कामयाबी मिल चुकी है। दौसा में नकली सोने की मालाएं बेचकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें आठ जिलों के व्यापारियों को शिकार बनाया गया था। वहीं डीडवाना में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में साइबर फ्रॉड गिरोह का भी भंडाफोड़ हो चुका है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में इस तरह की वारदातें बढ़ जाती हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को सतर्क रहना जरूरी है। इस घटना की विस्तृत जानकारी ETV Bharat की रिपोर्ट में भी दर्ज है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: कुचामन में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?

जवाब: कुचामन पुलिस ने कलश यात्रा में आभूषण चोरी करने वाली गैंग के 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 26 महिलाएं शामिल हैं।

सवाल 2: गैंग कैसे वारदात करती थी?

जवाब: पहले मौके की रेकी, फिर स्थानीय वेशभूषा में भीड़ में घुसकर अकेली महिलाओं को चिह्नित करना। इशारों से संपर्क करके उन्हें घेर लिया जाता और गले की चेन, मादलिया या कंठी तोड़ ली जाती।

सवाल 3: क्या गैंग सिर्फ कुचामन में सक्रिय थी?

जवाब: नहीं। आरोपी अलग-अलग जिलों के हैं और पुलिस को आशंका है कि गैंग ने अन्य स्थानों पर भी वारदातें की हैं। पूछताछ जारी है।

सवाल 4: श्रद्धालु क्या सावधानी बरतें?

जवाब: कीमती आभूषण पहनकर भीड़ में जाने से बचें, समूह में रहें, गले की चेन ढककर रखें और घेराबंदी जैसी स्थिति में तुरंत शोर मचाकर पुलिस को सूचित करें।

निष्कर्ष: त्योहारी सीजन में सतर्कता सबसे बड़ा हथियार

कुचामन पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश देती है — धार्मिक आस्था के आयोजनों को अपराधियों की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। कुचामन चेन स्नेचिंग गैंग के 30 आरोपियों की गिरफ्तारी ने एक संगठित नेटवर्क की कमर तोड़ी है, लेकिन पूछताछ अभी जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गैंग की और कड़ियां सामने आएंगी। श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा सबक यही है कि भीड़ में सतर्कता ही सबसे बड़ा कवच है।

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