कोटा सड़क हादसा: पिकअप की टक्कर से 6 माह की गर्भवती महिला की मौत, बेटी घायल

बाजार से सब्जी लेकर घर लौटना हर परिवार के लिए रोज की बात है — लेकिन कोटा के दयाराम के लिए बुधवार की यह शाम जिंदगी भर का दर्द बन गई। रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के नॉर्दर्न बाईपास पर हुए कोटा सड़क हादसा में तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी। 6 माह की गर्भवती मोना पत्नी दयाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी तीन साल की बेटी घायल हो गई। मोना बूंदी जिले के केशोरायपाटन के गामछ गांव की रहने वाली थीं। पिकअप चालक मौके से फरार है, जिसके खिलाफ परिजनों की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

यह घटना राजस्थान में सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कोटा में हाल के महीनों में कई सड़क हादसे हो चुके हैं — फिर भी तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं।

कैसे हुआ हादसा — चंबल ब्रिज के पास तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर

रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के एएसआई अब्दुल लतीफ के अनुसार, बुधवार को दयाराम पत्नी मोना और तीन वर्षीय बेटी को बाइक पर लेकर सब्जी खरीदने कोटा शहर आ रहा था। चंबल ब्रिज क्रॉस करते ही पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि मोना सड़क पर जा गिरीं और पिकअप ने उन्हें कुचल दिया — मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घायल बेटी को एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पिकअप चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन लोगों ने वाहन का नंबर नोट कर लिया था। बाइक जब्त कर थाने में खड़ी कर दी गई है।

पुलिस की कार्रवाई — फरार पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

कोटा सड़क हादसा की सूचना पर रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की रिपोर्ट पर फरार पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा नोट किए गए वाहन नंबर के आधार पर चालक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

हिट-एंड-रन मामलों में वाहन नंबर जांच का सबसे बड़ा आधार होता है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से पिकअप और चालक का पता लगाने में जुटी है।

एमबीएस अस्पताल में इलाज, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा

हादसे के बाद मोना और उनकी बेटी को तत्काल एमबीएस अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने मोना को मृत घोषित कर दिया। बुधवार देर रात शव मोर्चरी में शिफ्ट किया गया; गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

परिजनों की रिपोर्ट के अनुसार मोना छह माह की गर्भवती थीं — यानी इस हादसे ने एक साथ दो जिंदगियों को छीन लिया। तीन साल की बच्ची अब भी अस्पताल में इलाज करा रही है। गांव गामछ में इस खबर के बाद मातम पसरा हुआ है।

राजस्थान में सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ — आंकड़े चौंकाने वाले

यह हादसा अकेली घटना नहीं है। परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं:

वर्ष कुल हादसे मौतें
2020 19,114 9,250
2021 20,951 10,043
2022 23,614 11,104
2023 24,705 11,762
2024 24,838 11,790
2025 (जनवरी–सितंबर) 18,053 8,949

इतना ही नहीं, घातक हादसों (एक ही हादसे में 3 या अधिक मौतें) में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है — 2024 में 144 घातक हादसों में 553 मौतें हुई थीं, जबकि 2025 में यह बढ़कर 211 हादसे और 785 मौतें हो गई, यानी 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी। राज्य के 15 जिलों में कुल घातक हादसों के 76 प्रतिशत मामले सामने आए हैं — और कोटा भी इन्हीं 15 जिलों में शामिल है।

कोटा में हाल के महीनों में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं — दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हादसे में दो लोगों की जान गई थी, तो स्कूल वैन हादसे में छह बच्चे घायल हुए थे। नॉर्दर्न बाईपास जैसे व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम कसना अब और भी जरूरी हो गया है।

हिट-एंड-रन पीड़ित परिवारों को क्या सहायता मिल सकती है — जानिए अपने अधिकार

सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले के परिजनों के लिए कानून में कई प्रावधान हैं:

  1. FIR और जांच: हादसे के बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराना जरूरी है — यही आगे के सभी दावों का आधार बनती है।
  2. मोटर वाहन दावा अधिकरण (MACT): पीड़ित परिवार मुआवजे का दावा कर सकता है; मुआवजा मृतक की आय, आयु और आश्रितों के आधार पर तय होता है।
  3. हिट-एंड-रन योजना: केंद्र सरकार की योजना के तहत मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि मिलती है।
  4. बीमा दावा: दुर्घटना करने वाले वाहन का बीमा होने पर थर्ड-पार्टी बीमा के तहत भी दावा किया जा सकता है।

पीड़ित परिवार FIR की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल के कागजात संभालकर रखें और वकील की सलाह से समय पर दावा दायर करें। राजस्थान पुलिस की वेबसाइट police.rajasthan.gov.in पर भी FIR से जुड़ी जानकारी मिलती है।

कोटा सड़क हादसा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है। पुलिस की जांच अब फरार चालक की गिरफ्तारी पर केंद्रित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: कोटा में गर्भवती महिला की मौत कैसे हुई?
उत्तर: बुधवार को कोटा के नॉर्दर्न बाईपास पर तेज रफ्तार पिकअप ने दयाराम की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में 6 माह की गर्भवती मोना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 3 साल की बेटी घायल हो गई।

प्रश्न 2: हादसे का आरोपी पिकअप चालक पकड़ा गया क्या?
उत्तर: अभी नहीं। हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया था, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने वाहन का नंबर नोट कर लिया था। पुलिस ने चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रश्न 3: हिट-एंड-रन मामलों में पीड़ित परिवार को क्या मुआवजा मिलता है?
उत्तर: केंद्र सरकार की योजना के तहत मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि मिलती है। इसके अलावा MACT में अलग से मुआवजे का दावा भी किया जा सकता है।

प्रश्न 4: राजस्थान में सड़क हादसों की स्थिति क्या है?
उत्तर: 2024 में राजस्थान में 24,838 हादसों में 11,790 मौतें हुईं। 2025 के पहले नौ महीनों में ही 8,949 मौतें दर्ज की गईं। घातक हादसों में 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, और कोटा सर्वाधिक घातक हादसों वाले 15 जिलों में शामिल है।

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