कोटा स्कूल वैन हादसे ने सोमवार सुबह पूरे प्रदेश को हिला दिया। कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में 18 से ज्यादा बच्चों से भरी एक स्कूल वैन पलट गई, जिसमें करीब 6 बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद जो खुलासा हुआ, वह सबसे डरावना था — वैन चला रहा ड्राइवर शराब के नशे में धुत था। यह कोटा स्कूल वैन हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि स्कूली परिवहन व्यवस्था की गहरी लापरवाही का जीता-जागता सबूत है।
बच्चों के अभिभावक भारी फीस चुकाकर स्कूलों पर भरोसा करते हैं, लेकिन इस घटना ने उस भरोसे को तोड़ दिया है। पुलिस ने नशेड़ी ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है।
कोटा स्कूल वैन हादसा: सुबह-सुबह कैसे पलटी वैन
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह कोटा के सांगोद थाना क्षेत्र में मण्डाप गांव से कुंदनपुर जा रही एक स्कूल वैन अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क पर पलट गई। यह वैन मण्डाप से बच्चों को करीब पांच किलोमीटर दूर कुंदनपुर स्थित एक निजी स्कूल ले जा रही थी। वैन में 18 से ज्यादा स्कूली बच्चे सवार थे।
वैन पलटते ही सभी बच्चे अंदर फंस गए। आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़े और वैन का शीशा तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में करीब 6 बच्चों को चोटें आईं, सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सूचना पर सांगोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लिया और थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
नशे में था ड्राइवर: पुलिस ने हिरासत में लिया
सांगोद थाना अधिकारी पवन मीणा के अनुसार, वैन चला रहे व्यक्ति ने शराब पी रखी थी। पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। नशे में वाहन चलाने और बच्चों की जान जोखिम में डालने के आरोप में ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हादसे में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि उस दिन वैन को कोई दूसरा व्यक्ति चला रहा था — नियमित ड्राइवर की जगह कोई और वैन की स्टीयरिंग थामे था। यह बात स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सवाल यह है कि बिना जांच-पड़ताल के किसी व्यक्ति को बच्चों से भरी वैन कैसे सौंप दी गई?
अभिभावकों का गुस्सा: स्कूल के बाहर हंगामा
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल के बाहर जमा हो गए और स्कूल संचालक के खिलाफ जोरदार हंगामा किया। अभिभावकों का कहना था कि वे बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल को सौंपते हैं और भारी फीस चुकाते हैं, लेकिन स्कूल बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। पुलिस ने मौके पर अभिभावकों को समझाया और उनकी शिकायतें दर्ज कीं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह लापरवाही पहली बार नहीं हुई। लोगों के मुताबिक, स्कूल वैन चालक पहले भी लापरवाही से वाहन चलाते देखे गए थे। ग्रामीणों ने कई बार चालकों को रोककर सावधानी की सलाह दी, लेकिन चालक सुनने को तैयार नहीं होते थे। गांव वालों के मुताबिक, यही लापरवाही आज इस हादसे की वजह बनी।
कोटा स्कूल वैन हादसे से सबक: स्कूली परिवहन की सुरक्षा पर सवाल
यह कोटा स्कूल वैन हादसा स्कूल परिवहन व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। नियमों के मुताबिक, स्कूली वाहनों के चालकों की नियमित जांच होनी चाहिए, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता देखी जानी चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई निजी स्कूल इन नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए बुनियादी मानदंड होने ही चाहिए — प्रशिक्षित ड्राइवर, वाहन की नियमित तकनीकी जांच, गति पर नियंत्रण और वाहन में एक परिचारक की मौजूदगी। कोटा स्कूल वैन हादसे से साफ है कि इनमें से कोई सावधानी नहीं बरती गई थी। नशे में धुत व्यक्ति को बच्चों से भरी वैन सौंप देना स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही है।
राजस्थान में स्कूली बच्चों से जुड़े हादसे चिंताजनक हैं। हाल ही में कोटा में ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ था, और कोटा में ही एक छात्र की मौत पर भी हंगामा मचा था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार घटनाओं से अभिभावकों का भरोसा डगमगा रहा है।
हादसे के अहम तथ्य एक नजर में
- स्थान: कोटा जिले का सांगोद थाना क्षेत्र, मण्डाप से कुंदनपुर के बीच
- समय: सोमवार (12 अक्टूबर 2026) सुबह, स्कूल जाते समय
- वैन में बच्चे: 18 से ज्यादा स्कूली बच्चे सवार थे
- घायल: करीब 6 बच्चों को चोटें आईं, सभी की हालत खतरे से बाहर
- स्कूल: कुंदनपुर स्थित निजी स्कूल (मण्डाप से करीब 5 किमी दूर)
- ड्राइवर की हालत: शराब के नशे में था, पुलिस हिरासत में
- पुलिस कार्रवाई: सांगोद थाना अधिकारी पवन मीणा जांच कर रहे हैं, मामला दर्ज
- अभिभावक: स्कूल के बाहर हंगामा, शिकायतें दर्ज
- ग्रामीणों का आरोप: वैन चालकों की लापरवाही पहले भी देखी गई थी
अब आगे क्या? जांच और संभावित कार्रवाई
पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के बाद नशे में वाहन चलाने और लापरवाही से बच्चों की जान जोखिम में डालने के आरोप में कार्रवाई होगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच हो रही है — बिना जांच के किसी व्यक्ति को वैन सौंपने की अनुमति किसने दी, यह भी देखा जाएगा।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल संचालक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो, ताकि कोई स्कूल बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे। प्रशासन से क्षेत्र के सभी स्कूली वाहनों की जांच और नियम न मानने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसने की भी मांग उठी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: कोटा स्कूल वैन हादसा कहां और कब हुआ?
उत्तर: यह हादसा सोमवार (12 अक्टूबर 2026) सुबह कोटा जिले के सांगोद थाना क्षेत्र में मण्डाप से कुंदनपुर के बीच हुआ। वैन बच्चों को मण्डाप गांव से कुंदनपुर स्थित एक निजी स्कूल ले जा रही थी।
प्रश्न: हादसे में कितने बच्चे घायल हुए?
उत्तर: वैन में 18 से ज्यादा बच्चे सवार थे, जिनमें से करीब 6 बच्चों को चोटें आईं। सभी को प्राथमिक उपचार दिलाया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
प्रश्न: ड्राइवर के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
उत्तर: सांगोद थाना पुलिस ने नशे में वैन चला रहे ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रश्न: अभिभावकों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षेत्र के सभी स्कूली वाहनों की जांच की मांग की है।