आज शाम कोटा की सड़कों पर जब राम बारात की भव्य शोभायात्रा निकलेगी तो पूरा शहर राममय नजर आएगा। लेकिन कोटा राम बारात 2026 से कुछ घंटे पहले, गुरुवार सुबह 6 बजे, शहर ने एक अलग ही नजारा देखा — महापौर अनुसुईया गोस्वामी खुद हाथ में झाड़ू लेकर शोभायात्रा मार्ग की सफाई में जुट गईं। उन्होंने सड़कों और दुकानों के सामने फैला कचरा अपने हाथों से उठाया और फिर खुद कचरा गाड़ी चलाकर स्वच्छता का बड़ा संदेश दिया। 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के इस आयोजन को लेकर नगर निगम की तैयारी बताती है कि प्रशासन शोभायात्रा को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
कोटा राम बारात 2026: शाम को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले के तहत आज शाम निकलने वाली राम बारात कोटा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। हर साल की तरह इस बार भी शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। नगर निगम ने पूरे शहर को राममय बनाने की तैयारी की है — प्रमुख चौराहों पर राम ध्वज लगाए जा रहे हैं, ताकि कोटा राम बारात 2026 के दौरान शहर का हर कोना उत्सव के रंग में रंगा नजर आए।
महापौर के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मंशा के अनुरूप इस बार राम बारात को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जा रहा है। मकसद ऐसा वातावरण बनाना है कि शोभायात्रा में शामिल हर श्रद्धालु खुद को साक्षात प्रभु श्री राम की बारात का सहभागी महसूस करे।
सुबह 6 बजे झाड़ू थामे दिखीं महापौर
गुरुवार सुबह रामपुरा रोड स्थित गीता भवन से शुरू हुए सफाई अभियान में महापौर सुबह 6 बजे खुद पहुंचीं। उनके साथ उप महापौर विवेक राजवंशी, कई पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता और नगर निगम के अधिकारी भी श्रमदान के लिए मौजूद रहे।
महापौर ने झाड़ू थामकर सड़क के दोनों ओर सफाई की। दुकानों के सामने और सड़क किनारे फैले कचरे को एकत्र कर कचरा गाड़ी में डाला गया। इसके बाद उन्होंने खुद कचरा गाड़ी चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया — एक ऐसा दृश्य जो वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा बन गया।
कोटा राम बारात 2026 से पहले प्रशासन के सख्त निर्देश
सफाई अभियान से एक दिन पहले ही महापौर ने पूरे मार्ग का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। मार्ग में पड़ी निर्माण सामग्री, मलबा और चारा पॉइंट्स तत्काल हटाने के आदेश दिए गए। महापौर ने साफ कहा था कि बारात के रास्ते में कहीं भी गंदगी या मलबा नजर नहीं आना चाहिए।
ढीले और लटकते बिजली के तारों को ऊंचा करने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने, खुले तारों को सुरक्षित करने तथा मार्ग के गड्ढों को भरने और सड़कों की मरम्मत का काम समय पर पूरा कराने को कहा गया। 15 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद पूरे शोभायात्रा मार्ग को खाली कराया जाएगा और यातायात डायवर्ट किया जाएगा, ताकि बारात के आवागमन में कोई बाधा न आए।
महापौर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर में कहीं भी कचरे के ढेर नहीं लगने चाहिए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था नियमित और सुचारू रखी जाए। दशहरा मेला समाप्त होने के बाद शहर के प्रत्येक वार्ड में सुबह के समय इसी तरह का सफाई अभियान चलाया जाएगा।
राम बारात 2026: अहम जानकारियां एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला — राम बारात शोभायात्रा |
| तारीख | गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 |
| सफाई अभियान | सुबह 6 बजे, गीता भवन (रामपुरा रोड) से शुरुआत |
| यातायात डायवर्जन | दोपहर 2 बजे के बाद शोभायात्रा मार्ग खाली |
| मुख्य मार्ग | गीता भवन — रामपुरा रोड होते हुए शहर के प्रमुख मार्ग |
| विशेष तैयारी | चौराहों पर राम ध्वज, रोशनी, सड़क मरम्मत, विद्युत सुरक्षा |
| दशहरा मेला अवधि | 11 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक |
133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले की धूम
कोटा का दशहरा मेला राष्ट्रीय स्तर का आयोजन है और इस बार इसका 133वां संस्करण चल रहा है। मेले का कार्यक्रम 11 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। इस बार मेले की सबसे बड़ी खासियत 105 फीट ऊंचा हाईटेक रावण का पुतला है, जिसकी गर्दन 360 डिग्री घूमेगी।
कोटा का दशहरा मेला पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। हर साल यहां लाखों लोग रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने पहुंचते हैं। राम बारात इस मेले की उन परंपराओं में से एक है, जो शहरवासियों की आस्था से गहराई से जुड़ी है।
जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ कोटा
महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने कहा कि सफाई अभियान केवल एक दिन का प्रयास नहीं है, बल्कि शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की पहल है। सभी नागरिक मिलकर अपने शहर को साफ रखने का संकल्प लें तो कोटा देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल हो सकता है। जनभागीदारी के बिना कोई भी स्वच्छता अभियान सफल नहीं हो सकता — यही इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा संदेश है।
गौरतलब है कि हाल ही में जोधपुर में भी महापौर के नेतृत्व में 100 वार्डों में सफाई अभियान की शुरुआत हुई थी, जो बताता है कि राजस्थान के शहर अब स्वच्छता को लेकर गंभीर हैं। धार्मिक आयोजन को स्वच्छता अभियान से जोड़ना एक अच्छी पहल है, क्योंकि इससे संदेश सीधे लाखों श्रद्धालुओं तक पहुंचता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: कोटा में राम बारात 2026 कब निकलेगी?
उत्तर: राम बारात गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की शाम को निकलेगी। यह 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का हिस्सा है। दोपहर 2 बजे के बाद शोभायात्रा मार्ग यातायात के लिए बंद रहेगा।
प्रश्न 2: राम बारात का मार्ग कौन-सा रहेगा?
उत्तर: शोभायात्रा गीता भवन (रामपुरा रोड) क्षेत्र से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। पूरे मार्ग की सफाई, रोशनी और सड़क मरम्मत का काम पूरा करा लिया गया है।
प्रश्न 3: कोटा दशहरा मेला 2026 कब तक चलेगा?
उत्तर: 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला 11 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण दहन और विभिन्न आयोजन होंगे।
प्रश्न 4: महापौर ने सफाई अभियान में क्या किया?
उत्तर: महापौर अनुसुईया गोस्वामी गुरुवार सुबह 6 बजे खुद झाड़ू लेकर राम बारात मार्ग की सफाई में जुटीं। उन्होंने सड़क और दुकानों के सामने का कचरा उठाया और खुद कचरा गाड़ी चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया।