कोटा के 8 साल के आहिल अहमद ने जीता स्टेट ताइक्वांडो गोल्ड: 7-10 आयु वर्ग में सबसे छोटा चैंपियन

कोटा के 8 साल के आहिल अहमद ने जीता स्टेट ताइक्वांडो गोल्ड: 7-10 आयु वर्ग में सबसे छोटा चैंपियन

कोटा के महज 8 वर्षीय आहिल अहमद ने कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में वह कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े खिलाड़ियों के लिए भी आसान नहीं होता। राजस्थान स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में 7 से 10 वर्ष के आयु वर्ग में उतरे आहिल ने अपने से बड़ी उम्र के प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। 12 अक्टूबर 2026 को घोषित इस नतीजे के साथ ही कोटा का यह नन्हा खिलाड़ी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।

जिस उम्र में बच्चे खेलना-कूदना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में आहिल ने राज्य स्तर की प्रतियोगिता में सबसे ऊंचा पदक जीत लिया। उनकी इस जीत पर परिवार के साथ-साथ स्कूल के शिक्षकों, खेल प्रेमियों और शहरवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप: सबसे छोटा चेहरा, सबसे बड़ा पदक

इस बार की कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप का आयोजन शहर के नयापुरा स्थित रघुराई जिम इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया था। यह राजस्थान स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप का मुकाबला था, जिसमें प्रदेशभर के युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। आहिल अहमद ने 7 से 10 वर्ष के आयु वर्ग में प्रतिस्पर्धा की — यानी उनके सामने कई ऐसे खिलाड़ी भी थे जो उनसे दो साल तक बड़े थे।

मुकाबले के दौरान आहिल ने अपनी चुस्ती-फुर्ती, शानदार तकनीक और उच्च स्तर के खेल कौशल का परिचय दिया। एक-एक बाउट में उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा और आखिरकार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। ताइक्वांडो जैसे खेल में जहां एक पल की चूक भारी पड़ सकती है, वहां इतनी छोटी उम्र में इतना संतुलित और आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन वाकई काबिले-तारीफ है।

रघुराई जिम कॉम्प्लेक्स कोटा में ताइक्वांडो गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इससे पहले भी यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं, जिनमें प्रदेशभर से सैकड़ों खिलाड़ी हिस्सा लेते रहे हैं।

कौन हैं आहिल अहमद: दादा वरिष्ठ अधिवक्ता, स्कूल के स्टार

आहिल अहमद कोटा के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता अहमद हुसैन के पौत्र हैं। पढ़ाई की बात करें तो वे वर्तमान में कोटा के नारायणा ई-टेक्नो स्कूल में अध्ययनरत हैं। खेल और पढ़ाई — दोनों मोर्चों पर सक्रिय यह नन्हा खिलाड़ी अब अपने स्कूल का भी स्टार बन गया है।

जीत की खबर मिलते ही परिवार में हर्ष का माहौल बन गया। स्कूल के शिक्षकों ने भी आहिल को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शहर के खेल प्रेमियों का कहना है कि इतनी कम उम्र में राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक जीतना कोटा के लिए गर्व की बात है, और इससे दूसरे बच्चों को भी खेलों की ओर प्रेरित होने का संदेश मिलेगा।

गौरतलब है कि राजस्थान में हाल के दिनों में युवा खिलाड़ी लगातार चमक रहे हैं — चाहे वह 13 साल की तीरंदाज भूमिका चौधरी का स्वर्ण-रजत पदक हो या मलेशिया में शतरंज का गोल्ड जीतने वाली नागौर की सुमन भांबू। कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में आहिल की यह उपलब्धि उसी कड़ी की नई मिसाल है।

राजस्थान में बच्चों में क्यों बढ़ रहा है ताइक्वांडो का क्रेज

ताइक्वांडो कोरियाई मूल की एक मार्शल आर्ट है, जो सन् 2000 के सिडनी ओलंपिक से ओलंपिक खेलों का हिस्सा है। इसमें खिलाड़ी मुख्यतः पैरों से किक मारकर अंक बटोरते हैं — इसीलिए इसे “पैरों की कला” भी कहा जाता है। प्रतियोगिताओं में आमतौर पर दो प्रारूप होते हैं: क्योरुगी (मुकाबला/स्पारिंग) और पूमसे (निर्धारित मूवमेंट का प्रदर्शन)। कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप जैसे आयोजनों में खिलाड़ी आयु और वजन वर्गों में बंटकर मुकाबला करते हैं।

राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में ताइक्वांडो के प्रति बच्चों और अभिभावकों — दोनों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इसकी कई वजहें हैं: आत्मरक्षा का कौशल, अनुशासन और फिटनेस का विकास, और स्कूल खेलों में बढ़ती जगह। राज्य की खेल प्रतिभा असेसमेंट जैसी योजनाओं से भी खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। मार्शल आर्ट्स में जितनी जल्दी शुरुआत हो, उतना ही बेहतर — आहिल जैसे उदाहरण इसी का प्रमाण हैं।

कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप के बाद अब क्या? नेशनल का रास्ता

किसी भी खिलाड़ी के करियर में स्टेट चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक एक अहम मोड़ होता है। कोटा ताइक्वांडो चैंपियनशिप जीतने के बाद आहिल अब राजस्थान के चैंपियन खिलाड़ियों में गिने जाएंगे। आमतौर पर स्टेट पदक विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप की चयन प्रक्रिया (ट्रायल्स) के लिए पात्र होते हैं, और राज्य स्तरीय चैंपियनशिप का मतलब सिर्फ पदक नहीं — यह आगे राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के सपने की पहली सीढ़ी है।

अभी आहिल की उम्र मात्र 8 वर्ष है — उनके पास आगे लंबा समय है। इस स्तर पर नियमित कोचिंग, फिटनेस और प्रतिस्पर्धी अनुभव सबसे ज्यादा मायने रखता है। अगर इसी लगन के साथ अभ्यास जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में वे राष्ट्रीय मंच पर भी राजस्थान का नाम रोशन कर सकते हैं।

प्रतियोगिता एक नजर में

विवरण जानकारी
प्रतियोगिता राजस्थान स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप
आयोजन स्थल रघुराई जिम इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नयापुरा, कोटा
स्वर्ण पदक विजेता आहिल अहमद (8 वर्ष, कोटा)
आयु वर्ग 7 से 10 वर्ष
घोषणा की तारीख 12 अक्टूबर 2026
विद्यालय नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, कोटा
पारिवारिक पृष्ठभूमि वरिष्ठ अधिवक्ता अहमद हुसैन के पौत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: आहिल अहमद ने कौन सा पदक जीता है?

उत्तर: आहिल अहमद ने कोटा में आयोजित राजस्थान स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में 7 से 10 वर्ष आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। प्रतियोगिता नयापुरा स्थित रघुराई जिम इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुई थी।

प्रश्न 2: आहिल अहमद की उम्र कितनी है और वे कहां पढ़ते हैं?

उत्तर: आहिल अहमद की उम्र महज 8 वर्ष है। वे कोटा के नारायणा ई-टेक्नो स्कूल में पढ़ते हैं और शहर के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता अहमद हुसैन के पौत्र हैं।

प्रश्न 3: ताइक्वांडो में प्रतियोगिता कैसे होती है?

उत्तर: ताइक्वांडो में मुख्यतः दो प्रारूप होते हैं — क्योरुगी, जिसमें दो खिलाड़ी आमने-सामने मुकाबला करते हैं और सही किक पर अंक मिलते हैं; और पूमसे, जिसमें निर्धारित मूवमेंट का प्रदर्शन किया जाता है। मुकाबले आयु और वजन वर्गों में कराए जाते हैं।

प्रश्न 4: स्टेट चैंपियनशिप जीतने के बाद खिलाड़ी का अगला कदम क्या होता है?

उत्तर: राज्य स्तरीय पदक जीतने वाले खिलाड़ी आमतौर पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप की चयन प्रक्रिया (ट्रायल्स) के लिए पात्र होते हैं। इसके साथ ही नियमित प्रशिक्षण और फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी होता है ताकि ऊंचे स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहा जा सके।


नोट: इस खबर का स्रोत खास खबर, कोटा की 12 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट है।

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