दीपावली के ठीक पहले राजस्थान के बाजारों में शुद्धता की सबसे बड़ी परीक्षा चल रही है, और इस बार राजस्थान मिलावट कार्रवाई ने तीन जिलों में ऐसे आंकड़े सामने रखे हैं जो हर घर के रसोईघर से सीधे जुड़े हैं। श्रीगंगानगर में करीब एक करोड़ रुपये कीमत का नकली घी पकड़ा गया है, बालोतरा में तीन हजार किलो से ज्यादा संदिग्ध सरसों तेल सीज हुआ है, और उदयपुर में एक डेयरी संचालक के घर से ही मिलावटी घी बनाने का कारोबार चलता मिला है।
इस बार कार्रवाई एक दुकान तक सीमित नहीं रही — मंडियों, डेयरियों और ट्रेडिंग कंपनियों पर एक साथ छापे मारे गए, और संदिग्ध सामान बाजार में बिकने से पहले ही रोक लिया गया।
राजस्थान मिलावट कार्रवाई: श्रीगंगानगर में 16,394 लीटर नकली घी
सबसे बड़ा खुलासा श्रीगंगानगर से हुआ है, जहां पुलिस ने चौधरी कॉम्प्लेक्स स्थित अनन्या ट्रेडिंग कंपनी पर दबिश देकर 16,394 लीटर नकली घी बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये बताई जा रही है। राम तायल (26), मुकेश कुमार (42) और विकास कुमार (24) को गिरफ्तार किया गया है, और उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है।
इतनी बड़ी मात्रा बताती है कि यह कोई छोटा-मोटा घरेलू धंधा नहीं, बल्कि एक संगठित कारोबार था जो त्योहारी सीजन में बाजार में खपाने की तैयारी में था। अब जांच में पता लगाया जा रहा है कि यह नकली घी कहां तैयार होता था और किन दुकानों में सप्लाई होता था।
बालोतरा में 3133 किलो सरसों तेल और 209 किलो घी सीज
बालोतरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कृषि उपज मंडी के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए 3133 किलोग्राम संदिग्ध सरसों तेल और 209 किलोग्राम घी सीज किया है। खाद्य सुरक्षा दल ने मैसर्स माधव ट्रेडिंग कंपनी से गुड़ और दुर्गा ब्रांड सरसों तेल के नमूने लिए, और गुणवत्ता में संदेह होने पर तेल सीज कर दिया। महावीर ट्रेडर्स से आशीष ब्रांड घी का नमूना लेकर 209 किलो घी सीज किया गया, और महारानी मावा भंडार से मीठे मावे का नमूना भी लिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उम्मेदाराम चौधरी ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर दूध, मावा, पनीर, मिठाइयों और खाद्य तेलों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, रिपोर्ट के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
उदयपुर में घर से चल रहा था मिलावटी घी का कारोबार
उदयपुर में इस अभियान का सबसे चौंकाने वाला चेहरा सामने आया है। हिरण मगरी सेक्टर-5 स्थित श्री कृष्णा डेयरी के संचालक शंकर लाल पटेल के एकलिंगपुरा स्थित मकान पर विभाग की टीम ने छापा मारा। मौके से करीब 70 से 71 किलो तैयार घी सीज किया गया, और 30 किलो क्रीम भी बरामद हुई। घी और क्रीम के नमूने लैब भेजे गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के अनुसार, विभाग को शिकायत मिली थी कि डेयरी पर मिलावटी घी बेचा जा रहा है और घी घर पर तैयार किया जा रहा है। सख्त पूछताछ के बाद संचालक टीम को अपने मकान पर ले गया। विभाग के अनुसार, संचालक ने क्रीम में वनस्पति मिलाकर घी तैयार करने की बात स्वीकार की है, जिसे वह डेयरी के साथ शादी-ब्याह और प्रसादी के कार्यक्रमों में भी सप्लाई करता था।
तीन जिलों की कार्रवाई एक नजर में
| जिला | क्या पकड़ा गया | मात्रा | आगे की कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| श्रीगंगानगर | नकली घी | 16,394 लीटर (कीमत करीब 1.23 करोड़ रुपये) | तीन आरोपी गिरफ्तार, मामला दर्ज |
| बालोतरा | संदिग्ध सरसों तेल | 3133 किलोग्राम | नमूना लैब भेजा गया, तेल सीज |
| बालोतरा | संदिग्ध घी | 209 किलोग्राम | नमूना लैब भेजा गया, घी सीज |
| उदयपुर | तैयार मिलावटी घी | करीब 70-71 किलोग्राम | नमूना लैब भेजा गया, घी सीज |
| उदयपुर | क्रीम | 30 किलोग्राम | नमूना लैब भेजा गया |
घी, तेल, मावा और क्रीम — हर वह चीज जिसकी मांग दीपावली पर बढ़ती है, उसी पर मिलावटखोरों की नजर है।
यह अभियान क्यों चल रहा है: त्योहार और मिलावट का पुराना रिश्ता
दीपावली पर मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज हो जाती है। मांग बढ़ते ही कुछ कारोबारी सस्ता माल बेचकर मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं। इसी पैटर्न को रोकने के लिए ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान चल रहा है। हाल ही में पाली में भी 8303 लीटर संदिग्ध मिलावटी घी सीज किया गया था, और दौसा में 1348 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन तेल सीज हुआ था।
राजस्थान मिलावट कार्रवाई से बचाव: घी-तेल खरीदते समय सावधानी
त्योहार की खरीदारी में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। घी या तेल खरीदते समय सबसे पहले पैकेट की सील जांचें — खुला या दोबारा चिपकाया हुआ पैकेट न लें। पैकेट पर FSSAI का लोगो और लाइसेंस नंबर जरूर देखें, साथ ही निर्माण और समाप्ति की तारीख भी पढ़ें।
घर पर भी आसान जांचें मुमकिन हैं। थोड़ा सा घी हथेली पर रगड़ें — असली घी शरीर की गर्मी से तुरंत पिघल जाता है, नकली में वक्त लगता है। एक चम्मच घी गर्म तवे पर डालें — शुद्ध घी तुरंत पिघलकर सुनहरा-भूरा हो जाता है, नकली से ज्यादा झाग या अजीब गंध आती है। बिना लेबल वाला या खुले में बिकने वाला तेल जोखिम भरा हो सकता है। शक होने पर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दुकान का नाम, स्थान और सामान का ब्योरा देकर शिकायत की जा सकती है। सीज करना दोष साबित होना नहीं है, यह एहतियाती कदम है — अंतिम फैसला लैब रिपोर्ट के बाद ही होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: राजस्थान मिलावट कार्रवाई में सबसे बड़ी जब्ती कहां हुई?
उत्तर: श्रीगंगानगर में अनन्या ट्रेडिंग कंपनी से 16,394 लीटर नकली घी बरामद हुआ है, कीमत करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न: बालोतरा में कितना सरसों तेल और घी सीज किया गया है?
उत्तर: बालोतरा में कृषि उपज मंडी के प्रतिष्ठानों से 3133 किलोग्राम संदिग्ध सरसों तेल और 209 किलोग्राम संदिग्ध घी सीज किया गया है। सभी नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
प्रश्न: उदयपुर में मिलावटी घी कैसे बनता था?
उत्तर: श्री कृष्णा डेयरी के संचालक के घर से करीब 70-71 किलो तैयार घी और 30 किलो क्रीम मिली है। विभाग के अनुसार, संचालक ने क्रीम में वनस्पति मिलाकर घी तैयार करने की बात स्वीकार की है।
प्रश्न: सीज किए गए सामान का अब क्या होगा?
उत्तर: नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई होगी। श्रीगंगानगर में आरोपियों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज हो चुका है।