फ्लडलाइट्स की चमक, घोड़ों की टापों की गड़गड़ाहट और हर गोल पर गूंजती तालियां — शनिवार की रात जयपुर के राजस्थान पोलो क्लब मैदान पर पोलो का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। जयपुर पोलो सीजन 2026 के तहत खेले गए भावनगर पोलो ट्रॉफी के फाइनल में मेफेयर 84 ने मेफेयर पोलो को महज एक गोल के अंतर से 9-8 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। आठ गोल श्रेणी के इस खिताबी मुकाबले में आखिरी क्षण तक यह तय नहीं हो पाया था कि जीत किसके हिस्से आएगी, और यही इस फाइनल की सबसे बड़ी कहानी है।
जीत के असली नायक रहे शमशीर अली, जिन्होंने अकेले पांच गोल दागकर न सिर्फ अपनी टीम को खिताब दिलाया, बल्कि टूर्नामेंट के मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का सम्मान भी अपने नाम किया। मैदान पर मौजूद बॉलीवुड अभिनेत्री डायना पेंटी ने पहली बार पोलो मैच देखा और रात के इस माहौल को “अद्भुत” बताया। अब सबकी नजरें 10 अक्टूबर को होने वाले सवाई मान गार्ड कप के फाइनल पर टिकी हैं।
आखिरी क्षण तक टिकी रहीं सांसें — 9-8 का रोमांचक ड्रामा
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमें एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश में दिखीं। मेफेयर 84 और मेफेयर पोलो के खिलाड़ियों ने गेंद पर कब्जा जमाने और गोल दागने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मैच के अंतिम क्षणों तक स्कोर इतना करीबी रहा कि दर्शक अपनी सीटों से उठने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
आखिरकार मेफेयर 84 ने 9-8 के बेहद नजदीकी अंतर से जीत हासिल की। उपविजेता रही मेफेयर पोलो की टीम ने भी हार नहीं मानी — उसके विदेशी खिलाड़ी मार्टिन कार्लोस डोनोवन ने अकेले पांच गोल दागकर विजेता टीम को हर मोड़ पर चुनौती दी। उनके साथ जयवीरसिंह गोहिल ने दो और रणशय पुरोहित ने एक गोल किया। डिफेंस में कुलदीप सिंह राठौड़ ने विपक्षी हमलों को रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन एक गोल का फासला आखिर तक बना रहा और ट्रॉफी मेफेयर 84 के हाथों में चली गई।
रात का नायक — शमशीर अली के पांच गोल
इस जीत की पटकथा लिखने वाले शमशीर अली का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट की चर्चा का केंद्र रहा। फाइनल में उनके पांच गोल ही वो अंतर साबित हुए, जिसने मेफेयर 84 को चैंपियन बनाया। आठ गोल श्रेणी के पोलो में किसी एक खिलाड़ी का पांच गोल करना असाधारण प्रदर्शन माना जाता है, क्योंकि इस स्तर पर हर टीम का डिफेंस बेहद मजबूत होता है।
शमशीर अली के साथ उनके साथी खिलाड़ी हुर्र अली ने चार गोल दागकर जीत में अहम भूमिका निभाई। टीम के अन्य सदस्य प्रताप सिंह कानोता और अनय शाह ने भी मैदान पर शानदार खेल दिखाया और टीम की रणनीति को सफल बनाने में योगदान दिया। फाइनल के बाद शमशीर अली को प्रतियोगिता का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया — यह सम्मान उनके निर्णायक प्रदर्शन का सबसे बड़ा सबूत है।
फाइनल का स्कोरकार्ड
| टीम | कुल गोल | प्रमुख गोलस्कोरर |
|---|---|---|
| मेफेयर 84 (विजेता) | 9 | शमशीर अली (5), हुर्र अली (4) |
| मेफेयर पोलो (उपविजेता) | 8 | मार्टिन कार्लोस डोनोवन (5), जयवीरसिंह गोहिल (2), रणशय पुरोहित (1) |
मैदान पर खेल, मैदान के बाहर ग्लैमर
यह नाइट पोलो मुकाबला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा — फैशन और मनोरंजन जगत की हस्तियों की मौजूदगी ने इसे एक भव्य शाम में बदल दिया। बॉलीवुड अभिनेत्री डायना पेंटी और मॉडल लारिसा बोनेसी की मौजूदगी इस मुकाबले का मुख्य आकर्षण रही।
डायना पेंटी पहली बार कोई पोलो मैच देखने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि वह इस मुकाबले को लेकर बेहद उत्साहित थीं और रात के समय पोलो का ऐसा जीवंत माहौल देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई। जयपुर में पोलो सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि शाही अंदाज वाला सामाजिक आयोजन भी है — और शनिवार की रात ने यह बात एक बार फिर साबित कर दी।
जयपुर और पोलो — दशकों पुरानी मोहब्बत
जयपुर को भारत के प्रमुख पोलो केंद्रों में गिना जाता है। यहां दशकों से शाही परिवारों, सेना की टीमों और देश-विदेश के खिलाड़ियों ने पोलो खेला है। शहर के मैदान हर साल सितंबर पोलो सीजन का आयोजन करते हैं, जिसमें देश के नामी खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
पोलो को अक्सर “राजाओं का खेल” कहा जाता है, और जयपुर में यह उपाधि पूरी तरह सार्थक लगती है। यहां के दर्शक पोलो की बारीकियों को समझते हैं — कब डिफेंस मजबूत हुआ, कब काउंटर अटैक बना और कब मैच पलटा, यह सब मैदान पर बैठा हर दर्शक महसूस करता है।
अब सवाई मान गार्ड कप की बारी — 10 अक्टूबर को फाइनल
भावनगर पोलो ट्रॉफी के बाद जयपुर पोलो सीजन का अगला मुख्य आकर्षण सवाई मान गार्ड कप होगा। इस आठ गोल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 10 अक्टूबर को राजस्थान पोलो क्लब मैदान पर नाइट पोलो के रूप में खेला जाएगा।
भावनगर ट्रॉफी के फाइनल में जिस स्तर का खेल देखने को मिला, उससे उम्मीदें और बढ़ गई हैं। शमशीर अली जैसे फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी और मेफेयर जैसी मजबूत टीमें अगर सवाई मान गार्ड कप में भी उतरती हैं, तो 10 अक्टूबर की रात भी ऐसी ही रोमांचक हो सकती है। पोलो प्रेमियों के लिए यह महीना जयपुर में खेल का सबसे शानदार समय है।
पोलो को समझने के लिए छोटी जानकारी
पोलो का मैच “चकर” नाम के समय-अवधियों में खेला जाता है और हर टीम में चार-चार खिलाड़ी घोड़ों पर सवार होकर खेलते हैं। “आठ गोल श्रेणी” का मतलब है कि टीम के खिलाड़ियों की हैंडीकैप रेटिंग का कुल योग आठ तक होता है — हैंडीकैप जितना ज्यादा, खिलाड़ी उतना ही अनुभवी माना जाता है। शनिवार का 9-8 का स्कोर इस बात का सबूत है कि दोनों टीमें कितनी बराबरी की थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भावनगर पोलो ट्रॉफी 2026 किस टीम ने जीती? मेफेयर 84 ने फाइनल में मेफेयर पोलो को 9-8 से हराकर भावनगर पोलो ट्रॉफी अपने नाम की।
टूर्नामेंट का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर कौन बना? शमशीर अली को पांच गोल के शानदार प्रदर्शन के लिए मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया।
यह फाइनल मुकाबला कहां और कब खेला गया? मुकाबला शनिवार की रात (3 अक्टूबर) को जयपुर के राजस्थान पोलो क्लब मैदान पर नाइट पोलो के रूप में खेला गया। यह जयपुर पोलो सीजन 2026 का हिस्सा था।
जयपुर पोलो सीजन का अगला बड़ा मुकाबला कब होगा? सवाई मान गार्ड कप का फाइनल 10 अक्टूबर को राजस्थान पोलो क्लब मैदान पर खेला जाएगा। यह भी आठ गोल श्रेणी का नाइट पोलो मुकाबला होगा।