जयपुर। दीपावली का सीजन नजदीक है और सोना खरीदने की सोच रहे परिवारों के लिए आज की खबर जेब पर सीधा असर डालने वाली है। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को जयपुर-सीकर के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने के भाव में एक ही दिन में ₹1,040 की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। शाम तक के भाव के मुताबिक 24K सोना ₹1,50,370 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट गहना सोना और चांदी के भाव लगभग स्थिर बने हुए हैं — चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर टिकी हुई है।
अगर आपने पिछले कुछ दिनों से सोना खरीदने का मन बना रखा था, तो आज का उछाल आपकी गणना बदल सकता है। आइए समझते हैं कि आज के भाव क्या हैं, कीमतें क्यों बढ़ीं, और खरीदारी से पहले किन बातों का ध्यान रखना आपके काम आएगा।
आज के ताजा भाव: एक नजर में पूरी रेट लिस्ट
6 अक्टूबर की शाम तक उपलब्ध सर्राफा बाजार के भावों के अनुसार जयपुर और सीकर में सोने-चांदी की स्थिति इस प्रकार रही:
| धातु / शुद्धता | आज का भाव | कल का भाव | बदलाव |
|---|---|---|---|
| 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | ₹1,50,370 | ₹1,49,330 | +₹1,040 (बढ़त) |
| 22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) | ₹13,690 | ₹13,690 | स्थिर |
| 18 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) | ₹11,204 | ₹11,204 | स्थिर |
| चांदी (1 किलो) | ₹2,35,000 | ₹2,35,000 | स्थिर |
(नोट: ये सांकेतिक रिटेल भाव हैं। इनमें मेकिंग चार्ज और GST शामिल नहीं है। अलग-अलग ज्वेलर के भाव में मामूली अंतर हो सकता है।)
सुबह के भावों के मुकाबले दिन चढ़ने के साथ 24K सोने ने रफ्तार पकड़ी और शाम तक ₹1,50,370 का स्तर छू लिया। 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव दिनभर लगभग स्थिर रहे, जबकि चांदी लगातार दूसरे दिन ₹2,35,000 प्रति किलो पर टिकी रही।
भावों में उछाल की वजह क्या है?
बाजार के जानकारों के मुताबिक इस बढ़त के पीछे दो-तीन बड़े कारण एक साथ काम कर रहे हैं। पहला कारण है त्योहारी और शादियों के सीजन की आहट। दीपावली से पहले सोने की खरीदारी हर साल बढ़ती है, और इस बार भी ज्वेलर्स के पास ग्राहकों की आवाजाही तेज हुई है। मांग बढ़ने का सीधा असर भावों पर दिख रहा है।
दूसरा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल है। जब ग्लोबल मार्केट में डॉलर मजबूत होता है या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर लौटते हैं। इसका असर जयपुर-सीकर जैसे घरेलू सर्राफा बाजारों पर भी तुरंत पड़ता है।
तीसरा पहलू यह है कि हाल के हफ्तों में सोने ने लगातार नई ऊंचाइयां छुई हैं। ₹1.50 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास भावों का टिके रहना यह दिखाता है कि बाजार में सोने को लेकर लंबी अवधि का भरोसा बना हुआ है।
24K, 22K या 18K — आपके लिए कौन सा सोना सही है?
भावों की खबर के साथ यह सवाल भी उठता है कि खरीदारी करनी हो तो कौन सी शुद्धता चुनें। तीनों का काम अलग-अलग है, इसे समझना जरूरी है:
24 कैरेट (99.9% शुद्ध): यह सबसे शुद्ध सोना है, लेकिन नरम होता है। इसलिए इससे गहने नहीं बनते — यह सिक्कों, बार और निवेश के लिए सबसे उपयुक्त है। अगर आपका मकसद निवेश है, तो 24K सही विकल्प है।
22 कैरेट (91.6% शुद्ध): गहने बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सोना यही है। इसमें थोड़ी मिलावट (तांबा-चांदी) होती है, जिससे यह मजबूत बनता है और डिजाइन टिकते हैं। शादी-ब्याह या त्योहार की खरीदारी के लिए 22K ही आम पसंद है।
18 कैरेट (75% शुद्ध): यह सबसे मजबूत होता है और इसमें हीरे जड़े गहनों (डायमंड ज्वेलरी) में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। रोज पहनने वाले हल्के और डिजाइनर गहनों के लिए 18K बेहतर रहता है।
खरीदारी से पहले इन 5 बातों की जांच जरूर करें
सोना खरीदते समय सिर्फ भाव देखकर फैसला न करें। ये पांच जांच आपको ठगी से बचाएंगी और सही दाम दिलाएंगी:
1. BIS हॉलमार्क और HUID नंबर देखें: हर असली गहने पर BIS हॉलमार्क के साथ 6 अंकों का HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर होता है। BIS Care ऐप पर यह नंबर डालकर आप गहने की शुद्धता खुद सत्यापित कर सकते हैं।
2. मेकिंग चार्ज पहले ही पूछ लें: भावों में मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता। अलग-अलग ज्वेलर 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज लेते हैं। बिल बनवाने से पहले इसे लिखित में स्पष्ट करवा लें — यही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा अंतर आता है।
3. GST का हिसाब समझें: सोने पर 3% GST लगता है, जो भाव के ऊपर जुड़ता है। यानी ₹1,50,370 के भाव पर करीब ₹4,511 GST अतिरिक्त देना होगा (मेकिंग चार्ज अलग)।
4. वजन मशीन आपके सामने: गहना तौलते समय डिजिटल तराजू शून्य (जीरो) पर है या नहीं, यह देख लें। पत्थर या मोती जड़े गहनों में उनका वजन अलग से पूछें।
5. बिल में शुद्धता लिखवाएं: पक्के बिल पर कैरेट, वजन, मेकिंग चार्ज और HUID — सब कुछ लिखित में होना चाहिए। बिना बिल की खरीदारी पर बाद में न तो वापसी मिलती है, न ही एक्सचेंज में सही दाम।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या भाव गिरने का इंतजार करें?
उत्तर: अगर खरीदारी त्योहार या शादी के लिए तय है, तो जरूरत के हिसाब से खरीदें — भावों का सटीक अनुमान कोई नहीं लगा सकता। निवेश के लिए लंबी अवधि में सोना ऐतिहासिक रूप से सुरक्षित रहा है, लेकिन एकमुश्त बड़ी रकम की बजाय चरणों में खरीदारी समझदारी होती है।
प्रश्न: 6 अक्टूबर को चांदी के भाव क्यों नहीं बदले?
उत्तर: चांदी के भाव पर औद्योगिक मांग का असर ज्यादा पड़ता है। 6 अक्टूबर को औद्योगिक मांग में कोई बड़ी हलचल नहीं रही, इसलिए चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर स्थिर बनी रही।
प्रश्न: जयपुर और सीकर के भावों में अंतर क्यों नहीं होता?
उत्तर: दोनों शहरों के सर्राफा बाजार एक ही क्षेत्रीय बाजार से जुड़े हैं और थोक भाव लगभग समान रहते हैं। मामूली अंतर सिर्फ अलग-अलग ज्वेलर के मेकिंग चार्ज और स्थानीय खर्चों की वजह से आता है।
प्रश्न: ऑनलाइन भाव और दुकान के भाव में अंतर क्यों दिखता है?
उत्तर: ऑनलाइन दिखने वाले भाव बेस रेट होते हैं। दुकान पर इसमें मेकिंग चार्ज, GST और कभी-कभी प्रीमियम जुड़ जाता है। इसलिए हमेशा “ऑल-इंक्लूसिव” कीमत पूछकर तुलना करें।
आगे क्या: दीपावली तक नजर रखें
त्योहारी सीजन में सोने की मांग आमतौर पर बनी रहती है, इसलिए अल्पावधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। खरीदारी की योजना बना रहे हैं तो रोज के भाव पर नजर रखें, 2-3 ज्वेलर्स से लिखित कोटेशन लें, और जल्दबाजी में बिना हॉलमार्क वाला सस्ता गहना लेने से बचें।