जयपुर में CNG और PNG महंगी: टोरेंट गैस ने बढ़ाए दाम, PNG 53.50 रुपये और CNG 99.50 रुपये किलो — आज रात से लागू

जयपुर में CNG और PNG महंगी: टोरेंट गैस ने बढ़ाए दाम — PNG 53.50 रुपये और CNG 99.50 रुपये किलो, आज रात से नई दरें लागू

जयपुर। राजधानी के लाखों लोगों के लिए आज महंगाई से जुड़ी अहम खबर है। शहर में पाइप लाइन के जरिए घरों तक पहुंचने वाली रसोई गैस (PNG) और वाहनों में भरवाई जाने वाली सीएनजी (CNG) दोनों के दाम बढ़ गए हैं। शहर की गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी टोरेंट गैस ने बुधवार को नई दर सूची जारी की है, जिसके मुताबिक PNG में 2 रुपये प्रति SCM और CNG में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें आज रात 12 बजे से प्रभावी हो जाएंगी।

सीधे आंकड़ों पर नजर डालें तो अब जयपुर में घरेलू PNG उपभोक्ताओं को टैक्स सहित 51.50 रुपये की जगह 53.50 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की दर से गैस मिलेगी। वहीं CNG पंपों पर आज 97.50 रुपये प्रति किलो बिक रही सीएनजी आधी रात के बाद 99.50 रुपये प्रति किलो हो जाएगी। मूल दर (बिना टैक्स) के स्तर पर PNG की कीमत 47.91 रुपये से बढ़ाकर 49.77 रुपये प्रति SCM की गई है।

रसोई के बजट पर कितना असर पड़ेगा? समझिए हिसाब

जयपुर शहर में फिलहाल करीब 50 हजार घरों तक टोरेंट गैस की पाइपलाइन पहुंच चुकी है। इन घरों पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा। एक औसत परिवार महीने में रसोई में करीब 25 से 30 SCM गैस इस्तेमाल करता है। दो रुपये प्रति SCM की बढ़ोतरी का मतलब है कि हर महीने के गैस बिल में 50 से 60 रुपये का अतिरिक्त बोझ जुड़ेगा।

यह रकम अपने आप में बहुत बड़ी नहीं लगती, लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि मई 2026 में भी कंपनी PNG के दामों में करीब 2 रुपये की बढ़ोतरी कर चुकी है। यानी पिछले पांच महीनों में दूसरी बार कीमतें बढ़ी हैं — और वह भी त्योहारी सीजन के ठीक पहले, जब रसोई का खर्च वैसे ही बढ़ जाता है।

वाहन चालकों की जेब पर भी चोट: ऑटो-टैक्सी वालों के लिए बड़ी खबर

सीएनजी में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी उन लोगों के लिए ज्यादा अहम है जो रोजाना सीएनजी वाहन चलाते हैं। जयपुर में हजारों ऑटो रिक्शा, टैक्सी और निजी कारें सीएनजी पर चलती हैं।

एक सामान्य ऑटो चालक रोजाना करीब 8 से 10 किलो सीएनजी भरवाता है। बढ़ोतरी के बाद उसका रोजाना का ईंधन खर्च 16 से 20 रुपये बढ़ जाएगा, जो महीने के हिसाब से करीब 500 से 600 रुपये का अतिरिक्त बोझ है। व्यावसायिक वाहनों की लागत बढ़ने पर किराया-भाड़ा में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

दाम क्यों बढ़े? जानिए राष्ट्रीय पृष्ठभूमि

स्थानीय स्तर पर यह बढ़ोतरी टोरेंट गैस की दर सूची से आई है, लेकिन इसकी पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे फैसलों से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 से प्राकृतिक गैस की अधिकतम कीमत बढ़ा दी है, जो 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गहरे पानी और अति गहरे पानी वाले क्षेत्रों से निकलने वाली गैस की कीमत की अधिकतम सीमा 8.90 डॉलर से बढ़ाकर 9.89 डॉलर प्रति MMBtu कर दी है। भारतीय मुद्रा में यह करीब 930 रुपये से बढ़कर लगभग 1030 रुपये प्रति MMBtu के आसपास हो गई है।

प्राकृतिक गैस शहरों में CNG और PNG की सप्लाई का मुख्य कच्चा माल है, इसलिए इसकी लागत में बदलाव का असर आम तौर पर इन्हीं ईंधनों की कीमतों पर दिखाई देता है। जयपुर में टोरेंट गैस ने इस बार दोनों ईंधनों में दो-दो रुपये की बढ़ोतरी का फैसला लिया है।

नई और पुरानी दरें एक नजर में

ईंधनइकाईपुरानी दरनई दरबढ़ोतरी
घरेलू PNG (मूल दर)प्रति SCM47.91 रुपये49.77 रुपये+1.86 रुपये
घरेलू PNG (टैक्स सहित)प्रति SCM51.50 रुपये53.50 रुपये+2.00 रुपये
CNGप्रति किलो97.50 रुपये99.50 रुपये+2.00 रुपये

(नई दरें 7 अक्टूबर 2026 की आधी रात से लागू। दरें टोरेंट गैस, जयपुर की जारी सूची के अनुसार।)

जयपुर में गैस सप्लाई का सफर: मई के बाद दूसरी बढ़ोतरी

जयपुर में टोरेंट गैस ने लगभग चार महीने पहले मई 2026 में भी PNG के दामों में करीब 2 रुपये की बढ़ोतरी की थी। कंपनी समय-समय पर संशोधित दर सूची जारी करती रहती है, जो अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों, घरेलू नीतियों और परिचालन लागत से जुड़ी होती है।

उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि PNG और CNG की कीमतें सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर की तरह नहीं चलतीं — इनका निर्धारण कंपनी करती है और लागत बढ़ने पर इसे उपभोक्ताओं तक पहुंचा दिया जाता है।

उपभोक्ताओं के लिए काम की बातें: बिल कैसे कम रखें

बढ़ते दामों के बीच घरेलू उपभोक्ता कुछ आसान तरीकों से अपने गैस खर्च पर नियंत्रण रख सकते हैं — प्रेशर कुकर का नियमित इस्तेमाल, बर्तनों को ढककर खाना पकाना और बर्नर की नियमित सफाई से गैस की खपत कम होती है। मीटर रीडिंग पर नजर रखने से असामान्य बढ़ोतरी समय पर पकड़ में आ जाती है। कई परिवारों के लिए PNG अब भी सिलेंडर LPG से सस्ती पड़ती है, लेकिन हर घर की खपत अलग होती है, इसलिए बिल की प्रति SCM दर की तुलना जरूर करें।

CNG वाहन चालकों के लिए ईंधन दक्षता सबसे बड़ा हथियार है। टायर का सही दबाव, नियमित सर्विस और गाड़ी में अनावश्यक भार न रखना — ये छोटे कदम महीने भर में अच्छी बचत दे सकते हैं।

आगे क्या? दामों पर नजर बनाए रखें

त्योहारी सीजन में रसोई और यातायात दोनों का खर्च बढ़ता है, इसलिए इस समय हुई बढ़ोतरी की चर्चा स्वाभाविक है। उपभोक्ताओं को कंपनी की वेबसाइट या अधिकृत सूचना स्रोतों से दरों की ताजा जानकारी लेते रहना चाहिए, क्योंकि गैस कंपनियां समय-समय पर संशोधित दर सूची जारी करती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर गैस कीमतों का नया चक्र 31 मार्च 2027 तक चलेगा, इसलिए अक्टूबर से मार्च के बीच की अवधि में दामों पर नजर बनाए रखना समझदारी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

जयपुर में PNG और CNG के नए दाम क्या हैं?
टोरेंट गैस की नई दर सूची के अनुसार घरेलू PNG अब टैक्स सहित 53.50 रुपये प्रति SCM (पहले 51.50 रुपये) और CNG 99.50 रुपये प्रति किलो (पहले 97.50 रुपये) मिलेगी। दोनों में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

नई दरें कब से लागू होंगी?
नई दरें 7 अक्टूबर 2026 की आधी रात (रात 12 बजे) से प्रभावी हो जाएंगी।

जयपुर में कितने घरों पर PNG की बढ़ोतरी का असर पड़ेगा?
कंपनी के अनुसार जयपुर शहर के करीब 50 हजार घरों में पाइप लाइन के जरिए नेचुरल गैस की सप्लाई हो रही है। इन सभी घरों के मासिक बिल पर इसका असर पड़ेगा।

क्या इससे पहले भी दाम बढ़े थे?
हां, इससे करीब चार महीने पहले मई 2026 में भी कंपनी ने PNG के दामों में लगभग 2 रुपये की बढ़ोतरी की थी।

एक औसत परिवार के बिल पर कितना असर पड़ेगा?
महीने में 25 से 30 SCM गैस इस्तेमाल करने वाले परिवार के बिल में करीब 50 से 60 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी होगी।

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