राजस्थान के पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की सरगर्मी अब तेज हो चली है। बीकानेर जिले में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों में जीत का लक्ष्य लेकर भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर जिले के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ चुनावी रणनीति पर विस्तृत मंथन किया।
बैठक की सबसे खास बात यह रही कि रणनीति के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दे भी मुख्यमंत्री के सामने रखे गए। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाया, तो खाजूवाला से सिंचाई जल की समस्या की बात आई। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से बात करके जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
पंचायत चुनाव क्यों हैं अहम? समझिए पूरी पृष्ठभूमि
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही कार्यक्रम की घोषणा कर चुका है, और निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। पंचायत चुनावों को ग्रामीण राजनीति की नब्ज माना जाता है — गांव-कस्बों के स्तर पर जो पार्टी संगठनात्मक रूप से मजबूत होती है, उसे आगे के चुनावों में फायदा मिलता है। यही वजह है कि भाजपा बीकानेर जैसे बड़े जिले में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद? पूरी लिस्ट
मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में पार्टी और सरकार के बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। यह बैठक अपने आप में इस बात का संकेत है कि बीकानेर जिले के पंचायत चुनावों को भाजपा कितनी गंभीरता से ले रही है।
| नाम | पद/भूमिका |
|---|---|
| भजनलाल शर्मा | मुख्यमंत्री, राजस्थान |
| मदन राठौड़ | भाजपा प्रदेशाध्यक्ष |
| अर्जुनराम मेघवाल | केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री |
| श्याम पंचारिया | भाजपा बीकानेर देहात जिलाध्यक्ष |
| विश्वनाथ मेघवाल | विधायक, खाजूवाला |
| ताराचंद सारस्वत | विधायक, श्रीडूंगरगढ़ |
| अंशुमान सिंह भाटी | विधायक, कोलायत |
| बिहारीलाल विश्नोई | भाजपा प्रत्याशी (नोखा) एवं प्रदेश उपाध्यक्ष |
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों और संगठन की तैयारियों की जानकारी साझा की। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की मौजूदगी ने बैठक को अतिरिक्त वजन दिया — बीकानेर उनकी राजनीतिक कर्मभूमि रहा है।
चुनावी रणनीति: बूथ स्तर तक पहुंच का प्लान
बैठक में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जिन बिंदुओं पर जोर दिया गया, वे पार्टी की चुनावी शैली की पहचान हैं। पहला बिंदु था बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना। भाजपा की चुनावी मशीनरी हमेशा से बूथ प्रबंधन पर टिकी रही है, और पंचायत चुनावों में तो बूथ स्तर की पकड़ ही हार-जीत तय करती है।
दूसरा बिंदु कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय का था। बड़े नेताओं से लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं तक एक ही संदेश और एक ही दिशा में काम करना चुनावी सफलता की कुंजी मानी जाती है। तीसरा बिंदु सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों में पूरी सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक समन्वय को लेकर सुझाव दिए। भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
बिजली का मुद्दा: श्रीडूंगरगढ़ और नोखा की मांग सीएम तक पहुंची
बैठक का सबसे ठोस नतीजा जनमुद्दों को लेकर निकला। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। उन्होंने ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की आवश्यकता बताते हुए विद्युत व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही।
विधायक का कहना था कि किसानों और आमजन को बिजली से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। खासकर रबी सीजन की बुवाई के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति किसानों के लिए बेहद अहम होती है। मुख्यमंत्री ने श्रीडूंगरगढ़ सहित नोखा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।
यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनावी मौसम में बिजली-पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई का संदेश जनता तक सीधे पहुंचता है।
खाजूवाला का सिंचाई पानी और कोलायत लिफ्ट परियोजना
बैठक में खाजूवाला क्षेत्र की सिंचाई जल समस्या का मुद्दा भी उठा। खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल ने यह मुद्दा रखा, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दूरभाष पर बात करके निर्देश दिए। नहरी क्षेत्र में सिंचाई के पानी का समय पर और पर्याप्त मिलना किसानों की सबसे बड़ी चिंता रहती है।
वहीं, कोलायत लिफ्ट परियोजना के सुचारू संचालन को लेकर भी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोलायत लिफ्ट परियोजना बीकानेर जिले के लिए पेयजल और सिंचाई, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके सुचारू संचालन से बड़े क्षेत्र को राहत मिलती है।
आगे क्या? पंचायत चुनावों का रोडमैप
राज्य निर्वाचन आयोग के 3 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, और जिला स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करके आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित की जा रही है। भाजपा की यह बैठक संकेत है कि आने वाले दिनों में बीकानेर में चुनावी गतिविधियां और तेज होंगी।
बीकानेर के मतदाताओं के लिए यह चुनाव इसलिए भी खास हैं, क्योंकि गांव के विकास — सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा — से जुड़े फैसले इन्हीं पंचायती राज संस्थाओं के जरिए होते हैं। ऐसे में मतदाताओं को चाहिए कि वे प्रत्याशियों के वादों के साथ-साथ उनके पिछले कामकाज का भी आकलन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बीकानेर में भाजपा की पंचायत चुनाव बैठक कब और कहां हुई?
यह बैठक 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर हुई। इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और बीकानेर जिले के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में किन चुनावी पदों की रणनीति पर चर्चा हुई?
बैठक में पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख पदों के चुनाव को लेकर रणनीति पर मंथन किया गया।
श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ने कौन-सा मुद्दा उठाया?
विधायक ताराचंद सारस्वत ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था का मुद्दा उठाया और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कोलायत लिफ्ट परियोजना को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
बैठक में कोलायत लिफ्ट परियोजना के सुचारू संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खाजूवाला की सिंचाई जल समस्या पर भी अधिकारियों से बात करके निर्देश जारी किए गए।