दिवाली की खरीदारी शुरू हो चुकी है और बाजार मिठाइयों, नमकीनों व किराना सामान से भरने लगे हैं। इसी बीच भीलवाड़ा से ऐसी खबर आई है जो हर खरीदार को चौंका देगी — खाद्य सुरक्षा विभाग की भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई में गुलाबपुरा और भीलवाड़ा शहर में एक साथ छापे मारकर करीब 515 किलोग्राम एक्सपायरी (अवधिपार) खाद्य सामग्री पकड़ी गई और मौके पर ही नष्ट करा दी गई। यह वही सामान था जो त्योहार के मौके पर आपकी थाली तक पहुंच सकता था।
कलेक्टर के निर्देश पर चल रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में सीएमएचओ खुद मौके पर मौजूद थे। दो प्रतिष्ठानों से न केवल एक्सपायरी स्टॉक बरामद हुआ, बल्कि दो सैंपल अजमेर की प्रयोगशाला भी भेजे गए हैं। आइए जानते हैं इस भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई का पूरा ब्योरा, एक्सपायरी खाना सेहत के लिए क्यों खतरनाक है, और आप खरीदारी में खुद को ठगी से कैसे बचा सकते हैं।
भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई: एक ही दिन, दो ठिकानों पर छापा
कार्रवाई का पहला ठिकाना था गुलाबपुरा का कृष्णा किराणा स्टोर। सीएमएचओ डॉ. संजीव कुमार शर्मा की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा टीम ने निरीक्षण किया तो वहां करीब 15 किलो तेल, मसाले, बादाम और अन्य सामग्री अवधिपार मिली, जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया। इसी दुकान से जेके ब्रांड के धनिया पाउडर का नमूना जांच के लिए लिया गया। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव भी मौजूद रहे।
दूसरी और बड़ी कार्रवाई हुई भीलवाड़ा के रेलवे स्टेशन रोड स्थित जैन बीकानेर के गोदाम पर। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. दिलराज मीणा के निर्देशन में पहुंची टीम को यहां एक्सपायरी सामान का भारी भंडार मिला — करीब 500 किलो सोहन पापड़ी, पेय पदार्थ (पेप्सी), रसगुल्ले, खजूर, राजभोग और सॉस की बोतलें मौके पर ही नष्ट करवा दी गईं। यहीं से ‘जैन श्री’ ब्रांड की केसर बाटी का नमूना अजमेर की प्रयोगशाला भेजा गया। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज मीणा, अंकित शर्मा और संजय वर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
| ठिकाना | प्रतिष्ठान | नष्ट मात्रा | मुख्य बरामदगी |
|---|---|---|---|
| गुलाबपुरा | कृष्णा किराणा स्टोर | लगभग 15 किग्रा | तेल, मसाले, बादाम व अन्य अवधिपार सामग्री |
| भीलवाड़ा (रेलवे स्टेशन रोड) | जैन बीकानेर का गोदाम | लगभग 500 किग्रा | सोहन पापड़ी, पेय पदार्थ, रसगुल्ले, खजूर, राजभोग, सॉस |
सैंपल अजमेर लैब भेजे: आगे क्या कार्रवाई होगी?
छापे में सिर्फ एक्सपायरी सामान नष्ट नहीं हुआ — विभाग ने दो ऐसे उत्पादों के नमूने भी लिए जिनकी गुणवत्ता पर शक था। गुलाबपुरा से जेके ब्रांड के धनिया पाउडर और भीलवाड़ा से ‘जैन श्री’ ब्रांड की केसर बाटी का नमूना अजमेर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। अगर रिपोर्ट में मिलावट या मानकों का उल्लंघन साबित हुआ तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने कहा कि दीपावली के मद्देनजर बाजारों, दुकानों और गोदामों का लगातार निरीक्षण जारी रहेगा — मोहल्ले की छोटी दुकानों पर भी औचक जांच हो रही है। उनका साफ संदेश है: एक्सपायरी और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर सख्ती बरकरार रहेगी।
भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई से सीख: एक्सपायरी खाना क्यों खतरनाक?
कई बार लगता है कि एक्सपायरी डेट निकलने के बाद भी सामान “दिखने में ठीक” है, तो खाने में क्या हर्ज है? असल में अवधिपार खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगते हैं, और पैकेटबंद उत्पादों में ऑक्सीकरण से विषैले तत्व बन जाते हैं। सबसे पहला असर पेट पर होता है — फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट में तेज ऐंठन इसके आम लक्षण हैं। लंबे समय तक ऐसा खाना खाने से लिवर और किडनी पर भी बोझ पड़ता है, और बुजुर्गों के लिए खतरा और ज्यादा होता है। त्योहारों पर खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि मावा, पनीर और मिठाइयां जल्दी खराब होती हैं और मांग बढ़ने पर दुकानदार पुराना स्टॉक निकालने की कोशिश करते हैं। कुछ दिन पहले ही जयपुर में 520 किलो मिलावटी पनीर नष्ट हुआ था — यही बताता है कि समस्या किसी एक शहर तक सीमित नहीं है।
‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’: अभियान की अब तक की तस्वीर
यह अभियान त्योहारी सीजन को ध्यान में रखकर तेज किया गया है। यह भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई उसी अभियान का ताजा और सबसे बड़ा कदम है।
प्रदेश स्तर पर भी मोर्चा खुला है: हाल ही में जयपुर में 520 किलो मिलावटी पनीर नष्ट हुआ और पाली में धार्मिक दावत का खाना खाने से ढाई-तीन सौ लोग बीमार पड़े। साफ है — इस दिवाली विभाग “कोई समझौता नहीं” के मूड में है।
दिवाली की खरीदारी में ठगी से बचने के 6 काम के तरीके
इस भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि दुकानदारों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि त्योहारों पर कोई भी खाद्य सामग्री खरीदते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
- एक्सपायरी डेट जरूर देखें: निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि पढ़कर ही खरीदें; धुंधली या ओवरराइटिंग वाली प्रिंटिंग दिखे तो सामान न लें।
- पैकेजिंग परखें: फूला हुआ, कटा-फटा या ढीला सील वाला पैकेट खराबी का संकेत हो सकता है।
- रंग और महक देखें: मावे, पनीर या मिठाई में असामान्य रंग, चिपचिपाहट या खट्टी महक हो तो न खरीदें।
- बिल जरूर लें: पक्का बिल शिकायत करने पर सबूत का काम करता है।
- बहुत सस्ते सामान से बचें: अनजान जगह से सस्ते दाम पर बिकने वाली मिठाइयों-मसालों में मिलावट का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
- शिकायत करने से न डरें: कहीं मिलावट या एक्सपायरी सामान बिकता दिखे तो जिला कंट्रोल रूम 01482-232643 पर सूचना दें।
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी और शिकायत के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की वेबसाइट भी देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. भीलवाड़ा में कितना एक्सपायरी सामान नष्ट हुआ?
इस भीलवाड़ा मिलावट कार्रवाई में कुल करीब 515 किलोग्राम अवधिपार खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट कराई गई — गुलाबपुरा से 15 किलो और जैन बीकानेर के गोदाम से 500 किलो।
2. किन प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया?
गुलाबपुरा स्थित कृष्णा किराणा स्टोर और भीलवाड़ा के रेलवे स्टेशन रोड पर जैन बीकानेर के गोदाम पर कार्रवाई हुई।
3. सैंपल कहां भेजे गए, आगे क्या होगा?
जेके ब्रांड के धनिया पाउडर और ‘जैन श्री’ ब्रांड की केसर बाटी के नमूने अजमेर की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। गड़बड़ी मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
4. मिलावट की शिकायत कहां करें?
भीलवाड़ा में जिला कंट्रोल रूम 01482-232643 पर सूचना दे सकते हैं; FSSAI की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
विभाग की सख्ती राहत की खबर है, लेकिन असली सुरक्षा आपकी सतर्कता में है — खरीदारी में दो मिनट रुककर पैकेट पढ़ने की आदत ही परिवार को मिलावट के जहर से बचा सकती है।
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