दौसा जिले के बांदीकुई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने बुधवार को एक सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामला बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर लगे सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग से जुड़ा है। आरोप है कि मीटर चेंजिंग ऑर्डर यानी MCO जारी करने और फाइल आगे बढ़ाने की एवज में परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाया और लेन-देन होते ही तीनों को मौके पर दबोच लिया।
क्या था पूरा मामला: सोलर प्लांट, नेट मीटरिंग और MCO की फाइल
परिवादी की फर्म की ओर से बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर सोलर प्लांट लगाया गया था। सोलर प्लांट की बिजली का हिसाब रखने के लिए नेट मीटरिंग जरूरी होती है। इसी के लिए मीटर चेंजिंग ऑर्डर जारी होना था और फाइल विभाग में प्रस्तुत थी।
ACB के अनुसार, आरोप है कि जयपुर डिस्कॉम बांदीकुई के सहायक अभियंता छोटेलाल सैनी और लाइनमैन ग्रेड-प्रथम धर्मेंद्र सैनी ने MCO जारी करने और फाइल आगे बढ़ाने की एवज में परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। काम जायज था, फिर भी रकम मांगे जाने पर परिवादी ने ACB चौकी दौसा में शिकायत की। ब्यूरो ने पहले मांग का सत्यापन कराया और पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई।
मामले की मुख्य बातें एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| कार्रवाई का स्थान | बांदीकुई, जिला दौसा |
| कार्रवाई करने वाली एजेंसी | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), चौकी दौसा |
| गिरफ्तार आरोपी | 3 — रेलवे सीनियर सेक्शन इंजीनियर, डिस्कॉम सहायक अभियंता, लाइनमैन |
| मांगी गई रिश्वत | ₹10,000 |
| फाइल से बरामद रकम | ₹5,000 (खाकी लिफाफे में रखी) |
| काम क्या था | सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए मीटर चेंजिंग ऑर्डर (MCO) जारी करना |
| ट्रैप का नेतृत्व | DIG रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में ज्ञान सिंह चौधरी (ACB दौसा) |
| आगे की कार्रवाई | भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण, पूछताछ जारी |
| ACB हेल्पलाइन | टोल-फ्री 1064 (24×7), WhatsApp 94135-02834 |
ट्रैप कैसे हुआ: नोट गिने गए, खाकी लिफाफे में रखे गए 5 हजार
ACB मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर चौकी दौसा की टीम ने यह कार्रवाई DIG रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में की। योजना के तहत परिवादी को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया।
ACB के अनुसार, डिस्कॉम के दोनों कर्मचारियों ने परिवादी को बांदीकुई रेलवे जंक्शन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत) धर्मराज गुर्जर के कार्यालय बुलाया। आरोप है कि वहां तीनों की मिलीभगत से गुर्जर ने परिवादी से 10 हजार रुपए लिए और नोट अपने हाथों से गिने। फिर 5 हजार रुपए खाकी लिफाफे में रखकर छोटेलाल सैनी और धर्मेंद्र सैनी को दे दिए, जिन्होंने लिफाफा परिवादी की मूल फाइल में रख लिया। बचे 5 हजार रुपए परिवादी को लौटा दिए गए।
लेन-देन पूरा होते ही तैनात टीम ने तीनों को मौके पर दबोच लिया। फाइल के लिफाफे से 5 हजार रुपए बरामद हुए और लौटाई गई रकम भी ACB ने सबूत के तौर पर जब्त कर ली।
कौन हैं गिरफ्तार तीनों आरोपी?
पहला आरोपी धर्मराज गुर्जर बांदीकुई रेलवे जंक्शन पर उत्तर पश्चिम रेलवे का सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत) है। दूसरा आरोपी छोटेलाल सैनी जयपुर डिस्कॉम के बांदीकुई कार्यालय में सहायक अभियंता और तीसरा धर्मेंद्र सैनी वहीं लाइनमैन ग्रेड-प्रथम है।
खास बात यह है कि दो विभागों — रेलवे और डिस्कॉम — के कर्मचारी एक साथ ट्रैप हुए, क्योंकि फाइल को दोनों स्तरों से गुजरना था। ACB जांच रही है कि मांग किस स्तर पर हुई। फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है। ये अभी आरोप हैं — अंतिम स्थिति जांच और अदालती प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
आगे क्या होगा: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चलेगा केस
ACB के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज होगा और अग्रिम कार्यवाही अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव व महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के निर्देशन में होगी। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जिसके खिलाफ प्रकरण दर्ज हो, वह ACB के सामने अपना पक्ष रख सकता है — स्पष्टीकरण पर विचार के बाद ही आगे की जांच तय होती है।
आपसे भी रिश्वत मांगी जाए तो क्या करें?
बांदीकुई की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है — जायज काम के लिए रिश्वत देना मजबूरी नहीं है, शिकायत का रास्ता मौजूद है। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी काम के बदले रकम मांगे, तो ये कदम उठाएं:
हेल्पलाइन 1064 पर कॉल करें: ACB का यह नंबर 24×7 टोल-फ्री है। WhatsApp हेल्पलाइन 94135-02834 पर संदेश भेजकर भी शिकायत की जा सकती है।
सबूत संभालकर रखें: मांग कब, कहां और किसने की — तारीख, समय और बातचीत का ब्योरा नोट करें, कोई साक्ष्य हो तो सुरक्षित रखें।
घबराएं नहीं, पहले सत्यापन होता है: ACB शिकायत के बाद पहले मांग का सत्यापन करती है, पुष्टि होने पर ही ट्रैप बनता है — जैसा इस मामले में हुआ।
चुपचाप रकम न दें: एक शिकायत पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर सकती है, जबकि रकम देने से यह सिलसिला और बढ़ता है।
फिलहाल मामले में ACB की पूछताछ और जांच जारी है। जांच आगे बढ़ेगी तो साफ होगा कि यह अकेला मामला था या इसके पीछे और कड़ियां जुड़ी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: बांदीकुई ACB ट्रैप में कौन-कौन गिरफ्तार हुआ है?
उत्तर: ACB ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत) धर्मराज गुर्जर, जयपुर डिस्कॉम बांदीकुई के सहायक अभियंता छोटेलाल सैनी और लाइनमैन ग्रेड-प्रथम धर्मेंद्र सैनी को गिरफ्तार किया है। तीनों पर आपसी मिलीभगत से रिश्वत लेने का आरोप है।
प्रश्न: रिश्वत किस काम के लिए और कितनी मांगी गई थी?
उत्तर: बांदीकुई रेलवे स्टेशन के सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए मीटर चेंजिंग ऑर्डर (MCO) जारी करने और फाइल आगे बढ़ाने की एवज में 10 हजार रुपए मांगे जाने का आरोप है।
प्रश्न: ट्रैप में रकम कैसे बरामद हुई?
उत्तर: ACB के अनुसार गुर्जर ने 10 हजार रुपए लेकर नोट गिने, 5 हजार खाकी लिफाफे में रखकर दोनों डिस्कॉम कर्मचारियों को दिए, जो फाइल में रखे गए। बचे 5 हजार परिवादी को लौटाए गए। टीम ने दोनों रकम सबूत के तौर पर जब्त कर लीं।
प्रश्न: रिश्वत मांगे जाने पर आम नागरिक शिकायत कहां करे?
उत्तर: ACB की 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर कॉल करके या WhatsApp हेल्पलाइन 94135-02834 पर संदेश भेजकर शिकायत की जा सकती है। ACB पहले सत्यापन करती है, फिर कार्रवाई बनाती है।