एशियन पैरा गेम्स 2026: अजमेर की सृष्टि अरोड़ा ने जीता कांस्य, 214.7 स्कोर

जापान के नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 से राजस्थान के लिए एक और गर्व से भरी खबर आई है। अजमेर की पैरा निशानेबाज सृष्टि अरोड़ा ने मंगलवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। खास बात ये है कि सृष्टि इस स्पर्धा में पहली बार उतरी थीं और उन्होंने 214.7 अंकों के साथ पोडियम पर जगह बनाई। दाएं हाथ की हथेली के बिना जन्मीं सृष्टि ने महज तीन साल पहले, 2023 में पैरा पिस्टल शूटिंग शुरू की थी — और आज वह एशिया की तीसरी सर्वश्रेष्ठ पैरा पिस्टल निशानेबाज हैं। सृष्टि अरोड़ा कांस्य पदक की ये कहानी सिर्फ एक पदक की नहीं, बल्कि उस हौसले की है जो शारीरिक चुनौतियों को आंकड़ों में बदल देता है।

आठ निशानेबाजों का फाइनल, ईरान की दो दिग्गजों से सीधी टक्कर

मंगलवार को हुए फाइनल में दुनिया की आठ सर्वश्रेष्ठ पैरा पिस्टल निशानेबाज आमने-सामने थीं। सृष्टि ने 214.7 अंक बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया। उनसे आगे सिर्फ ईरान की दो अनुभवी निशानेबाज रहीं — फैज़ेह अहमदी ने 237.3 अंकों के साथ स्वर्ण और सारेह जवानमर्दी ने 237.0 अंकों के साथ रजत पदक जीता। भारत की दूसरी निशानेबाज सुमेधा पाठक 111.4 अंकों के साथ फाइनल से बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी थीं।

पहली बार एशियन पैरा गेम्स में उतर रहीं सृष्टि के लिए ईरान की इन दोनों दिग्गजों के बीच पोडियम पर जगह बनाना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जवानमर्दी पैरा शूटिंग की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं, ऐसे में उनके साथ एक ही पोडियम पर खड़ा होना सृष्टि के बढ़ते कद का सबूत है।

स्थान निशानेबाज देश स्कोर
स्वर्ण फैज़ेह अहमदी ईरान 237.3
रजत सारेह जवानमर्दी ईरान 237.0
कांस्य सृष्टि अरोड़ा भारत 214.7

सिर्फ तीन साल में एशिया की पोडियम तक — सृष्टि अरोड़ा का सफर

सृष्टि अरोड़ा का खेलों से नाता बहुत पुराना नहीं है। 2023 में कन्हैया गुर्जर ने उन्हें पैरा पिस्टल शूटिंग से परिचित कराया और उसी साल उन्होंने अपनी पहली नेशनल चैंपियनशिप खेली। इसके बाद जो हुआ, वह भारतीय पैरा खेलों की सबसे तेज तरक्की की कहानियों में से एक है।

2025 में सृष्टि का प्रदर्शन दमदार रहा। दक्षिण कोरिया के चांगवोन में हुए वर्ल्ड कप में उन्होंने पी6 मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण, पी2 महिला टीम स्पर्धा में विश्व और एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण, और पी2 व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत जीता। इसके बाद अल ऐन वर्ल्ड कप में भी उन्होंने पी6 मिक्स्ड टीम और पी2 टीम — दोनों में स्वर्ण अपने नाम किया। 2026 में दक्षिण कोरिया में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में पी6 स्पर्धा का कांस्य उनकी झोली में आया। राष्ट्रीय स्तर पर भी सृष्टि 2025 में पैरा नेशनल चैंपियन बनीं और स्वतंत्रता दिवस समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया।

वर्ष उपलब्धि
2023 पैरा पिस्टल शूटिंग की शुरुआत, पहली नेशनल चैंपियनशिप
2025 चांगवोन वर्ल्ड कप: 2 स्वर्ण + 1 रजत; अल ऐन वर्ल्ड कप: 2 स्वर्ण; पैरा नेशनल चैंपियन; मुख्यमंत्री सम्मान
2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप (दक्षिण कोरिया) में पी6 कांस्य
अक्टूबर 2026 एशियन पैरा गेम्स (नागोया) में पी2 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 कांस्य

एसएच1 श्रेणी क्या है और सृष्टि की तैयारी कहां होती है

एसएच1 पैरा शूटिंग की वह श्रेणी है, जिसमें निचले या ऊपरी अंगों से दिव्यांग निशानेबाज हिस्सा लेते हैं, लेकिन वे बिना किसी सहारे के बंदूक पकड़ सकते हैं। सृष्टि दाएं हाथ की हथेली के बिना जन्मीं, फिर भी बाएं हाथ के संतुलन और एकाग्रता के दम पर वह विश्व स्तर की निशानेबाज बन गई हैं।

सृष्टि नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कोच पवित्तर के मार्गदर्शन में अभ्यास करती हैं। एशियन पैरा गेम्स की तैयारी के दौरान उन्होंने अल ऐन में 560 और चांगवोन में 564 के स्कोर बनाए थे — यानी नागोया के फाइनल से पहले ही उनकी फॉर्म शीर्ष स्तर की थी।

राजस्थान की पैरा शूटिंग का सुनहरा दौर

सृष्टि का कांस्य अकेली खबर नहीं है। नागोया में भारतीय निशानेबाज अब तक चार पदक जीत चुके हैं — एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य। एक दिन पहले सीकर की मोना अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण जीता था, जबकि पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में मनीष नरवाल ने 233.7 अंकों के साथ रजत अपने नाम किया और साथ ही लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया।

राजस्थान के लिए ये नतीजे खास मायने रखते हैं। मोना अग्रवाल और सृष्टि अरोड़ा — दोनों प्रदेश की बेटियां — एक ही खेलों में पोडियम पर हैं। जयपुर के यशवीर सिंह एशियन गेम्स में जैवलिन का रजत पहले ही जीत चुके हैं। यानी नागोया में राजस्थान के खिलाड़ी हर दिन देश का झंडा बुलंद कर रहे हैं।

कांस्य के बाद अब नजर लॉस एंजिलिस 2028 पर — सृष्टि अरोड़ा की अगली मंजिल

मनीष नरवाल ने रजत के साथ LA 2028 का कोटा पक्का कर लिया है और वह ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने हैं। सृष्टि अरोड़ा की उम्र और फॉर्म को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वह भी पैरालंपिक कोटे की मजबूत दावेदार हैं। तीन साल में नेशनल चैंपियन से एशियाई पदक विजेता तक का सफर बताता है कि उनकी रफ्तार अभी थमने वाली नहीं है।

अगर आपके घर में भी कोई बच्चा खेलों में रुचि रखता है, तो खेलो राजस्थान गेम्स में पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है — पहले चरण की आखिरी तारीख 16 नवंबर 2026 है। सृष्टि की कहानी सिखाती है कि शुरुआत कभी भी, कहीं से भी हो सकती है; जरूरी है सही मार्गदर्शन और रोज का अनुशासित अभ्यास।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सृष्टि अरोड़ा ने कौन सा पदक जीता है?
एशियन पैरा गेम्स 2026 (नागोया) में महिलाओं की पी2 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में 214.7 अंकों के साथ कांस्य पदक।

सृष्टि अरोड़ा कहां की रहने वाली हैं?
वह राजस्थान के अजमेर की रहने वाली हैं। वह दाएं हाथ की हथेली के बिना जन्मीं थीं।

एसएच1 श्रेणी का क्या मतलब है?
पैरा शूटिंग की वह श्रेणी, जिसमें निचले या ऊपरी अंगों से दिव्यांग निशानेबाज बिना किसी सहारे के बंदूक पकड़कर हिस्सा लेते हैं।

सृष्टि अरोड़ा ने शूटिंग कब शुरू की थी?
2023 में कन्हैया गुर्जर के परिचय के बाद उन्होंने पैरा पिस्टल शूटिंग शुरू की और उसी साल पहली नेशनल चैंपियनशिप खेली।

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