अजमेर JLN अस्पताल के कार्डियोलॉजी ICU में घुसा सांप, 2 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

अजमेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में शुक्रवार शाम एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अजमेर अस्पताल आईसीयू सांप की यह घटना जेएलएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के पुराने आईसीयू में घटी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीज इलाज के लिए भर्ती थे। आईसीयू जैसे संवेदनशील और गंभीर चिकित्सा क्षेत्र में अचानक सांप के प्रकट होने की खबर फैलते ही मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।

गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी मरीज या अस्पताल स्टाफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन इस घटना ने राजस्थान के सरकारी अस्पतालों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

सबसे बड़ा सवाल: अजमेर अस्पताल आईसीयू सांप अंदर कैसे पहुंचा

इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि सांप आखिर आईसीयू जैसे बंद और नियंत्रित क्षेत्र में घुसा कैसे। प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, सांप पुराने आईसीयू के बाथरूम या फिर एयर कंडीशनर के पाइप के रास्ते से अंदर दाखिल हुआ था।

आईसीयू के अंदर भर्ती गंभीर मरीजों के बीच जब सांप को रेंगते देखा गया, तो वहां मौजूद तीमारदारों के होश उड़ गए। कुछ ही देर में खबर पूरे अस्पताल में फैल गई और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि सांप पकड़ में इतनी आसानी से नहीं आया। वह आईसीयू में लगी एसी यूनिट के अंदर जाकर छिप गया, जिससे उसे ढूंढना और बाहर निकालना काफी मुश्किल हो गया। एसी के अंदरूनी हिस्सों में सांप के छिपे होने की वजह से रेस्क्यू टीम को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही किसी मरीज या स्टाफ के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।

अजमेर अस्पताल आईसीयू सांप: 2 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और तुरंत रेस्क्यू दल को बुलाया गया। कार्डियोलॉजी विभाग के पीएमओ डॉ. लोकेश अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम को करीब 6 बजे आईसीयू में सांप घुसने की सूचना मिली थी।

इसके बाद शुरू हुआ करीब 2 घंटे तक चलने वाला लंबा और तनावपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन। रेस्क्यू टीम ने पूरे आईसीयू क्षेत्र को सावधानी से खंगाला और आखिरकार सांप को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली। सांप के बाहर निकलते ही अस्पताल प्रशासन और मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली।

अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

यह घटना सिर्फ एक सांप के पकड़े जाने की खबर नहीं है, बल्कि राजस्थान के सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। आईसीयू वह जगह होती है जहां सबसे गंभीर मरीजों का इलाज होता है। ऐसे क्षेत्र में सांप का घुस आना यह बताता है कि अस्पताल परिसर की सफाई और रखरखाव में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

यह कोई इकलौती घटना नहीं है। हाल के हफ्तों में जयपुर के SMS अस्पताल में आग और स्क्रब टाइफस से मौतों की खबरों ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अजमेर की यह घटना उसी कड़ी का नया हिस्सा है।

राजस्थान में सर्पदंश: आंकड़े जो डराते हैं

सांपों से जुड़ा खतरा राजस्थान में कोई नई बात नहीं है। राज्य में हर साल सर्पदंश की हजारों घटनाएं सामने आती हैं और सैकड़ों लोगों की जान चली जाती है।

तथ्य आंकड़ा
भारत में हर साल सर्पदंश से मौतें लगभग 60,000
राजस्थान में हर साल सर्पदंश से मौतें लगभग 2,700
सर्पदंश में देरी से इलाज का नतीजा अक्सर जानलेवा या अंग-हानि
राजस्थान का पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर अजमेर के जेएलएन अस्पताल में (केंद्र सरकार की योजना)

इन आंकड़ों को देखते हुए अजमेर की घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है। विडंबना यह है कि जिस जेएलएन अस्पताल में यह सांप घुसा, वहीं केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सर्पदंश विषाक्तता कार्यक्रम के तहत राज्य का पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर स्थापित करने की योजना है, जहां 24 घंटे विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा और डॉ. मुनेश कुमार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। यानी सर्पदंश इलाज का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा अस्पताल खुद सांप के घुसने से नहीं बच पाया।

सांप दिख जाए तो क्या करें: जानिए सही कदम

घर, अस्पताल या किसी बंद जगह में अचानक सांप दिख जाए तो घबराने की बजाय इन बातों का ध्यान रखें:

  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें: सांप से कम से कम 6 से 10 फीट की दूरी बना लें। सांप खुद से इंसानों पर हमला नहीं करता, वह केवल आत्मरक्षा में काटता है।
  • शांत रहें, अचानक हलचल न करें: सांप तेज आवाज नहीं सुन सकते, लेकिन जमीन के कंपन को भांप लेते हैं। धीरे-धीरे पीछे हटें।
  • सांप पर नजर रखें: सुरक्षित दूरी से देखते रहें कि वह किस दिशा में जा रहा है। इससे रेस्क्यू टीम को उसे ढूंढने में आसानी होगी।
  • कमरे को बंद कर दें: सभी लोगों को बाहर निकालकर दरवाजे-खिड़कियां बाहर से बंद कर दें और दरवाजे के नीचे के गैप को कपड़े से ब्लॉक कर दें।
  • खुद पकड़ने की कोशिश न करें: ज्यादातर सांप काटने की घटनाएं तब होती हैं जब लोग उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश करते हैं।
  • तुरंत संपर्क करें: स्थानीय वन विभाग की हेल्पलाइन या राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें, या क्षेत्र के अनुभवी सर्प मित्र को बुलाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सांप कहां मिला था?
उत्तर: अजमेर अस्पताल आईसीयू सांप की यह घटना कार्डियोलॉजी विभाग के पुराने आईसीयू में हुई थी। सांप एसी यूनिट के अंदर छिपा हुआ था, जिससे उसे निकालने में करीब 2 घंटे लगे।

प्रश्न: क्या इस घटना में कोई घायल हुआ?
उत्तर: नहीं, गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी मरीज या अस्पताल स्टाफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सांप को सुरक्षित रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया गया।

प्रश्न: सांप आईसीयू में घुसा कैसे?
उत्तर: शुरुआती जानकारी के मुताबिक सांप पुराने आईसीयू के बाथरूम या एसी के पाइप के रास्ते से अंदर दाखिल हुआ था। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

प्रश्न: सांप दिखने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
उत्तर: सबसे पहले 6 से 10 फीट की सुरक्षित दूरी बनाएं, शांत रहें और वन विभाग की हेल्पलाइन या आपातकालीन नंबर 112 पर तुरंत संपर्क करें। सांप को खुद पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें।

अजमेर अस्पताल आईसीयू सांप की यह घटना एक चेतावनी है — अस्पतालों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सिर्फ कागजी दावे नहीं, जमीनी कार्रवाई की जरूरत है। आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड तक सांप का पहुंच जाना यह दिखाता है कि रखरखाव में गंभीर खामियां हैं। स्वास्थ्य विभाग को इस घटना की गहन जांच कराकर अस्पताल परिसरों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के ठोस कदम उठाने चाहिए। (स्रोत: पत्रिका)

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