एक डॉक्टर के भरोसे ब्लॉक-स्तर का स्वास्थ्य केंद्र
दौसा जिले के आभानेरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की हकीकत ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनडीटीवी राजस्थान की टीम जब सुबह निर्धारित ओपीडी समय पर इस स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था — डॉक्टरों के स्वीकृत 5 पदों में से 4 पद खाली थे और पूरा स्वास्थ्य केंद्र महज एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा था। ओपीडी के समय में अधिकांश कर्मचारी और चिकित्साकर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले, जबकि इलाज के लिए आए मरीज घंटों डॉक्टर का इंतजार करते भटकते नजर आए।
यह खुलासा आभानेरी CHC डॉक्टर कमी की समस्या को एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है — ऐसी समस्या जो सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि राजस्थान के कई ग्रामीण इलाकों की हकीकत है।
रियलिटी चेक में क्या-क्या मिला
रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह ओपीडी के समय अस्पताल में केवल गिने-चुने कर्मचारी ही मौजूद थे। डॉक्टरों के 5 स्वीकृत पदों में से 4 खाली होने का मतलब साफ है — जो एक डॉक्टर मौजूद है, उस पर पूरे केंद्र का बोझ है, चाहे वह ओपीडी देखे, वार्ड संभाले या आपात स्थिति में फैसले ले।
अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। कुछ मरीज सुबह से डॉक्टर के इंतजार में बैठे दिखे, तो कुछ इलाज की उम्मीद में इधर-उधर भटकते नजर आए। यह स्थिति तब है जब सरकार की ओर से लगातार दावा किया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई अचानक हुई कमी नहीं है। डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, और स्टाफ की गैरमौजूदगी ओपीडी के नियमित समय में दर्ज हुई है — यानी यह एक दिन की लापरवाही नहीं, व्यवस्था की पुरानी बीमारी है।
चांद बावड़ी का गांव, लेकिन स्वास्थ्य की दयनीय तस्वीर
आभानेरी कोई अनजान गांव नहीं है। चांद बावड़ी और हर्षत माता मंदिर के लिए मशहूर यह गांव देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है — हाल ही में आभानेरी महोत्सव में भी हजारों सैलानी यहां पहुंचे थे। लेकिन पर्यटन के नक्शे पर चमकने वाले इस गांव के अपने लोगों को बुनियादी इलाज के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है — यह विरोधाभास प्रशासन के लिए शर्मिंदगी की वजह बन सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त डॉक्टर और नियमित सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। रियलिटी चेक में भी ग्रामीणों ने यही मांग दोहराई — स्टाफ की कमी दूर हो और अस्पताल में नियमित चिकित्सकीय सुविधाएं बहाल हों।
आभानेरी CHC: एक नजर में (रियलिटी चेक, 18 अक्टूबर 2026)
| बिंदु | स्थिति |
| स्थान | आभानेरी, जिला दौसा |
| स्वास्थ्य केंद्र का प्रकार | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) |
| डॉक्टरों के स्वीकृत पद | 5 |
| खाली पद | 4 |
| कार्यरत डॉक्टर | 1 |
| ओपीडी समय में स्टाफ की उपस्थिति | अधिकांश कर्मचारी नदारद |
| मरीजों की शिकायत | समय पर डॉक्टर/इलाज नहीं मिलता |
| ग्रामीणों की मांग | स्टाफ की कमी दूर हो, नियमित सुविधाएं मिलें |
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ आभानेरी का नहीं है। राजस्थान के कई ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद खाली पड़े हैं। कारण कई गिनाए जाते हैं — डॉक्टरों का शहरों में रहना पसंद करना, ग्रामीण पदस्थापन से बचना, और तबादलों की राजनीति। लेकिन नतीजा एक ही होता है: गांव का गरीब मरीज या तो बिना इलाज लौटता है, या मजबूरी में निजी अस्पतालों का महंगा रुख करता है।
सरकार की ओर से समय-समय पर डॉक्टरों की भर्ती और पदस्थापन के दावे किए जाते हैं, लेकिन आभानेरी जैसे केंद्रों की हकीकत इन दावों की जमीनी परख करती है। अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस रियलिटी चेक के बाद आभानेरी CHC में खाली पदों को भरेगा, या यह रिपोर्ट भी फाइलों में दबकर रह जाएगी?
मरीजों के लिए काम की जानकारी
अगर आपको या आपके परिजन को सरकारी अस्पताल में इलाज में दिक्कत आ रही है, तो ये विकल्प काम आ सकते हैं:
- राजस्थान सम्पर्क 181: स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायत इस हेल्पलाइन/पोर्टल पर दर्ज कराएं।
- 108 एम्बुलेंस सेवा: आपात स्थिति में निःशुल्क एम्बुलेंस के लिए 108 डायल करें।
- नजदीकी जिला अस्पताल: गंभीर स्थिति में सीधे दौसा जिला अस्पताल या जयपुर के सरकारी अस्पताल जाएं।
- मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना: सरकारी अस्पतालों में जरूरी जांचें निःशुल्क उपलब्ध हैं — इसकी जानकारी अस्पताल के हेल्प डेस्क से लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. आभानेरी CHC में कितने डॉक्टर के पद खाली हैं?
डॉक्टरों के स्वीकृत 5 पदों में से 4 पद खाली हैं। पूरा स्वास्थ्य केंद्र एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है।
2. रियलिटी चेक में क्या पाया गया?
सुबह ओपीडी के समय अधिकांश कर्मचारी और चिकित्साकर्मी मौजूद नहीं मिले। मरीज डॉक्टर का इंतजार करते और इलाज के लिए भटकते नजर आए।
3. आभानेरी कहां स्थित है?
आभानेरी राजस्थान के दौसा जिले का गांव है, जो चांद बावड़ी और हर्षत माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।
4. ग्रामीणों की क्या मांग है?
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी दूर करने और नियमित चिकित्सकीय सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।
यह रिपोर्ट एनडीटीवी राजस्थान के 18 अक्टूबर 2026 के रियलिटी चेक पर आधारित है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आते ही खबर अपडेट की जाएगी।