उदयपुर में पर्यटन को नई दिशा: होटल एसोसिएशन ने मांगा मास्टर प्लान, पार्किंग से नाइट फूड कोर्ट तक रखे सुझाव
उदयपुर घूमने आने वाले पर्यटक अक्सर एक-दो दिन में शहर देखकर आगे बढ़ जाते हैं। होटल कारोबारियों का मानना है कि घूमने-ठहरने के और विकल्प मिलें तो पर्यटक ज्यादा दिन रुकेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा होगा। इसी सोच के साथ होटल एसोसिएशन उदयपुर के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पर्यटन विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर सुमिता सरोच से मुलाकात की। बैठक में समग्र पर्यटन मास्टर प्लान, पार्किंग, नाइट फूड कोर्ट, एयरपोर्ट बस सेवा और नाथद्वारा तक इलेक्ट्रिक बस सेवा के विस्तार जैसे कई अहम सुझाव रखे गए।
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष उषा शर्मा, सचिव विकास पोरवाल, अजय सिंह बोहेड़ा, मनीष गलुंडिया, सुदर्शन देव सिंह कारोही सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। ज्वाइंट डायरेक्टर ने सुझावों पर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि पर्यटकों को असुविधा न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा और उठाए गए विषयों पर उचित स्तर पर विचार होगा।
सबसे बड़ी मांग: उदयपुर के लिए बने समग्र पर्यटन मास्टर प्लान
प्रतिनिधिमंडल की सबसे अहम मांग थी कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उदयपुर के लिए एक समग्र पर्यटन मास्टर प्लान तैयार किया जाए। एसोसिएशन के सचिव विकास पोरवाल के अनुसार इस मास्टर प्लान में पर्यटन स्थलों के विकास के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पर्यटन सीजन में प्रमुख स्थलों के आसपास पार्किंग की किल्लत आम शिकायत रही है, इसलिए मास्टर प्लान में इन बुनियादी मुद्दों का स्थायी समाधान जरूरी बताया गया।
पर्यटक ज्यादा दिन रुकें: एडवेंचर जोन और नए आकर्षण की जरूरत
बैठक में यह बात भी रखी गई कि शहर के आसपास नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएं और एडवेंचर जोन तैयार करके एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। एसोसिएशन का तर्क है कि नए आकर्षण विकसित होने से पर्यटकों के पास रुकने के और कारण होंगे, जिससे ठहराव बढ़ेगा। इसी कड़ी में राजीव गांधी पार्क को विश्वस्तरीय उद्यान बनाने की मांग उठी — प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उदयपुर विकास प्राधिकरण ने हाल ही में नेहरू गार्डन का सुंदर नवीनीकरण किया है, उसी तर्ज पर राजीव गांधी पार्क विकसित हो तो यह पर्यटकों का नया आकर्षण केंद्र बन सकता है।
शाम के बाद भी जिए शहर: नाइट फूड कोर्ट का सुझाव
शाम के बाद पर्यटकों के लिए खान-पान और मनोरंजन के सीमित विकल्पों को देखते हुए शहर में रात्रिकालीन फूड कोर्ट विकसित करने का सुझाव दिया गया। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि नाइट फूड कोर्ट से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शाम के बाद बेहतर खान-पान और मनोरंजन की सुविधा मिलेगी। कई पर्यटक दिनभर घूमने के बाद शाम को शहर के माहौल का आनंद लेना चाहते हैं — एक व्यवस्थित फूड कोर्ट पर्यटक अनुभव बेहतर करेगा और स्थानीय खान-पान व्यवसाय को नया बाजार देगा।
सफर हो आसान: एयरपोर्ट बसें और नाथद्वारा तक इलेक्ट्रिक बस
परिवहन से जुड़े दो अहम सुझाव भी रखे गए। पहला — उदयपुर शहर से डबोक एयरपोर्ट के बीच चलने वाली सिटी बसों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि एयरपोर्ट से शहर तक बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिले। दूसरा — नगर निगम की इलेक्ट्रिक बस सेवा का हाल में एकलिंगजी तक विस्तार हुआ है, जिसका स्वागत करते हुए इसे नाथद्वारा तक बढ़ाने की मांग रखी गई, ताकि श्रीनाथजी के दर्शनार्थी सुलभ परिवहन से नाथद्वारा पहुंच सकें।
बुनियादी सहूलियतें और डिजिटल प्रमोशन पर भी जोर
पर्यटक अनुभव बेहतर बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की आवश्यकता जताई, साथ ही पहले से बने शौचालयों की स्थिति सुधारने और मुख्य बाजार क्षेत्रों में विशेष रूप से महिला शौचालय बनाने की मांग रखी। इसके अलावा उदयपुर सहित राजस्थान के पर्यटन स्थलों के प्रचार को और व्यापक बनाने का आग्रह किया गया — सोशल मीडिया, ट्रैवल ब्लॉगर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के जरिए ब्रांडिंग बढ़ाने का सुझाव दिया गया, ताकि युवा पर्यटकों तक पहुंच मजबूत हो।
ज्वाइंट डायरेक्टर ने क्या कहा
बैठक के अंत में ज्वाइंट डायरेक्टर सुमिता सरोच ने सुझावों पर सकारात्मक रुख जताया और कहा कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को असुविधा न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा। पार्किंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित विभिन्न विषयों पर उचित स्तर पर विचार करने की बात उन्होंने कही।
ध्यान रहे कि ये बिंदु अभी सुझाव और मांगों के स्तर पर हैं — अंतिम निर्णय पर्यटन विभाग और संबंधित एजेंसियों को लेना है। लेकिन होटल उद्योग की ओर से एकजुट होकर रखी गई इन मांगों से साफ है कि उदयपुर का पर्यटन कारोबार प्रशासन के साथ मिलकर शहर को अगले स्तर पर ले जाने को तैयार है।
मांगें एक नजर में
| मांग/सुझाव | उद्देश्य |
|---|---|
| उदयपुर के लिए समग्र पर्यटन मास्टर प्लान | इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात और पार्किंग का सुनियोजित विकास |
| नए पर्यटन स्थल और एडवेंचर जोन | पर्यटकों के ठहराव में बढ़ोतरी |
| राजीव गांधी पार्क का विश्वस्तरीय विकास | शहर में नया आकर्षण केंद्र |
| रात्रिकालीन फूड कोर्ट | शाम के बाद खान-पान और मनोरंजन की सुविधा |
| डबोक एयरपोर्ट तक ज्यादा सिटी बसें | एयरपोर्ट से शहर तक आसान सार्वजनिक परिवहन |
| इलेक्ट्रिक बस सेवा का नाथद्वारा तक विस्तार | श्रीनाथजी दर्शनार्थियों के लिए सुलभ सफर |
| आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, महिला शौचालय | मुख्य बाजार क्षेत्रों में बुनियादी सुविधा |
| डिजिटल माध्यमों से पर्यटन प्रमोशन | सोशल मीडिया और क्रिएटर्स से ब्रांडिंग |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
होटल एसोसिएशन ने उदयपुर के लिए सबसे बड़ी मांग क्या रखी?
एसोसिएशन ने उदयपुर के लिए एक समग्र पर्यटन मास्टर प्लान तैयार करने की मांग रखी है, जिसमें पर्यटन स्थलों के विकास के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात व्यवस्था और पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है।
क्या नाथद्वारा तक बस सेवा शुरू हो गई है?
अभी नहीं। नगर निगम की इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार हाल ही में एकलिंगजी तक हुआ है। एसोसिएशन ने इसे नाथद्वारा तक बढ़ाने का सुझाव दिया है, ताकि श्रीनाथजी के दर्शन के लिए जाने वाले पर्यटकों को सुलभ परिवहन मिल सके। इस पर अंतिम निर्णय प्रशासन को लेना है।
नाइट फूड कोर्ट की मांग क्यों उठी?
एसोसिएशन का कहना है कि शाम के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खान-पान और मनोरंजन के बेहतर विकल्प मिलने से पर्यटक अनुभव सुधरेगा और स्थानीय व्यवसाय को भी फायदा होगा।
बैठक में पर्यटन विभाग की ओर से क्या प्रतिक्रिया मिली?
पर्यटन विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर सुमिता सरोच ने सुझावों पर सकारात्मक रुख जताया और कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा तथा उठाए गए विषयों पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
होटल एसोसिएशन उदयपुर के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष उषा शर्मा, सचिव विकास पोरवाल, अजय सिंह बोहेड़ा, मनीष गलुंडिया, सुदर्शन देव सिंह कारोही सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।