बीकानेर के जिन मोहल्लों में आप रोज़ आना-जाना करते हैं, हो सकता है उन्हीं में से कोई इस वक्त डेंगू के हाई रिस्क जोन में आ चुका हो। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 12 शहरी इलाकों को हाई रिस्क जोन घोषित कर दिया है, और पीबीएम अस्पताल में हालात इस कदर हैं कि हर दिन 70 से 80 मरीज डेंगू की जांच के लिए आ रहे हैं। मानसून की विदाई के बाद यह वही समय है जब मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां तेजी पकड़ती हैं, और बीकानेर में इस बार रफ्तार पहले से तेज दिख रही है।
हाई रिस्क जोन में ये 12 इलाके शामिल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीकानेर शहर के जिन इलाकों से सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, उन्हें चिह्नित करके सूची जारी की गई है। डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. लोकेश गुप्ता के अनुसार ये हैं वो इलाके:
तिलक नगर, आंबेडकर कॉलोनी, शिवबाड़ी, रानीबाजार इंडस्ट्रियल एरिया, बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया, शीतला गेट, लाल गुफा, धोबी धोरा, धोबी तलाई, पुरानी गिनाणी, हनुमान हत्था और जेएनवी क्षेत्र।
अगर आप इनमें से किसी इलाके में रहते हैं या रोज़ वहां से गुजरते हैं, तो अगले कुछ हफ्तों तक अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। विभाग ने इन सभी इलाकों में विशेष स्वास्थ्य दल तैनात कर दिए हैं।
अस्पताल के आंकड़े क्या बता रहे हैं
संख्याओं की बात करें तो तस्वीर और साफ हो जाती है। पीबीएम अस्पताल में पिछले 24 घंटों के भीतर वायरल बुखार के 70 मरीजों की जांच हुई, जिनमें से 7 डेंगू पॉजिटिव पाए गए। यह महज एक दिन का आंकड़ा है।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| पिछले 24 घंटे में जांच | 70 वायरल बुखार के मरीज, 7 डेंगू पॉजिटिव |
| जनवरी से अब तक डेंगू जांच | 4,505 लोग |
| कुल पॉजिटिव केस | 81 (43 आईपीडी में भर्ती, 38 ओपीडी के) |
| बीकानेर जिले के केस | 57 (शेष 24 अन्य जिलों से) |
| रोज की स्थिति | 70–80 लोगों की जांच, 5 से 7 पॉजिटिव |
| मेडिसिन ओपीडी | रोज 800 से 1,000 मरीज |
| मलेरिया केस (जनवरी से अब तक) | सिर्फ 11 |
सबसे ज्यादा केस अगस्त और सितंबर में दर्ज हुए हैं, जो यह बताता है कि मानसून के बाद का समय सबसे नाजुक है। राहत की बात यह है कि डेंगू अभी गंभीर मोड में नहीं पहुंचा है। मलेरिया के केस भी जनवरी से अब तक सिर्फ 11 ही रिपोर्ट हुए हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के बाद इन बीमारियों के मरीजों की संख्या का बढ़ना तय है। इसलिए विभाग ने पहले से ही कमर कस ली है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी: घर-घर तक पहुंचेगी टीमें
मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कई मोर्चों पर काम शुरू कर दिया है।
- पहला मोर्चा — एंटी लार्वा एक्टिविटी: प्रभावित इलाकों में व्यापक स्तर पर मच्छरों के लार्वा को खत्म करने का अभियान चल रहा है। घरों के आसपास जमा पानी, कूलर, गमलों और खुले बर्तनों की जांच की जा रही है।
- दूसरा मोर्चा — विशेष स्वास्थ्य दल: हाई रिस्क जोन घोषित इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो लक्षणों वाले मरीजों की पहचान और जांच में लगी हैं।
- तीसरा मोर्चा — निगरानी: रोज 70–80 लोगों की लक्षणों के आधार पर डेंगू जांच की जा रही है, ताकि कोई केस छूटे नहीं।
डेंगू के लक्षण पहचानें — समय पर पहचान ही बचाव है
डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, खासकर सुबह और शाम के समय। तेज बुखार के साथ इन लक्षणों पर ध्यान दें: अचानक तेज बुखार (103–105°F तक), सिर में तेज दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज, थकान और कमजोरी।
चेतावनी वाले लक्षण (तुरंत अस्पताल जाएं): पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी। ये डेंगू के गंभीर रूप के संकेत हो सकते हैं।
घर पर बचाव के आसान उपाय
डेंगू से बचने का सबसे असरदार तरीका मच्छरों को पनपने ही न देना है:
- पानी जमा न होने दें: कूलर, गमले, टायर, खुले बर्तन — हर हफ्ते साफ करें
- मच्छरदानी और रिपेलेंट: सोते समय मच्छरदानी, दिन में रिपेलेंट क्रीम
- पूरे कपड़े पहनें: सुबह-शाम फुल स्लीव कपड़े पहनें
- खिड़की-दरवाजों पर जाली: घर में मच्छरों के प्रवेश पर रोक लगाएं
- आसपास सफाई: गली-मोहल्ले में कचरा और रुका पानी हटवाएं
याद रखें — डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए घर की साफ-सफाई ही सबसे बड़ी दवा है।
कब डॉक्टर के पास जाएं
बुखार 2–3 दिन से ज्यादा रहे, या चेतावनी वाले लक्षण दिखें, तो देर न करें। पीबीएम अस्पताल में रोज जांच की सुविधा उपलब्ध है। खुद से दवा लेने के बजाय जांच करवाना हमेशा बेहतर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: बीकानेर में डेंगू के कितने केस आए हैं?
उत्तर: जनवरी से अब तक 81 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। रोज 5 से 7 नए केस सामने आ रहे हैं।
प्रश्न 2: हाई रिस्क जोन कौन-कौन से हैं?
उत्तर: तिलक नगर, आंबेडकर कॉलोनी, शिवबाड़ी, रानीबाजार और बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया, शीतला गेट, लाल गुफा, धोबी धोरा, धोबी तलाई, पुरानी गिनाणी, हनुमान हत्था और जेएनवी क्षेत्र।
प्रश्न 3: डेंगू का मच्छर कब काटता है?
उत्तर: डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में काटता है, खासकर सुबह और शाम के समय। यह साफ जमे पानी में पनपता है।
प्रश्न 4: डेंगू से बचाव का सबसे आसान तरीका क्या है?
उत्तर: घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और बुखार होने पर तुरंत जांच करवाएं।
बीकानेर में डेंगू का बढ़ता ग्राफ एक चेतावनी है, लेकिन घबराने की नहीं — सतर्क रहने की। स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से टीमें और अभियान चला रहा है, लेकिन असली लड़ाई घर-घर से शुरू होती है।